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Friday, November 18, 2016

दैनिक समसामयिकी 18 November 2016(Friday)

दैनिक समसामयिकी  18 November 2016(Friday)
1.वित्तीय वर्ष खत्म करने की तैयारी
• प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक और नीतिगत फ़ॉर्मूले पर काम कर रहे हैं। अगले साल से वित्तीय वर्ष का झंझट खत्म हो सकता है। कैलेंडर वर्ष के साथ ही वित्तीय वर्ष चलेगा।आठ नवम्बर को नोटबंदी की घोषणा कर पीएम मोदी ने पूरे देश को चौंका दिया था। उनका कहना है कि कालाधन रखने वालों के लिए अभी और भी दिल दहलाने वाले निर्णय लिए जाएंगे। 

• नीतिगत निर्णय लेने के सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए मोदी वित्तीय वर्ष को खत्म करने जा रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि उन्होंने वित्त मंत्री और अधिकारियों को वित्तीय वर्ष को कैलेंडर वर्ष में समाहित करने की तरफ काम करने को कहा है। वित्तीय वर्ष 1 अप्रैल से शुरू होकर 31 मार्च तक चलता है जबकि कैलेंडर वर्ष 1 जनवरी से 31 दिसम्बर तक चलता है। 
• वित्तीय वर्ष और कैलेंडर वर्ष को लेकर जनता के बीच भ्रम की स्थिति रहती है। दुनिया के अलग अलग देशों में अलग-अलग वित्तीय वर्ष होता है। कहीं जुलाई से है तो कहीं मार्च से। देशों की यह सोच कर वसूली को लेकर होती है। रेल बजट को खत्म करने का निर्णय लिया गया है। 
• आम बजट में ही रेल बजट को समाहित किया जाएगा। बजट पेश की तिथि भी 28 फरवरी की जगह फरवरी के पहले हफ्ते का कोई दिन होगा। मोदी ने प्रधानमंत्री बनने के बाद योजना आयोग को भी खत्म कर दिया था। 
• अब मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) और विविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के अधिकारों को भी कम किया जा रहा है।
2. बोइंग भारत में लगा सकती है एफ-18 सुपर हॉर्नेट की निर्माण इकाई
• प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के महत्वाकांक्षी मेक इन इंडिया कार्यक्रम के तहत कमर्शियल और सैन्य विमानन कंपनी बोइंग अपने अत्याधुनिक लड़ाकू विमान एफ/ए-18 सुपर हॉर्नेट की निर्माण इकाई भारत में लगाने पर विचार कर रही है। 
• अमेरिकी कंपनी इनके निर्माण के लिए घरेलू आपूर्तिकर्ताओं का ढांचा भी भारत में खड़ा करना चाहती है ताकि भविष्य में प्रस्तावित इकाई की क्षमता का अन्य उत्पादों के लिए भी इस्तेमाल किया जा सके। बोइंग की रुचि भारत में यह इकाई किसी रणनीतिक साझीदार के साथ लगाने की है। 
• अभी इन विमानों का निर्माण यहां स्थित बोइंग की इकाई में हो रहा है। हर महीने दो एफ/ए-18 सुपर हॉर्नेट विमान तैयार होते हैं। फिलहाल ये विमान अमेरिकी नौसेना के लिए बनाए जा रहे हैं। भारत को लेकर बोइंग काफी उत्साहित है और चाहती है कि मेक इन इंडिया जैसे कार्यक्रमों के तहत भारत में कलपुर्जो और उपकरणों के साथ ही विमान निर्माण की इकाई का भी रास्ता खुले। बोइंग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि भारत उसकी प्राथमिकता में काफी ऊपर है। 
