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Saturday, November 19, 2016

दैनिक समसामयिकी 19 November 2016(Saturday)

1. 200 देश जलवायु परिवर्तन को प्राथमिकता देने पर राजी
• मोरक्को के मारकेश में चल रहे संयुक्त राष्ट्र जलवायु सम्मेलन में शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करने में सफलता मिली। 
• दुनिया के करीब दो सौ देशों ने जलवायु परिवर्तन से ‘तत्काल प्राथमिकता’ के आधार पर निपटने को लेकर सहमति दी। इसके लिए यादा से यादा राजनीतिक प्रतिबद्धता की अपील करते हुए अभूतपूर्व दर से धरती के गर्म होने को लेकर आगाह किया गया है।

• कांफ्रेंस ऑफ पार्टीज (सीओपी) के पूर्ण सत्र में पेश ‘मारकेश कार्य घोषणा’ नामक इस दस्तावेज में पेरिस जलवायु संधि को समर्थन दोहराते हुए इसे अमल में लाने के लिए विकसित देशों से विकासशील देशों की मदद का वादा पूरा करने की अपील की गई है। 
• इसमें कहा गया है, ‘हमारी जलवायु चेताने वाली एवं अभूतपूर्व दर से गर्म हो रही है। इस संबंध में तत्काल कदम उठाना हमारा दायित्व बनता है। हम जलवायु परिवर्तन से तत्काल प्राथमिकता के आधार पर निपटने के लिए सर्वाधिक राजनीतिक प्रतिबद्धता की अपील करते हैं।’ 
• घोषणा में जलवायु परिवर्तन से सर्वाधिक प्रभावित देशों के साथ एकजुटता दिखाने, उनकी अनुकूलन क्षमता बढ़ाना और उनके जोखिम को कम करने के प्रयासों को समर्थन देने की जरूरत बताई गई है। साथ ही गरीबी उन्मूलन के प्रयासों को मजबूती देने, खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने और कृषि क्षेत्र में जलवायु परिवर्तन के कारण पैदा होने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए कड़े कदम उठाने की भी अपील की गई है। 
• सम्मेलन में इससे पहले जारी की गई राजनीतिक घोषणा के मसौदे में भारत ने भी जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए धन के प्रवाह का स्पष्ट जिक्र करने और न्यूनतम कार्बन उत्सर्जन के साथ स्थायी जीवनशैली के समावेश पर जोर दिया था। 
• भारतीय पर्यावरण मंत्री अनिल माधव दवे का कहना था कि पर्याप्त वित्तीय मदद नहीं मिलना भारत के लिए सबसे बड़ी चिंता है।
2. अगले दस सालों में पाक बन सकता है दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा परमाणु देश : रिपोर्ट
• पाकिस्तान अपने परमाणु हथियारों का विस्तार कर रहा है। इसने 130-140 बड़े परमाणु हथियारों का जखीरा तैयार कर लिया है। एफ-16 समेत अपने कई लड़ाकू विमानों को भी परमाणु हथियार वाहकों के रूप में बदल दिया है। 
• अमेरिका के बुलेटिन ऑफ एटॉमिक साइंटिस्ट्स की रिपोर्ट में ये दावे किए गए हैं। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि कॉमर्शियल सैटेलाइट्स द्वारा ली गई पाक आर्मी एयरफोर्स बेसेस की तस्वीरें इस बात की ओर इशारा कर रही हैं। 
• रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि पाकिस्तान के पास अभी जितने बड़े परमाणु हथियार हैं, वह 1999 में अमेरिकी डिफेंस इंटेलिजेंस द्वारा बताई गई सीमा से कहीं ज्यादा हैं। इंटेलिजेंस ने कहा था कि 2020 तक पाक के पास 60-80 बड़े परमाणु हथियार होंगे। 
• रिपोर्ट में साइंटिस्ट्स ने दावा किया है कि अगले दस सालों में करीब 350 बड़े परमाणु हथियारों के साथ पाक दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा परमाणु देश बन जाएगा।
