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Thursday, November 17, 2016

दैनिक समसामयिकी 17 November 2016(Thursday)

1.मूडीज ने भारत की रेटिंग में नहीं किया सुधार
  1.  मूडीज ने भारत की सोवरेन रेटिंग में कोई सुधार नहीं किया है बल्कि बीएए3 पर स्थिर रखा है। उसने सोवरेन रेटिंग का आउटलुक पॉजीटिव करार दिया है।
  2. क्रेडिट रेटिंग एजेंसी ने उम्मीद जताई है कि संतुलित विकास और सरकार का कर्ज बोझ घटाने क लिए सुधार जारी रखेगी।भारत ने मूडीज से रेटिंग में सुधार करने के लिए अपना पक्ष रखा और सुधारों का हवाला दिया था। लेकिन इस अमेरिकी एजेंसी ने कहा है कि सरकार द्वारा किये गये सुधारों का स्पष्ट लाभ मिलने का वह इंतजार करेगी। इसके बाद सोवरेन रेटिंग में सुधार पर विचार करेगी।  
  3. मूडीज ने कहा है कि सुधारों के लिए नीतिगत प्रयासों का अभी तक स्पष्ट फायदा नजर नहीं आया है। इसका फायदा टिकाऊ व उच विकास दर और कर्ज भार में कमी के रूप में सामने आना चाहिए। ऐसा होने पर वह रेटिंग में सुधार करेगा। अभी सोवरेन रेटिंग पॉजीटिव आउटलुक के साथ बीएए3 रखी गई। पॉजीटिव आउटलुक का आशय है कि मूडीज को भारत की रेटिंग सुधरने की उम्मीद है। सुधार होने पर भारत की अगली रेटिंग अगले पायदान बीएए2 पर होगी।  
  4.  एजेंसी के अनुसार उसके आउटलुक से संकेत मिलता है कि हमें नीतिगत सुधार लागू होने की उम्मीद है। इससे संतुलित विकास को बल मिलेगा और सरकार का कर्ज कम होगा। अभी भारत की रेटिंग सुधरने में ये दोनों बाधाएं हैं। भारत की मौजूदा सोवरेन रेटिंग बीएए3 सबसे निचली रेटिंग जंक से सिर्फ एक पायदान ऊपर है। मूडीज के अनुसार भारत ने कई नीतिगत बदलाव किये हैं जिनसे मंहगाई कम करने और चालू खाता घाटा (सीएडी) को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।  
  5. कई नीतिगत सुधार, अगर प्रभावी होते हैं तो देश में निवेश बढ़ेगा और बचत को बढ़ावा मिलेगा। सरकार जीएसटी और बैंक्रप्सी कोड जैसे कई सुधार लागू कर रही है। ये नीतिगत फैसले अभी हाल में ही किये गये हैं और उनका प्रभाव अनिश्चित है।

2. आयकर आधार बढ़ाने में मददगार बनेगी नोट बंदी
• पांच सौ और 1000 रुपये के पुराने नोट बंद कर काले धन और आतंकी फंडिंग रोकने की सरकारी मुहिम आयकरदाताओं की संख्या बढ़ाने में भी बेहद मददगार साबित हो सकती है। 
• माना जा रहा है कि आकलन वर्ष 2017-18 में बड़ी संख्या में लोग इनकम टैक्स के दायरे में आ सकते हैं। ऐसा होने पर आयकरदाताओं की संख्या में खासी बढ़ोतरी हो सकती है। फिलहाल देश में बमुश्किल चार प्रतिशत लोग ही टैक्स देते हैं। 
• आयकर विभाग के सूत्रों ने कहा कि उच मूल्य वर्ग के पुराने नोट बंद करने के फैसले से चालू वित्त वर्ष 2016-17 में राजस्व बढ़ सकता है। इसके अलावा आकलन (असेसमेंट) वर्ष 2017-18 में कुल आयकरदाताओं की संख्या में भी वृद्धि होने का अनुमान भी है। ऐसा इसलिए होगा, क्योंकि बहुत से लोग अपने काले धन को सफेद करने की कोशिश में विभिन्न स्रोत से अपनी आय दिखा सकते हैं। इसका हिसाब उन्हें अगले साल आयकर रिटर्न दाखिल करते समय देना पड़ सकता है। 
• आकलन वर्ष 2014-15 के हिसाब से देशभर में मात्र 5.16 करोड़ आयकरदाता हैं। यह संख्या देश की सवा अरब आबादी के पांच प्रतिशत से भी कम है। देश में परिवारों की संख्या करीब 24 करोड़ है। 
• ऐसे में मौजूदा आयकरदाताओं की संख्या को देखने पर पता चलता है कि अधिकांश परिवार आयकर के दायरे से बाहर हैं। सरकार ने आयकर से छूट की सीमा सालाना 2.5 लाख रुपये रखी है। 
• आकलन वर्ष 2011-12 से 2014-15 के दौरान तीन वर्षो में कुल आयकरदाताओं की संख्या में सालाना औसतन छह प्रतिशत की वृद्धि हुई है। यह आंकड़ा इस अवधि में अर्थव्यवस्था की औसत विकास दर के मुकाबले कम है। 
• हाल ही में आयकर आयुक्तों के सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी विभाग को आयकरदाता आधार व्यापक बनाने को कहा था। इसके अलावा समय-समय पर विभाग की ओर से भी इस दिशा में प्रयास किए जाते रहे हैं। 
• जहां तक व्यक्गित करदाताओं का सवाल है, तो फिलहाल देश में 4.86 करोड़ व्यक्तिगत आयकरदाता हैं। इनकी संख्या में भी इस अवधि में छह प्रतिशत की वृद्धि हुई है। देश के भीतर छिपे काले धन को बाहर निकालने और आतंकी फंडिंग रोकने के इरादे से पुराने नोट बंद करने की घोषणा का मनोवैज्ञानिक असर व्यक्तिगत और कारोबारी जगत के करदाताओं पर पड़ेगा। 
• अब अधिकांश व्यक्ति और फर्म कार्रवाई के डर से आयकर जमा करने और रिटर्न दाखिल करने का रास्ता चुन सकते हैं।

