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Wednesday, November 16, 2016

दैनिक समसामयिकी 16 November 2016(Wednesday)

दैनिक समसामयिकी 16 November 2016(Wednesday)
1.भारत यात्रा पर आए इजरायल के राष्ट्रपति रुवेन रिवलिन ने मोदी के साथ की द्विपक्षीय वार्ता
• कभी पाकिस्तान की सरकार तो कभी वहां के राजनेता भारत और इजरायल के रिश्तों को अपने हितों के खिलाफ साजिश बताते रहते हैं। आने वाले दिनों में भारत पर पाकिस्तान इस तरह के और ज्यादा आरोप लगा सकता है। 

• मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इजरायल के राष्ट्रपति रुवेन रिवलिन के बीच आतंकवाद के खिलाफ सहयोग पर हुई चर्चा से पाकिस्तानी हुक्मरानों में खलबली मचेगी। दोनों नेता आतंकवादी संगठनों और उन्हें बढ़ावा देने वाले देशों के खिलाफ भी कार्रवाई किए जाने पर सहमत हुए।
• रिवलिन से बातचीत के बाद मोदी ने बताया कि आतंकवाद से दोनों देशों की जनता समान रूप से परेशान है। पाकिस्तान का नाम लिए बगैर मोदी ने कहा कि यह दुर्भाग्य की बात है कि भारत का एक पड़ोसी देश आतंकवाद को बढ़ावा देने में जुटा है। 
• दोनों देश इस बात पर सहमत हैं कि केवल आतंकवादी संगठनों के नेटवर्क के खिलाफ ही नहीं, बल्कि उन्हें मदद देने वाले देशों पर भी अंतरराष्ट्रीय समुदाय को और कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। 
• मोदी ने रक्षा उत्पादन के लिए इजरायल की कंपनियों को आमंत्रित किया। इसके जवाब में रिवलिन कहा कि हम सिर्फ मेक इन इंडिया ही नहीं चाहते, बल्कि मेक विथ इंडिया के लिए भी तैयार हैं। 
• बताते चलें कि पाकिस्तान कई बार भारत व इजरायल के बीच बढ़ते रक्षा सहयोग को अपने खिलाफ साजिश बता चुका है। भारत, इजरायल के हथियारों का सबसे बड़ा खरीदार देश है। भारत कई तरह के हथियार, मिसाइल सिस्टम एवं अन्य रक्षा उपकरण खरीदता है। हालांकि दोनों देश इनके बारे में खुल कर बोलने से हिचकते रहते हैं। 
• खाड़ी देशों के साथ पारंपरिक रिश्तों के कारण भारत का कोई पीएम अब तक इजरायल की यात्र पर नहीं जा सका है। मोदी के वहां जाने की चर्चा उनके प्रधानमंत्री बनने के समय से चल रही है। इस संबंध में सरकार अभी तक दो टूक फैसला नहीं कर पाई है। 
• माना जा रहा है कि खाड़ी देशों के साथ मोदी ने रिश्तों में नई गर्माहट लाने की जो कोशिश की है उसी के तहत इजरायल की यात्रा को फिलहाल टाला गया है। वैसे लगभग एक साल पहले राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने इजरायल की यात्रा की थी। रिवलिन की यात्र के बाद मोदी के वहां जल्द जाने की संभावना है। 
• रिवलिन संग वार्ता के बाद प्रेस को संबोधित करते हुए मोदी ने संकेत दिया कि दोनों देश द्विपक्षीय संबंधों को अब रक्षा क्षेत्र के दायरे से निकाल कर बहुआयामी बनाना चाहते हैं।
2. नोटबंदी के आदेश पर रोक से सुप्रीम कोर्ट का इन्कार
• सुप्रीम कोर्ट ने 500 और 1000 के नोट की बंदी के आदेश पर रोक लगाने से इन्कार कर दिया। हालांकि कोर्ट ने सरकार से कहा है कि वह जनता की परेशानियों का निराकरण करे। 
• कोर्ट ने कहा कि वह कालेधन के खिलाफ सरकार की लड़ाई पर सवाल नहीं उठा रहा लेकिन उसे लोगों की परेशानी की चिंता है। सरकार को जनता की परेशानियां दूर करने के लिए कुछ करना चाहिए। मामले पर 25 नवंबर को फिर सुनवाई होगी। 
