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Wednesday, November 23, 2016

दैनिक समसामयिकी 23 November 2016(Wednesday)

1.पीएम ने मांगी 10 सवालों पर राय :आखिरी कदम नहीं है नोटबंदी : मोदी
• नोटबंदी को लेकर विपक्ष की तीखी राजनीति के बीच खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा ने यह सुनिश्चित कर लिया है कि वे देश की 85 फीसद गरीब और आम जनता का प्रतिनिधित्व करते दिखें और विरोध करने वाले काला धन के कारोबारियों के साथ।
• रैलियों में लगातार जनता को आश्वस्त कर रहे प्रधानमंत्री ने मंगलवार को अपने सांसदों को भी भरोसा दिलाया कि गरीबों का कल्याण होकर रहेगा। संसदीय दल की बैठक में कई बार भावुक हुए प्रधानमंत्री ने जहां आगाह किया कि नोटबंदी सिर्फ शुरुआत है, काला धन के खिलाफ जंग जारी रहेगी। वहीं स्पष्ट शब्दों में कहा, ‘मैं न तो आपके लिए आया हूं और न ही अपने लिए।

• मैं गरीबों के लिए आया हूं और उनका कल्याण होकर रहेगा। नए साल में नया भारत बनेगा।’ संसदीय दल ने प्रस्ताव पारित कर नोटबंदी के फैसले की प्रशंसा की।
• नोटबंदी की छाया संसद पर भी है। विपक्ष एकजुट है और बुधवार को ताकत दिखाने की तैयारी है। ऐसे में प्रधानमंत्री का संदेश अहम था। केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने जहां नोटबंदी के फायदे के बारे में सांसदों को बताया। वहीं पार्टी ने केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह की ओर से पेश प्रस्ताव पारित कर मोदी को बधाई दी।
• प्रस्ताव में विपक्ष से पूछा गया कि वह काला धन वालों के साथ है या आम जनता के। वहीं मोदी ने सांसदों को यह लड़ाई नीचे जनता तक ले जाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष विरोध कर रहा है तो करने दें। इससे न घबराएं।
• जनता से उन्होंने 50 दिन मांगे हैं और लाभ उन तक पहुंचेगा। उन्होंने आगे कहा कि 70 साल के भ्रष्टाचार से काला धन इकट्ठा हो रहा था। वह शुरू से संकेत देते रहे हैं कि काला धन वाले बख्शे नहीं जाएंगे। अब फैसला हुआ तो देश की जनता साथ खड़ी है।
• उन्होंने आगाह भी किया, ‘मैं इसकी गारंटी नहीं देता हूं लड़ाई यहीं खत्म होगी। कई और चीजें हैं।’ दरअसल मोदी का संबोधन पार्टी कार्यकर्ताओं और सांसदों के लिए निर्देश था कि वह लगातार जमीन के संपर्क में रहें।
• उन्हें पहले ही कहा जा चुका है कि वे जनता को भरोसा दिलाएं कि जल्द ही राहत आने वाली है।द्यसांसदों के जरिये जनता को दिया भरोसा, गरीब का कल्याण होकर रहेगा
• नोटबंदी के मुद्दे पर पीएम ने नरेंद्र मोदी एप के जरिये एक सर्वे शुरू किया है। इसमें नोटबंदी को लेकर जनता से 10 सवालों पर राय मांगी गई है।
• क्या आपको लगता है भारत में काला धन है?
• क्या आपको लगता है कि काले धन और भ्रष्टाचार जैसी बुराइयों से लड़ने की जरूरत है?
• काले धन के खिलाफ अब तक मोदी सरकार द्वारा किए गए प्रयास पर आप क्या कहेंगे?
• भ्रष्टाचार के खिलाफ अब तक मोदी सरकार द्वारा की गई कार्रवाई पर आप क्या कहेंगे?
• मोदी सरकार द्वारा 500-1000 की नोटबंदी के कदम पर आपकी क्या राय है?
• क्या आपको लगता है कि नोटबंदी काले धन, भ्रष्टाचार और आतंकवाद पर लगाम लगाने में कारगर है?
• नोटबंदी से रियल एस्टेट, उच शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं आम जनता की पहुंच में आ जाएंगी?
• भ्रष्टाचार, काले धन, आतंकवाद के खिलाफ की गई इस कार्रवाई से क्या आपको असुविधा का सामना करना पड़ा?
• क्या आपको लगता है कि भ्रष्टाचार का विरोध करने वाले अब काले धन, भ्रष्टाचार और आतंकवाद के समर्थन में लड़ाई लड़ रहे हैं?
• क्या आप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कोई सुझाव देना चाहेंगे?