• इस संबंध में सरकार, सेना और उद्योगों के साथ बात चल रही है। बोइंग भारत में सुपर हॉर्नेट के निर्माण के साथ पूरा इको सिस्टम विकसित करना चाहती है जो मेक इन इंडिया कार्यक्रम के तहत संभव है। इसके लिए केवल आपूर्ति, क्षमता और कौशल विकसित करना आवश्यक है। यहां आए भारतीय पत्रकारों के एक दल से बात करते हुए एफ/ए-18 सुपर हॉर्नेट प्रोजेक्ट के वाइस प्रेसिडेंट डैन गिलियन ने कहा कि बोइंग अभी भारत की चार छोटी-बड़ी कंपनियों से इस विमान के लिए कई पार्ट्स खरीद रहा है। इनमें बीईएल और एचएएल जैसी बड़ी कंपनियों के साथ रौसेल और सैस्मोस जैसी छोटी व मध्यम दर्जे की कंपनियां शामिल हैं।
• रौसेल, बोइंग को तारों के बंडलों की आपूर्ति करती है तो सैस्मोस इलेक्टिकल पैनल की। एचएएल तारों के बंडल के अलावा सुपर हॉर्नेट में लगने वाले गन बे डोर की आपूर्ति करती है। बीईएल से बोइंग इलेक्टिकल पैनल खरीदती है। 
• बोइंग का इरादा भारत में यह इकाई संयुक्त उद्यम के तौर पर स्थापित करने का है। इसके लिए वह कई भारतीय कंपनियों में संभावनाएं भी तलाश रही है। गिलियन ने कहा, ‘चूंकि यह मामला दो सरकारों के बीच की बातचीत का हिस्सा है, लिहाजा यह अभी स्पष्ट नहीं है कि हिस्सेदार का चयन सरकार करेगी या बोइंग को यह निर्णय लेने का अधिकार होगा। लेकिन यह एक महत्वाकांक्षी परियोजना है और इसका हिस्सा बनना भारत के लिए बड़ा अवसर है।’ 
• खास है सुपर हॉर्नेट : सुपर हॉर्नेट दुनिया का सबसे अत्याधुनिक लड़ाकू विमान माना जाता है। दो इंजन वाला यह सुपरसोनिक विमान विमानवाहक पोत से भी उड़ान भरने और उतरने में सक्षम है। जरूरत पड़ने पर इसे टैंकर के तौर पर भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
3. भारत ने कहा, पर्यावरण सुरक्षा के लिए विकसित देश मदद बढ़ाएं
• पर्यावरण को लेकर बढ़ रही चुनौतियों को ङोल रहे विकासशील देशों की मदद के लिए विकसित देश आगे आएं। विकसित देश बाकी दुनिया को आर्थिक मदद के साथ ही तकनीकी सहायता भी उपलब्ध कराएं जिससे मौसम के नकारात्मक बदलाव पर काबू पाया जा सके। 
• यह बात भारत के पर्यावरण मंत्री अनिल माधव दवे ने कही है। वह पर्यावरण पर हो रहे सम्मेलन में भाग लेने के लिए मोरक्को गए हैं।
• दवे ने कहा कि बेहतर पर्यावरण के लिए धन की कमी हमेशा से चिंता का विषय रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ऊर्जा में बढ़ोतरी और वैकल्पिक ऊर्जा स्नोतों के विकास के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। 
• उन्होंने कहा कि रोजमर्रा जिंदगी में छोटे-छोटे बदलाव करके हम पर्यावरण सुरक्षा के बड़े लक्ष्यों को पूरा कर सकते हैं। दवे ने कहा, भारत को उम्मीद है कि पेरिस समझौते को मारकेश में हो रहे सम्मेलन में आगे बढ़ाने का कार्य होगा। समझौते में शामिल बातों को तय जिम्मेदारी के साथ निभाया जाएगा। 
• भारत जैसे उभरते देश यादा खर्च करें : अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी ने कहा है कि वैकल्पिक ऊर्जा स्नोतों को विकसित करने की जिम्मेदारी केवल उद्योग प्रधान देशों की ही नहीं है। भारत जैसे उभरती अर्थ व्यवस्थाओं वाले देश भी इसके लिए ज्यादा धन खर्च करके प्रभावी कदम उठाएं। 
• केरी ने कहा कि दुनिया के देशों को स्वछ ऊर्जा की ओर ध्यान देने की जरूरत है क्योंकि जन स्वास्थ्य के लिए यह जरूरी है। उन्होंने बताया कि भारत में अस्थमा के दो करोड़ नए मामले सामने आए हैं। इस प्रमुख वजह कोयला जलाने से होने वाला वायु प्रदूषण है।
4. ऑस्ट्रेलिया ने ‘‘457 वीजा’ कार्यक्रम में परिवर्तन किया