• मुख्य न्यायाधीश टीएस ठाकुर की अध्यक्षता वाली पीठ ने नोटबंदी के खिलाफ दाखिल जनहित याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए मंगलवार को केंद्र सरकार से कहा कि वह हलफनामा दाखिल कर बताए कि स्थिति से निपटने को क्या उपाय किये हैं। सरकार की पैरोकारी कर रहे अटार्नी जनरल मुकुल रोहतगी से कहा कि आप इसे ब्लैकमनी के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक कह रहे हो लेकिन इन्हें (याचिकाकर्ताओं) ये कारपेट बॉम्बिग लग रही है। 
• आम जनता परेशान है। लोग घंटों लाइन में खड़े हैं। सब्जी वाला, कारपेंटर, घरेलू काम करने वाले लोग नगदी पर निर्भर हैं क्या सरकार उनकी परेशानियां कम कर सकती है। सरकार कालेधन, आतंकवाद और गैरकानूनी गतिविधियों पर लगाम लगाने के उद्देश्य से ऐसा कर रही है लेकिन ये आम धारणा है कि इससे लोग परेशान हो रहे हैं। रोहतगी ने कहा कि रोजाना उचस्तर पर स्थिति की निगरानी हो रही है और जरूरत के मुताबिक और उपाय किये जा रहे हैं। जिसके पास नकद है उस हर व्यक्ति के पैसे को कालाधन नहीं कहा जा सकता।
• जब कोर्ट ने पूछा कि सरकार इन पुराने नोटों का क्या करेगी। तो अटार्नी जनरल ने कहा कि 31 दिसंबर से पहले कानून लाना पड़ेगा जिसमें 500 और 1000 के इन पुराने नोटों को रखना, उसका उपयोग या ट्रांसफर करना दंडनीय होगा। 
• इससे पहले याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि सरकार जिसे कालेधन के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक कह रही है वो वास्तव में आम जनता के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक है। उन्होंने आरबीआइ एक्ट की धारा 26(2) का हवाला देते हुए कहा कि सरकार इस तरह विमुद्रीकरण (नोट बंद करना) नहीं कर सकती। सिब्बल ने जनता की परेशानियां बताते हुए कहा कि एटीएम से पैसे नहीं निकल रहे। लोग घंटो लाइन में खड़े हैं। 
• जिन नोटों को बंद किया गया है वे नगदी अर्थव्यवस्था का 86 फीसद हिस्सा थे। अर्थव्यवस्था में कुछ ऐसे भी हिस्से हैं जिसमें लेनदेन नकद में होता है लेकिन उसे काला धन नहीं कहा जा सकता। वे काले धन के खिलाफ सरकार का समर्थन करते हैं लेकिन सरकार के इस कदम के पीछे कोई तर्कसंगत आधार नहीं है। सरकार जिन खातों की बात कर रही है उनमें से 53 फीसद खाते डोरमेन्ट हैं जिनमें लेन-देन नहीं होता। उन्होंने कहा कि बैंक हमारे पैसे का ट्रस्टी है, वह हमें मेरा पैसा लेने से कैसे रोक सकता है। 
• सिर्फ दो लाख एटीएम हैं, लोगों का काम कैसे चलेगा। उन्होंने कहा कि नोट बंदी की सूचना पहले जारी करना संभव नहीं था। पर इस बीच बैकिंग सिस्टम मजबूत हुआ है। 24 करोड़ खाते हैं एक परिवार में 5 लोग मान लें तो 124 करोड़ लोग बैंकिंग से जुड़े हैं। सरकार ने पांच तरह के पहचान पत्रों पर नोट बदलने की सुविधा दी है।
• अभी तक 55000 करोड़ रुपये एटीएम और बैंक के जरिये बांटे जा चुके हैं। आरबीआइ के प्रिंटिंग प्रेस 24 घंटे काम कर रही है। अगर पहले से 10 लाख करोड़ रुपये छाप लिये जाते तो उद्देश्य निष्फल हो जाता।
3. ओबामा ने ईरान, पेरिस समझौतों को रद्द करने के खिलाफ चेताया