2. लड़ाकू विमान निर्माण में बढ़ रही है भारत की भूमिका
• रक्षा उत्पादन के मामले में घरेलू कंपनियों की अहमियत अब दुनिया के सामने आने लगी है। अमेरिकी लड़ाकू विमान एफ-18 और अपाची तथा शिनुक जैसे हेलीकॉप्टरों में भारतीय कंपनियां अहम हिस्सेदारी कर रही हैं। करीब आधा दर्जन ऐसी कंपनियों में सरकारी और निजी दोनों तरह की कंपनियां शामिल हैं।
• ये कंपनियां न केवल इन विमानों और हेलीकॉप्टरों के लिए तार और इलेक्टिक पैनल उपलब्ध करा रही हैं बल्कि विमानों में हथियार ले जाने वाले अहम हिस्सों के पार्ट्स (कलपुर्जो) की आपूर्ति भी भारतीय कंपनियों की तरफ से की जा रही है।
• इनमें न केवल सार्वजनिक क्षेत्र की हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स और बीईएल जैसी बड़ी कंपनियां शामिल हैं, बल्कि सैस्मोस और रौसेल जैसी मध्यम और लघु इकाइयां भी शामिल हैं।
• दरअसल भारत से लड़ाकू विमानों और हेलीकॉप्टरों के पार्ट्स की आपूर्ति के पीछे इन्हें बनाने वाली अमेरिकी एविएशन कंपनी बोइंग की मेक इन इंडिया अभियान से जुड़ने की नीति है।
• वैसे तो कंपनी का इरादा भारत में एफ-18 सुपर होरनेट विमान बनाने की मैन्यूफैक्चरिंग इकाई लगाने का है। लेकिन अमेरिका में बनने वाले इन विमानों और हेलीकॉप्टरों के लिए बोइंग ने पहले से ही भारतीय कंपनियों से पार्ट्स लेना शुरू कर दिया है। कंपनी का इरादा इस दायरे को बढ़ाने का भी है।
• फिलहाल भारत की चार कंपनियां एफ-18 सुपर होरनेट के लिए अलग-अलग तरह के पार्ट्स की आपूर्ति कर रही हैं। इनमें हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स बोइंग को वायर बंडल और गन बे डोर उपलब्ध करा रही है।
• गन बे डोर के पीछे ही एफ-18 की मशीन गन लगाई जाती है। इसके अलावा बीईएल बोइंग को सुपर होरनेट के लिए इलेक्टिकल पैनल की सप्लाई करती है। बोइंग रोसैल से वायर बंडल और सैस्मोस से इलेक्टिकल पैनल खरीदती है। एफ-18 को दुनिया के शीर्ष लड़ाकू विमानों में गिना जाता है।
• इसके अलावा शिनुक हेलीकॉप्टर के निर्माण से भी तीन भारतीय कंपनियां सीधे तौर पर जुड़ी हुई हैं। शिनुक के लिए रैम्प और पाइलोन (हेलीकॉप्टर का पिछला हिस्सा जिस पर पंख लगते हैं) भारत की डायनामैटिक टेक्नोलॉजीज उपलब्ध करा रही है।
• इसी हेलीकॉप्टर के लिए रोसैल वायरिंग में योगदान कर रही है। जबकि टाटा एडवांस सिस्टम्स लिमिटेड शिनुक के लिए क्राउन और हेलीकॉप्टर टेल का एक हिस्सा सप्लाई करती है।
• इसके अतिरिक्त एक महत्वपूर्ण शुरुआत साल 2017 में होने जा रही है। बोईंग और टाटा समूह का संयुक्त उद्यम टाटा बोइंग एयरोस्पेस लिमिटेड हैदराबाद में अपाची हेलीकॉप्टर का फ्यूसलएज यानी हेलीकॉप्टर की मेन बॉडी या बीच के हिस्से का निर्माण शुरू करने जा रही है।
• जानकारी के अनुसार, साल 2018 से इस फैक्टरी में उत्पादन शुरू हो जाएगा। शुरुआती उत्पादन अमेरिकी सेना के लिए बनने वाले अपाची हेलीकॉप्टरों के काम आएगा। साल 2020 से भारतीय अपाची के लिए मेन बॉडी इस फैक्टरी से सप्लाई होगी। हालांकि इस फैक्टरी से बाद में होने वाली सप्लाई का इस्तेमाल बोइंग अपाची के सामान्य उत्पादन में करेगी।
3. सभी एनएसजी सदस्यों के संपर्क में है भारत
• भारत का कहना है कि 48 देशों वाले परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) में प्रवेश के लिए वह सभी सदस्य देशों के संपर्क में है।
• विएना में एनएसजी की बैठक में निराशा हाथ लगने के बावजूद भारत इस मुद्दे पर अपने प्रयास जारी रखे हुए है।