3.कोलेजियम ने केंद्र सरकार को दोबारा भेजे 43 नाम
• न्यायाधीशों की नियुक्ति के मामले में सरकार और न्यायपालिका के बीच तनाव घटता नजर नहीं आ रहा है। नियुक्त की नई व्यवस्था का मेमोरेंडम ऑफ प्रोसीजर (एमओपी) तो फिलहाल लंबित है लेकिन नियुक्तियों की सिफारिशें सरकार और सुप्रीम कोर्ट कोलेजियम के बीच ठोकरें खा रही हैं।
• सरकार की ओर से विचार के लिए वापस भेजे गए 43 नाम कोलेजियम ने सरकार के पास दोबारा भेज दिए हैं। कोलेजियम की ओर से दोबारा की गई सिफारिश सरकार पर बाध्यकारी होती है। लेकिन सरकार के सिफारिश मानने के लिए कोई समयसीमा तय नहीं है। 
• मुख्य न्यायाधीश टीएस ठाकुर के नेतृत्व वाली पीठ ने शुक्रवार को इस मामले की सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से पेश अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी को यह जानकारी दी। 
• मुख्य न्यायाधीश ने रोहतगी से पूछा कि आपने जजों की नियुक्ति के बारे में ताजा स्थिति रिपोर्ट दाखिल की है। रोहतगी ने कहा कि उन्होंने पिछली सुनवाई पर ही ताजा स्थिति रिपोर्ट दी थी जिसमें बताया गया था कि सरकार के पास इस समय कोलेजियम की कोई भी सिफारिश लंबित नहीं है।
• कोलेजियम ने 77 नामों की सिफारिश भेजी थी जिसमें से सरकार ने 34 नाम मंजूर कर लिए हैं। 43 नाम दोबारा विचार के लिए कोलेजियम को वापस भेज दिए गए हैं। इस पर पीठ ने उन्हें बताया कि कोलेजियम ने इन 43 सिफारिशों को फिर सरकार के पास भेज दिया है। 
• रोहतगी ने तब कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। वह ताजा स्थिति के बारे में सरकार से निर्देश लेकर कोर्ट को अवगत कराएंगे। इसके साथ ही पीठ ने मामले की सुनवाई दिसंबर की छुट्टियों के बाद तक के लिए टाल दी। 
• जेठमलानी ने लगाया आरोप : वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी ने एक हस्तक्षेप अर्जी का जिक्र करते हुए कोर्ट को बताया कि सुप्रीम कोर्ट कोलेजियम की सिफारिश के बावजूद गुजरात के एक जज का तबादला नहीं किया गया। 
• उन्होंने कहा कि राजनीतिक कारणों से कोलेजियम की सिफारिश नहीं लागू हो रही है। कोर्ट ने अर्जी की प्रति रोहतगी को देते हुए सरकार से निर्देश लेकर अगली सुनवाई पर सूचित करने को कहा है।
• कारण परखेगी सरकार : देर शाम सरकार के अगले कदम के बारे में पूछे जाने पर अटॉर्नी जनरल रोहतगी ने कहा, नियुक्ति के लिए की गई सिफारिशों से जुड़ी फाइलों पर फिर से प्रक्रिया शुरू की जाएगी। सरकार इन नामों पर आपत्तियों को खारिज करने के कारणों को भी परखेगी।
4. पाक के प्रति सख्त फ्लिन होंगे अमेरिका के नए एनएसए
• पाकिस्तान के खिलाफ सख्त रूख रखने वाले लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत) माइकल फ्लिन अमेरिका के नए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) होंगे। सांसद माइक पोंपो खुफिया एजेंसी सीआइए की अगुआई करेंगे। 
• 20 जनवरी को शपथ लेने जा रहे नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को इन नियुक्तियों की घोषणा की। उन्होंने सीनेटर जेफ सेशंस को देश का नया अटॉर्नी जनरल बनाने की इछा भी जताई है। 
• ट्रंप की सत्ता हस्तांतरण टीम ने कहा है कि नवनिर्वाचित राष्ट्रपति के विश्वसनीय सलाहकार सेशंस देश के सबसे बड़े कानून प्रवर्तन अधिकारी बनाए जाएंगे। 