• अमेरिका के निवर्तमान राष्ट्रपति बराक ओबामा ने नवनिर्वाचित अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को चेताया कि वह ईरानी परमाणु समझौते एवं पेरिस जलवायु परिवर्तन समझौते जैसे अंतरराष्ट्रीय निर्णयों को रद्द नहीं करें और कहा कि इन ऐतिहासिक समझौतों पर हस्ताक्षर करने के लिए बहुत प्रयास किए गए हैं।
• ओबामा ने व्हाइट हाउस में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, यदि आपको वास्तव में उनकी जांच करने के बाद पता लगता है कि यह अंतरराष्ट्रीय समझौते हमारे लिए अच्छे हैं तो यह परंपरा है कि आप उन्हें अन्य प्रशासनों में आगे लेकर जाते हैं और अन्य देशों को ऐसे काम करने के लिए बाध्य बनाते हैं जिनसे आपकी मदद होती है। 
• उन्होंने कहा, ईरानी परमाणु समझौता इस शहर में हुई कुछ बयानबाजी, जो कि नवनिर्वाचित राष्ट्रपति के लिए नई बात नहीं है, और वास्तविकता के बीच ‘‘अंतर’ का अच्छा उदाहरण है।ओबामा ने कहा, मुझे लगता है कि ईरान समझौता होने से पहले इसके गुणदोषों के बारे में वास्तव में जोरदार बहस हुई। हमारे प्रशासन ने जिस प्रकार इसे तैयार किया, मैं वास्तव में उसे लेकर बहुत गौरवान्वित हूं। 
• मुझे लगता है कि मामले के दोनों पक्षों में सद्भावना रखने वाले लोग थे। अंतत: हम इसे समर्थन देने के लिए कांग्रेस के सदस्यों और लोगों, कम से कम उनकी पर्याप्त संख्या को राजी करने में सफल रहे। ओबामा ने कहा, उस समय इसके खिलाफ मुख्य र्चचा यह थी कि ईरान इस समझौते का पालन नहीं करेगा। वह धोखा देगा। अब हमारे पास सबूत है कि एक साल में उसने समझौते का पालन किया है। 
• यह केवल मेरी राय नहीं है। यह केवल मेरे प्रशासन के लोगों की राय नहीं है। यह इसाइली सेना एवं खुफिया अधिकारियों की राय है जो इस समझौते का जोरदार विरोध करने वाली सरकार का हिस्सा हैं। 
• ओबामा ने पेरिस जलवायु समझौते के बारे में कहा कि इस अंतरराष्ट्रीय समझौते को रद्द करने की संभावना पर बहुत बातचीत हुई है। उन्होंने कहा, अब आपके पास 200 देश हैं जिन्होंने इस समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।
4. नौसेना को मिलेंगे नए पी-8आइ विमान
• समुद्री सीमाओं की निगरानी के लिए आर्डर किए गए चार अत्याधुनिक पोसाइडन-8आइ यानी पी-8आइ की डिलीवरी साल 2020 से शुरू हो जाएगी। इसी साल चार में से पहला विमान भारत पहुंचने की उम्मीद है। बाकी तीन की डिलीवरी भी इसके अगले वर्ष 2021 तक पूरी होने की उम्मीद है।
• भारत ने समुद्री सीमाओं की सुरक्षा के लिए उसकी निगरानी की जरूरत को देखते हुए इसी साल जुलाई में इन विमानों के लिए बोइंग के साथ सौदे पर हस्ताक्षर किए थे। 
• इससे पहले भारत बोइंग से ही आठ पी-8आइ खरीद चुका था। इन आठों विमानों के लिए साल 2009 में सौदा हुआ था। भारत उस वक्त अमेरिकी नौसेना के बाद पहला देश था जिसने यह विमान खरीदे थे। उसके बाद आस्ट्रेलिया भी अपनी नौसेना के लिए पी-8 खरीद चुका है। नए विमानों की डिलीवरी के बाद भारतीय नौसेना के पास कुल 12 पी-8आइ हो जाएंगे। 
• माना जाता है कि भारत को अपनी पूरी समुद्री सीमाओं की निगरानी के लिए कम से कम 26 से 28 ऐसे जहाजों की आवश्यकता है। इसलिए भारतीय नौसेना इनकी संख्या आगे चलकर और बढ़ा भी सकती है। बताया जाता है कि इन चार विमानों का सौदा एक अरब डालर में हुआ है।