3. इजरायल संग साझेदारी बढ़ाएगा भारत:- 

भारत आपसी हित को इजरायल के साथ साङोदारी बढ़ाना चाहता है। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कहा है कि दोनों देशों को वैश्विक चुनौतियां का मिलकर सामना करना चाहिए। राष्ट्रपति ने कहा कि भारत गृह और साइबर सुरक्षा समेत विभिन्न क्षेत्रों में इजरायल के साथ संबंधों को बढ़ाना चाहता है। गृह और साइबर सुरक्षा में इजरायल ने अपनी क्षमताओं को साबित किया है। दोनों देशों की सरकारों ने मिलकर प्राथमिकता वाले क्षेत्रों का पता लगाया है जिनमें दोनों के बीच जबरदस्त तालमेल है। राष्ट्रपति मुखर्जी ने इजरायल के राष्ट्रपति रुवेन रिवलिन के सम्मान में मंगलवार को आयोजित भोज दौरान ये बातें कहीं। उन्होंने रिवलिन की भारत यात्र को ऐतिहासिक बताया। मुखर्जी ने कहा कि अगले साल दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंध की स्थापना के 25 साल पूरे होने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन समेत वैश्विक चुनौतियों का प्रभावी हल निकालने के लिए दोनों देशों को मिल कर काम करने की जरूरत है। हमें अपने बचों के लिए बेहतर, स्वछ और स्वस्थ दुनिया बनाना चाहिए। एक ऐसी दुनिया जहां लोग शांति, एक दूसरे के विचारों के सम्मान और मेलमिलाप के साथ रह सकें।

4. 20 और देश सौर ऊर्जा इस्तेमाल मुहिम से जुड़े
• ब्राजील समेत 20 से यादा देश अंतरराष्ट्रीय सौर समझौते (आइएसए) में शामिल होने के लिए तैयार हो गए हैं। उन्होंने इस बाबत घोषणा पत्र पर दस्तखत कर दिए हैं। यह समझौता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच का परिणाम है। 
• इसकी मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद ने 2015 में पेरिस समझौते के दौरान ही घोषणा की थी। आपसी विचार-विमर्श के बाद आइएसए का गठन मंगलवार को हुआ और ज्यादातर देशों ने पहले ही दिन दस्तखत कर दिए। 
• इस संस्था का मुख्यालय भारत में होगा। यह जानकारी केंद्रीय पर्यावरण मंत्री अनिल माधव दवे ने दी है। वह पर्यावरण सुरक्षा पर आयोजित सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए मोरक्को के शहर मारकेश आए हुए हैं। 
• भारतीय मौसम विज्ञानियों ने इसे अच्छा प्रयास करार दिया है। कहा है इससे पर्यावरण सुधार में मदद मिलेगी और विकासशील देशों को सस्ती बिजली मिल पाएगी। इस समझौते में अभी तक 121 देश शामिल हो चुके हैं। ये वे देश हैं जहां पर साल के यादातर दिनों अछी धूप निकलती है। बांग्लादेश सौर ऊर्जा के इस्तेमाल की इस मुहिम में शामिल होने के तैयार हो गया है। 
• दवे ने सदस्य देशों की जागरूकता की सराहना करते हुए कहा कि महज 11 महीनों में आइएसए से जुड़े देशों की संख्या बताती है कि लोग पर्यावरण सुधार के प्रति काफी गंभीर हैं। वैश्विक तापमान बढ़ने की गति को धीमा करने के लिए कोयले के इस्तेमाल में कटौती करनी होगी और इसे 2040 तक शून्य पर लाना होगा। यह बात अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी ने कही है। 
• अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के अनुसार पेट्रोल और डीजल की मांग में फिलहाल उछाल की कोई उम्मीद नहीं है। मांग में बड़ी अंतर सन 2040 तक आएगा-तब तक वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत पर्यावरण सुरक्षा के लिए अपनी भूमिका अदा करने लगेंगे। पेरिस समझौते का प्रभावी असर भी दिखाई देने लगेगा।