• 20 साल से सीनेटर सेशंस ने इस जिम्मेदारी के लिए मनोनीत किए जाने की इछा दिखाने के लिए ट्रंप का आभार जताया है। सीनेट में पहुंचने से पहले वे अलबामा प्रांत में इस भूमिका का निवर्हन कर चुके हैं। 
• वहीं, एनएसए बनाए गए फ्लिन चुनाव प्रचार के दौरान ट्रंप के शीर्ष सैन्य सलाहकार थे। फ्लिन ने ही आतंकी संगठनों की मदद करने के कारण पाकिस्तान को अमेरिकी मदद बंद करने का प्रस्ताव रखा था। उन्हें रक्षा और खुफिया मामलों का चपल अधिकारी माना जाता है। 
• इस बीच, अमेरिका के खुफिया प्रमुख जेम्स क्लैपर ने इस्तीफा देने की घोषणा की है। इस सप्ताह की शुरुआत में ट्रंप ने रिप}िलकन नेशनल कमेटी के प्रमुख रींस प्रीबस को ह्वाइट हाउस में चीफ ऑफ स्टाफ और स्टीफन बैनन को मुख्य रणनीतिकार बनाने की घोषणा की थी।
5. विदेशी मुद्रा भंडार में आई भारी कमी
• भारतीय रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को कहा कि देश के विदेशी मुद्रा भंडार 11 नवम्बर को समाप्त सप्तह में 1.190 अरब डालर घटकर 367.041 अरब डालर रह गया। 
• इस गिरावट का कारण विदेशी मुद्रा आस्तियों में कमी आना था।इससे पूर्व के सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार 1.074 अरब डालर बढ़कर 368.231 अरब डालर हो गया था। इस वर्ष 30 सितम्बर को समाप्त सप्ताह में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 371.99 अरब डालर के रिकार्ड उच्च स्तर को छू गया था। 
• रिजर्व बैंक ने कहा कि समीक्षाधीन सप्ताह में कुल विदेशी मुद्रा भंडार का महत्वपूर्ण हिस्सा विदेशी मुद्रा आस्तियां (एफसीए) 1.155 अरब डालर घटकर 342.772 अरब डालर रह गया।डालर में अभिव्यक्त किए जाने वाले विदेशी मुद्रा आस्तियां भंडार में रखे यूरो, पौंड और येन जैसी गैर अमेरिकी मुद्राओं की मूल्यवृद्धि और मूल्यह्रास के प्रभावों को भी अभिव्यक्त करती हैं।
• रिजर्व बैंक ने कहा कि स्वर्ण आरक्षित भंडार 20.460 अरब डालर पर स्थिर बना रहा। रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार समीक्षाधीन सप्ताह में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष में विशेष निकासी अधिकार 1.34 करोड़ डालर घटकर 1.462 अरब डालर रह गया जबकि आईएमएफ में देश का मुद्रा भंडार 2.15 करोड़ डालर घटकर 2.346 अरब डालर रह गया।
6. नोटबंदी से 0.5% घटेगी जीडीपी
• सरकार द्वारा बड़े नोटों को बंद करने से चालू वित्त वर्ष में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर 0.3 से 0.5 प्रतिशत तक घटेगी। केयर रेटिंग्स की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि इस कदम से विभिन्न क्षेत्रों में कारोबार प्रभावित होने की आशंका है।
• केयर रेटिंग्स की रिपोर्ट के अनुसार इस कदम से सेवा और विनिर्माण क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित होगा। वहीं यह उपाय बैंकिंग क्षेत्र के लिए सकारात्मक है। कृषि क्षेत्र इससे सबसे कम प्रभावित होगा। कालेधन पर लगाम के मकसद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 500 और 1,000 का नोट बंद करने की घोषणा की है। वहीं सरकार ने इसके स्थान पर 500 और 2,000 का नया नोट पेश किया है। 
• क्रेडिट रेटिंग एजेंसी का मानना है कि इस कदम से देश की अर्थव्यवस्था पर काफी अधिक असर होगा। विशेष रूप से जीडीपी वृद्धि इससे प्रभावित होगी। विभिन्न क्षेत्रों पर इसका असर पड़ेगा।नोटों को बंद करने से पहले केयर ने चालू वित्त वर्ष में जीडीपी वृद्धि दर 7.8 फीसद रहने का अनुमान लगाया था। केयर का मानना है कि इस कदम से जीडीपी वृद्धि दर 0.3 से 0.5 फीसद तक प्रभावित होगी। 