• बोइंग का यह विमान बी-737 यात्री विमान के ढांचे पर तैयार किया गया है। इस अत्याधुनिक विमान में निगरानी के साथ-साथ अपनी रक्षा और बचाव की भी व्यवस्था की गई है। इसके डिजाइन और उपकरणों को लेकर अमेरिकी नौसेना ने काफी काम किया है और उसी के आधार पर इसका निर्माण किया जा रहा है। 
• पी-8आइ में हारपून, जमीन से हवा और हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलों को ढोने और मार करने की क्षमता है। इसमें कुल मिलाकर नौ स्टेशन बनाए गए हैं जहां हथियार ले जाए जा सकते हैं। इनमें चार पंखों पर और पांच विमान की बॉडी के नीचे फिट किए जा सकते हैं। 
• पी-8आइ में इंजन बोइंग 737 का ही लगाया गया है लेकिन अतिरिक्त ऊर्जा की जरूरतों को पूरा करने के लिए जेनरेटर भी फिट किया गया है। 
• यहां बोइंग के पी-8 परियोजना से जुड़े बोइंग मिलेट्री एयरक्राफ्ट के चीफ इंजीनियर मार्क जॉर्डन ने बताया कि इस विमान में एंटी सबमैरीन वारफेयर भी ले जाए जा सकते हैं। इस विमान को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि इसे आपदा प्रबंधन और अन्य मानवीय आपदाओं के दौरान राहत के लिए भी इस्तेमाल लायक बनाया जा सकता है। 
• किसी भी प्रकार के मौसम और ऊंचाई पर इस्तेमाल में सक्षम पी-8आइ ईंधन की दिक्कत होने पर हवा में रहते हुए ही ईंधन ले सकता है। इस विमान के संचालन के लिए कुल नौ लोगों की आवश्यकता होती है।
• इनमें दो पायलट, दो आब्जर्वर और पांच वेपन (हथियार) ऑपरेटर शामिल हैं। इन ऑपरेटरों के लिए विमान में अत्याधुनिक ऑपरेशन कंट्रोल पैनल की व्यवस्था है।
• पी-8 की काबिलियत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अमेरिकी नौसेना ऐसे 117 विमानों की आवश्यकता बता चुकी है। अभी तक बोइंग से अमेरिकी नौसेना 80 पी-8 खरीदने का सौदा कर चुकी है जिनमें से 47 की डिलीवरी की जा चुकी है। 
• इसके अलावा आस्ट्रेलिया की नौसेना भी इनका इस्तेमाल कर रही है। भारतीय नौसेना ने अपने पी-8आइ की तैनाती फिलहाल हिंद महासागर में कर रखी है।
5. रोजाना प्रति व्यक्ति 500 ग्राम दूध उत्पादन का लक्ष्य
• सरकार ने किसानों की आय और पोषण सुरक्षा के लिए प्रति व्यक्ति दूध की उपलब्धता बढ़ाने तथा 2022 तक देश में प्रतिदिन प्रति व्यक्ति 500 ग्राम दूध उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया है।
• कृषि मंत्री राधामोहन सिंह ने मंगलवार को डेयरी उद्योग हितधारकों के सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए कहा कि देश में वर्तमान में प्रतिदिन प्रति व्यक्ति 337 ग्राम दूध का उत्पादन है, जिसे बढ़ाकर प्रतिदिन प्रति व्यक्ति 500 ग्राम करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। 
• विश्व में प्रतिदिन प्रति व्यक्ति 299 ग्राम दूध उपलब्ध है। सिंह ने कहा कि किसानों की आय केवल न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाने से बढ़ नहीं सकती है। इसके लिए पशुपालन, डेयरी, बागवानी और मत्स्य पालन के क्षेत्र में भी काफी कुछ करने की जरूरत है ताकि उनकी आय में दोगुनी वृद्धि हो।उन्होंने कहा कि किसान जितना दूध का उत्पादन करते हैं, उसमें से आधे की खपत घरेलू स्तर पर हो जाती है जबकि 25 प्रतिशत को हाट बाजार में बेच दिया जाता है। 