• ऑस्ट्रेलिया ने कुशल विदेशी श्रमिकों के लिए ‘‘457 वीजा’ कार्यक्र म में परिवर्तन की घोषण की है जिससे अपने आधिकारिक नियोजन की समाप्ति के बाद दूसरी नौकरी खोजने की उनकी क्षमता सीमित हो जाएगी और इससे यहां काम करने वाले भारतीयों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। 
• इस परिवर्तन के बाद ‘‘457 वीजा’ वाले विदेशी श्रमिक अब अपना नियोजन समाप्त होने के बाद ऑस्ट्रेलिया में 90 दिन के बजाय 60 दिन ही रह पाएंगे।आव्रजन मंत्री पीटर डुट्टन ने बुधवार को कहा, 19 नवम्बर से उपवर्ग 457 वीजा धारी अपने नियोजन की समाप्ति के बाद जिस समयकाल के लिए रह सकता है उसे 90 दिन से घटा कर 60 दिन कर दिया गया है। 
• डुट्टन ने कहा, सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए वचनबद्ध है कि ऑस्ट्रेलियाई कामगार को तरजीह मिले और अस्थाई वीजा धारकों के शोषण की क्षमता घटे। उन्होंने कहा, यह परिवर्तन उन ऑस्ट्रेलियाइयों को विदेशी कामगारों से मिलने वाली प्रतिस्पर्धा घटाने के लिए है जो काम की तलाश सक्रि यतापूर्वक कर रहे हैं।इस बीच, एबीसी ऑनलाइन ने बताया, ‘‘457 वीजा’ विदेशी कामगारों को चार साल के लिए प्रदान किया जाता है और यह वीजा उन कायरे के लिए है जिसके लिए ऑस्ट्रेलियाई कामगार पाने में दिक्कत होती है। 
• पिछले वित्तवर्ष में सबसे ज्यादा वीजा रसोइयों को दिया गया था। इस श्रेणी में सबसे ज्यादा श्रमिक भारत (26.8 प्रतिशत) के हैं जिसके बाद ब्रिटेन (15 प्रतिशत) और चीन (6.6 प्रतिशत) का नंबर है।
5. संतोषजनक स्तर पर रहेगा कैड
• देश का चालू खाते का घाटा (कैड) चालू वित्त वर्ष में 10.1 अरब डालर के स्तर पर रहेगा। सिटीग्रुप की एक रिपोर्ट के अनुसार बड़े नोटों को बंद करने के बाद मुख्य रूप से मांग में कमी से कैड संतोषजनक स्तर पर रहेगा।
• वैश्विक वित्तीय सेवा क्षेत्र की कंपनी के अनुसार वित्त वर्ष 2017-18 में चालू खाते का घाटा बढ़कर 30 अरब डालर या सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 1.2 फीसद पर पहुंच जाएगा। सिटीग्रुप के एक शोध नोट में कहा गया है कि अक्टूबर के आंकड़ों को शामिल करने के बाद हमारा अनुमान है कि चालू खाते का घाटा 10.1 अरब डालर या जीडीपी के 0.5 फीसद पर रहेगा। 
• अक्टूबर में मुख्य रूप से मांग में कमी आने का अनुमान है।रिपोर्ट के अनुसार औसत कच्चे तेल के दाम बढ़ने का अनुमान है इससे वित्त वर्ष 2017-18 में चालू खाते का घाटा बढ़ेगा। इसके अलावा आयात की ऊंची वृद्धि तथा गैर तेल और गैर सोना आयात से देश का चालू खाते का घाटा बढ़ेगा। 
• देश का व्यापार घाटा अक्टूबर में बढ़कर 10.2 अरब डालर हो गया जो पिछले महीने 8.3 अरब डालर था। मुख्य रूप से सोने के आयात की वजह से यह बढ़ा है। सोने का आयात बढ़कर 3.5 अरब डालर पर पहुंच गया है जो इससे पिछले महीने 1.8 अरब डालर था। त्योहारी सीजन में आभूषणों की मांग बढ़ने से सोने का आयात बढ़ा है।
Sorce of the News (With Regards):- compile by Dr Sanjan,Dainik Jagran(Rashtriya Sanskaran),Dainik Bhaskar(Rashtriya Sanskaran), Rashtriya Sahara(Rashtriya Sanskaran) Hindustan dainik(Delhi), Nai Duniya, Hindustan Times, The Hindu, BBC Portal, The Economic Times(Hindi& English)

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