• केयर के मुताबिक सबसे ज्यादा असर सेवा क्षेत्र पर पड़ेगा। व्यापार, होटल और परिवहन क्षेत्र में असर ज्यादा होगा क्योंकि इन आर्थिक गतिविधियों में नकद लेनदेन अधिक होता है। इसी प्रकार लघु एवं मझोली इकाइयों के समक्ष भी काफी समस्या आएगी। क्योंकि इनमें भुगतान और प्राप्ति ज्यादातर नकदी में ही होती है।
7. नौसेना की बढ़ेगी निगरानी क्षमता, मिले चार सोनार
• भारतीय नौसेना अब पानी के अंदर यादा प्रभावशाली तरीके से निगरानी करने में सक्षम होगी। रक्षा मंत्री मनोहर र्पीकर ने शुक्रवार को स्वदेश में विकसित चार अत्याधुनिक सोनार प्रणाली (साउंड नेविगेशन एंड रेंजिंग) औपचारिक तौर पर नौसेना को सौंप दिया। सोनार ध्वनि तरंगों पर काम करता है। इससे नौसेना की निगरानी क्षता बढ़ जाएगी।
• अभय, हुम्सा यूजी, एनएसीएस (नीयर फील्ड एकॉस्टिक कैरेक्टराइजेशन सिस्टम) और एआइडीएसएस (एवांस्ड इंडीजेनस डिस्ट्रेस सोनार सिस्टम) को रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के कोचि स्थित प्रयोगशाला में विकसित किया गया है। 
• रक्षा मंत्री मनोहर र्पीकर ने अत्याधुनिक सोनार सिस्टम विकसित करने के लिए डीआरडीओ और नौसेना की तारीफ की है। इससे अत्याधुनिक निगरानी तकनीक में आत्मनिर्भरता बढ़ने के अलावा नौसेना की क्षमता में भी वृद्धि होगी। अभय उथले जल क्षेत्र में होने वाली गतिविधियों का पता लगाने में सक्षम है। 
• हुम्सा-यूजी, हुम्सा का उन्नत संस्करण है। इसकी मदद से गहरे समुद्र में होने वाले हलचल पर नजर रखी जा सकेगी। इसे सात पोतों में लगाने की तैयारी है। एआइडीएसएस आपात परिस्थितियों में कारगर साबित होगा। यह दुश्मनों से निपटने में भी सक्षम है।
8. रहस्यमयी रेडियो तरंगों से ब्रह्मांड की कॉस्मिक किरणों को समझने में मिलेगी मदद
• खगोलविदों को कम-से-कम एक अरब प्रकाशवर्ष दूर एक आकाशगंगा से निकली रेडियो तरंगों की अत्यधिक चमकीली कॉस्मिक किरणों के माध्यम से ब्रह्मांड में स्थित आकाशगंगाओं की आंतरिक चीजों को देखने का मौका मिला। 
• संक्षिप्त समय के लिए ही सही लेकिन पिछले वर्ष एक ऑस्ट्रेलियाई दूरदर्शी तक पहुंचे शानदार विकिरण से वैज्ञानिकों को ब्रह्मांड के निर्माण से जुड़े रहस्यों में झांकने का अवसर मिला। ‘‘फास्ट रेडियो बस्ट’ (एफआरबी) के रूप में प्रसिद्ध इन किरणों का पता पहली बार वर्ष 2001 में लगाया गया था और तब से इसका आकलन किया जा रहा है लेकिन पहली बार इसकी तीव्रता इतनी अधिक थी। 
• ‘‘राष्ट्रमंडल वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान संगठन’ के पार्क्सष रेडियो ने इसका पता लगाया था और ऑस्ट्रेलिया के ‘‘स्विनबर्न विविद्यालय’ के प्रोफेसर मैयू बेल्स की अगुवाई में सुपरकंप्यूटिंग समूह द्वारा विकसित पण्राली ने इसका विश्लेषण किया। ‘‘साइंस जर्नल’ में प्रकाशित अध्ययन में यह बात कही गई है।
Sorce of the News (With Regards):- compile by Dr Sanjan,Dainik Jagran(Rashtriya Sanskaran),Dainik Bhaskar(Rashtriya Sanskaran), Rashtriya Sahara(Rashtriya Sanskaran) Hindustan dainik(Delhi), Nai Duniya, Hindustan Times, The Hindu, BBC Portal, The Economic Times(Hindi& English)

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