• लगभग 10 प्रतिशत दूध का उपयोग निजी क्षेत्र में किया जाता है। इसके अलावा 12 से 15 प्रतिशत दूध की खरीद सहकारी समितियां करती हैं। सहकारी क्षेत्र में दूध बेचने वाले किसानों को अच्छी आय प्राप्त होती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब भी दूध की कीमत में वृद्धि की जाती है तो इसका लाभ किसानों को भी मिलना चाहिए। राधामोहन ने कहा कि पिछले 10 से 15 वर्ष के दौरान विश्व में दूध का औसत विकास दर 2.2 प्रतिशत रहा है जबकि देश में इसका विकास दर 4.2 प्रतिशत रहा है। 
• वर्ष 2015-16 के दौरान देश में दूध का विकास दर 6.7 प्रतिशत था। आजादी के समय देश में प्रति व्यक्ति 130 ग्राम दूध उपलब्ध था। उन्होंने कहा कि देश में 80 प्रतिशत दुधारू पशु देसी के हैं, जिनका दूध उत्पादन में केवल 20 प्रतिशत योगदान है जबकि 20 प्रतिशत संकर और विदेशी नस्ल के हैं, जो 80 प्रतिशत दूध का उत्पादन करते हैं। 
• देसी दुधारू पशुओं में नस्ल सुधार का प्रयास किया जा रहा है और इसे नयी गति दी जा रही है। राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत अब तक 27 राज्यों में 35 परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं, जिन पर 500 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जाएंगे। कृषि मंत्री राधामोहन सिंह ने कहा कि देसी गायों में जलवायु परिवर्तन का असर काफी कम देखा गया है जबकि संकर और विदेशी नस्ल की गायों पर बीमारियों का प्रकोप बढ़ता है तथा इनकी प्रजनन क्षमता भी प्रभावित होती है। 
• देश में 50 करोड़ रुपये की लागत से दो राष्ट्रीय कामधेनु पशु प्रजनन केन्द्र स्थापित किये गये हैं। ये केन्द्र मध्य प्रदेश और आन्ध्र प्रदेश में हैं।
6. सुंदरवन में बढ़ी बाघों की संख्या
• दुनिया के सबसे बड़े और घने जगलों में से एक सुंदरवन में रह रहे रॉयल बंगाल टाइगर की संख्या में वृद्धि हुई है। वन विभाग और वल्र्ड वाइल्ड फंड फॉर नेचर (डब्ल्यूडब्ल्यूएफ) द्वारा संयुक्त रुप से किए गए सर्वे में यह जानकारी सामने आई है। 
• जानकारी के मुताबिक बाघों की तेजी से घटती संख्या को देखते हुए तस्करों पर नकेल कसने और बाघों की असल संख्या जानने के लिए वन विभाग और डब्ल्यूडब्ल्यूएफ की ओर से संयुक्त रूप से पहली बार 2016 में सुंदरवन के चप्पे-चप्पे में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए। 
• कैमरे में 83 से 100 बाघों की तस्वीरें कैद हुईं। इसका विश्लेषण करने के बाद वन विभाग ने दावा किया कि सुंदरवन में वर्तमान में बाघों की संख्या 86 है, जो पूर्व में 76 थी। वन प्रेमियों के लिए यह अपने आप में खुशी की बात है कि पिछली बार की अपेक्षा इस बार बाघों की संख्या में 10 की वृद्धि हुई है।
Sorce of the News (With Regards):- compile by Dr Sanjan,Dainik Jagran(Rashtriya Sanskaran),Dainik Bhaskar(Rashtriya Sanskaran), Rashtriya Sahara(Rashtriya Sanskaran) Hindustan dainik(Delhi), Nai Duniya, Hindustan Times, The Hindu, BBC Portal, The Economic Times(Hindi& English)

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