5. झारखंड में सीएनटी एसपीटी संशोधन विधेयक को मंजूरी
• जमीन संबंधी कानून छोटानागपुर काश्तकारी अधिनियम (सीएनटी) 1908 और संताल परगना काश्तकारी अधिनियम (एसपीटी) 1949 में आंशिक संशोधन को राय मंत्रिपरिषद ने बुधवार को अपनी मंजूरी प्रदान कर दी।
• कैबिनेट की बैठक के बाद प्रधान सचिव एसएस मीणा और राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव केके सोन ने सीएनटी और एसपीटी एक्ट में संशोधन से संबंधित प्रावधानों की जानकारी दी। अब कृषि योग्य जमीन की प्रकृति गैर कृषि जमीन के रूप में परिवर्तित की जा सकेगी। लेकिन इसके बाद भी गैर कृषि उद्देश्य के लिए ली गई जमीन पर आदिवासियों का मालिकाना हक बरकरार रहेगा। 
• इसके अलावा उद्योग एवं खनन के साथ-साथ सरकारी प्रयोजन मसलन सरकारी स्कूल, सड़क निर्माण, सिंचाई, पंचायत भवन, अस्पताल, आंगनबाड़ी, रेलवे और जलापूर्ति योजनाओं के लिए जमीन का का हस्तांतरण किया जा सकेगा। 
• सीएनटी एक्ट में प्रावधान है कि हस्तांतरण के बावजूद यदि जमीन का पांच साल तक प्रयोग नहीं होता है तो वह जमीन रैयत को वापस कर दी जाएगी।

6. चीन से ज्यादा घातक है भारत में वायु प्रदूषण
• देश में वायु प्रदूषण से निपटने में कोताही के परिणाम सामने आने लगे हैं। भारत में वायु प्रदूषण से होने वाली मौत के मामले में वृद्धि हुई जबकि चीन में कमी आई है। 2015 में भारत में प्रतिदिन इससे होने वाली मौत के मामले चीन से 50 दर्ज किए गए। 
• अमेरिका के सिएटल स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ वाशिंगटन की ग्लोबल बर्डेन ऑफ डिजीज (जीबीडी) परियोजना के ताजा आंकड़े में यह जानकारी दी गई। इसके मुताबिक, 2015 में भारत में वायु प्रदूषण से 3,280 लोगों की मौत हुई जबकि चीन में यह 3,230 दर्ज की गई। 2010 में समय पूर्व मौतों की संख्या भारत में 2,863 थी जबकि चीन में यह 3,190 थी। 
• इसी तरह 2005 में यह संख्या भारत में 2,654 और चीन में 3,332 थी। यानी पिछले एक दशक में भारत में इसमें 23 फीसद की वृद्धि और चीन में तीन फीसद की कमी दर्ज की गई। परियोजना के अध्ययन के मुताबिक, 25 वर्षों में भारत में करीब 53 फीसद की बढ़ोतरी हुई। चीन में इस अवधि के दौरान 16 फीसद वृद्धि हुई। साल 2005 के बाद से चीन में इसमें कमी देखी गई। 
• ग्रीनपीस इंडिया के मुताबिक, यह आंकड़ा पूर्व में उसके द्वारा कराए गए अध्ययन कर पुष्टि करता है। ग्रीनपीस इंडिया के कैंपेनर सुनील दहिया का कहना है कि हमें इस अध्ययन को गंभीरता से लेने की जरूरत है। नासा के सेटेलाइट इमेज से भारत और चीन के एयरोसोल ऑप्टिकल डेप्थ (एओडी) के विश्लेषण से भी साल 2005 से वर्ष 2015 के बीच भारत में वायु प्रदूषण बढ़ने और चीन में घटने का पता चला है। जाहिर ऐसे में सरकार को इस पर नियंत्रण के लिए कड़े कदम उठाने की बहुत आवश्यकता है।

7. सुपर कंप्यूटरों की सूची में आठवीं बार चीन अव्वल
• चीन ने अपने सुपरकंप्यूटर ‘‘सनवे ताएहूलाइट’ के जरिए लगातार आठवीं बार विश्व के सबसे तेज सुपरकंप्यूटरों की सूची में शीर्ष स्थान पर कब्जा बनाए रखा है। यह सुपरकंप्यूटर एक सेकेंड में 9.3 करोड़ अरब गणनाएं कर सकता है।
• सरकार ने सोमवार को जारी टॉप 500 सुपरकंप्यूटरों की हालिया छमाही सूची का हवाला देते हुए कहा कि विशाल सुपरकंप्यूटर ‘‘ताएहूलाइट’ को दुनिया का सबसे तेज सुपरकंप्यूटर बताया गया है। इसका निर्माण पूरी तरह से चीन में बने प्रोसेसरों की मदद से किया गया है।‘‘ताएहूलाइट’ जून में आया था। तब इसने पूर्व विजेता ‘‘तिआन्हे-2’ की जगह ली थी। वह भी एक चीनी कंप्यूटर था और इंटेल चिपों पर आधारित था। ‘‘ताएहूलाइट’ एक सेकेंड में 9.3 करोड़ अरब गणनाएं कर सकता है। 
• यह ‘‘तिआन्हे-2’ की तुलना में तीन गुना तेज है। ‘‘तिआन्हे-2’ को पिछले तीन साल तक टॉप 500 की सूची में पहले स्थान पर रखा गया था। 
• रिपोर्ट में कहा गया कि इसका यह अर्थ है कि चीन के सुपरकंप्यूटर ने लगातार आठवीं बार सुपरकंप्यूटर सूची में पहला स्थान बनाए रखा है। यह उच्च स्तरीय कंप्यूटिंग में चीन के उभार को दर्शाता है। पिछली सूची जून में जारी हुई थी। 
• तब चीन लगाए गए सुपरकंप्यूटरों की संख्या के मामले में अमेरिका से आगे निकल गया था। अब यह पहली बार है कि अमेरिका किसी भी श्रेणी में अव्वल नहीं आया है। यह सूची बनाने की शुरुआत 23 साल पहले से हुई थी।

8. रिपोर्ट में खुलासा : वायु प्रदूषण की वजह से वर्ष 2015 में चीन से ज्यादा हुईं भारत में मौतें
• देश में प्रदूषण का स्तर लगातार चिंतनीय बनता जा रहा है। वर्ष 2015 में वायु प्रदूषण की वजह से चीन के अपेक्षा भारत में ज्यादा लोगों की मौतें हुईं। 
• ग्लोबल बर्डन ऑफ डिजीज प्रोजेक्ट की ताजा रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है। वर्ष 2015 में भारत में 3283 लोगों की रोजाना मौत हुई, जबकि इसकी तुलना में चीन में 3233 लोगों की मौत हुई। अध्ययन से खुलासा हुआ है कि 1990 से अब तक लगातार भारत में होने वाले असामयिक मौत की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। 
• ग्रीनपीस ने इस रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा है कि इस साल की शुरुआत में ही संस्था ने इस तरह की जानकारी दी थी कि इस शताब्दी में पहली बार भारतीय नागरिकों को चीन के नागरिकों की तुलना में औसत रूप से अधिक कण (पार्टिक्यूलेट मैटर-सूक्ष्म कण) या वायु प्रदूषण का दंश झेलना पड़ रहा है। 
• ग्रीनपीस के कैंपेनर सुनील दहिया का कहना है कि चीन एक उदाहरण है, जहां सरकार द्वारा मजबूत नियम लागू करके लोगों के हित में वायु प्रदूषण पर नियंत्रण पाया जा सका है। जबकि भारत में साल दर साल लगातार वायु प्रदूषण बढ़ता ही गया है।
• यह इस बात को भी दर्शाता है कि हमारी हवा कितनी प्रदूषित हो गई है। सरकार को इससे निपटने के लिए तत्काल कदम उठाने ही होंगे।

9. पं. हरिप्रसाद चौरसिया को इस साल का लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड
• जाने-मानेबांसुरी वादक पं. हरिप्रसाद चौरसिया को इस साल के सुमित्रा चरत राम लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड के लिए चुना गया है। 
• गुरुवार को दिल्ली के एलजी नजीब जंग पं. चौरसिया को यह सम्मान देंगे। भारतीय शास्त्रीय संगीत और कला के क्षेत्र में यह प्रतिष्ठित पुरस्कार पिछले 15 वर्षों से दिया जा रहा है। 
• गुरुवार को समारोह के दौरान संगीत नाटक अकादमी के चेयरमैन शेखर सेन भी मौजूद रहेंगे।

Sorce of the News (With Regards):- compile by Dr Sanjan,Dainik Jagran(Rashtriya Sanskaran),Dainik Bhaskar(Rashtriya Sanskaran), Rashtriya Sahara(Rashtriya Sanskaran) Hindustan dainik(Delhi), Nai Duniya, Hindustan Times, The Hindu, BBC Portal, The Economic Times(Hindi& English)

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