• जब एनएसजी में भारत के भविष्य के बारे में पूछा गया तो विदेश मंत्रलय के एक सूत्र ने मंगलवार को बताया, ‘भारत की सदस्यता का मुद्दा अभी भी एनएसजी में बना हुआ है। हम इस समूह के सभी सदस्यों के संपर्क में हैं।’
• उल्लेखनीय है कि विगत 11 नवंबर को विएना में हुई एनएसजी की सलाहकार समिति की बैठक में चीन अपने पुराने रुख पर अड़ा रहा था। चीन ने उस दिन भी गैर एनपीटी देशों को एनएसजी में प्रवेश का विरोध कर भारत के आवेदन के लिए अपना मत दिया।
• हालांकि भारत के प्रवेश के लिए उसने यह शर्त रखी कि बिना किसी भेदभाव के दो देशों (पाकिस्तान को भी) एनएसजी में शामिल किया जाए। इससे पहले भी चीन ने जून में सियोल बैठक में भी भारतीय दावेदारी का विरोध किया था।
• पाकिस्तान से अपनी दोस्ती के चलते चीन ने भारत के सामने ऐसी शर्त रखी है जिसे मानना नामुमकिन है। जबकि भारत की अपनी मजबूत दावेदारी को लेकर दलील है कि एनएसजी में शामिल होने के लिए एनपीटी पर दस्तखत जरूरी नहीं हैं। चूंकि फ्रांस ने भी इसी तरह एनएसजी की सदस्यता हासिल की थी।
4. अग्नि-1 मिसाइल का सफल परीक्षण
• परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-1 का ओडिशा के बालासोर से करीब 100 किलोमीटर दूर अब्दुल कलाम द्वीप (व्हीलर द्वीप) स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज (आइटीआर) से मंगलवार को सफल परीक्षण किया गया।
• यह मिसाइल परीक्षण के दौरान अपने सभी मापदंडों पर खरी उतरी। सतह से सतह पर मार करने वाली इस मिसाइल का सुबह 10 बजकर नौ मिनट पर परीक्षण किया गया।
• यह अपने पीछे नारंगी व सफेद रंग के धुएं का मार्ग बनाती आकाश में चली गई और अपनी निर्धारित दूरी को छूने के बाद बंगाल की खाड़ी में समा गई। इस मिसाइल का इस्तेमाल करने वाली भारतीय सेना की सामरिक बल की टीम ने इस परीक्षण का संचालन किया।
• इसके लिए रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने जरूरी साजो सामान मुहैया कराया था। इस मिसाइल की मारक क्षमता 900 किलोमीटर है। भारतीय सेना में पहले ही शामिल की जा चुकी यह मिसाइल 15 मीटर लंबी है।
• इसका वजन 12 टन है। यह अपने साथ एक टन वजन तक विस्फोटक ले जाने में सक्षम है। इस मिसाइल को इस्तेमाल में लाने के लिए भारतीय सेना की तैयारी की दिशा में इस परीक्षण को अहम कदम माना जा रहा है।
5.स्विस बैंकों से नहीं मिलेगी मौजूदा काले धन की सूचना
• काला धन रखने के लिए बदनाम स्विटजरलैंड की सरकार भारत को इसकी सूचना देने को तैयार हो गई है लेकिन इससे भारत का कोई फायदा होगा भी या नहीं, इसमें अभी संशय है।
• मंगलवार को भारत और स्विटजरलैंड के बीच काले धन या अन्य गैर कानूनी तरीके से कमा कर एक दूसरे देश में उसे जमा कराने से जुड़ी सूचनाओं को साझा करने संबंधी समझौता हुआ है। लेकिन यह समझौता सितंबर, 2019 से लागू होगा और भारत को वर्ष 2018 या उसके बाद स्विस बैंकों में जमा भारतीयों के काले धन के बारे में ही सूचना मिलेगी।
• यानी अभी तक वहां जिन लोगों ने काला धन रखा हो और अब उसे कहीं और ठिकाने लगा दिया हो तो उसकी सूचना नहीं मिलेगी।
• दरअसल, यह समझौता समूह 20 देशों के बीच बनी उस सहमति के तहत की गई है जिसमें सदस्य देशों के बीच काले धन से जुड़ी तमाम सूचनाओं को अपने आप ही साझा करने की व्यवस्था लागू करने की बात थी। भारत इस तरह के समझौता अन्य कई देशों के साथ करने की प्रक्रिया में है।
• भारत के कई वित्त मंत्री सार्वजनिक तौर पर यह स्वीकार कर चुके हैं कि स्विटजरलैंड के बैंकों में भारतीयों के जमा काले धन के बारे में सूचना हासिल करना नामुमकिन है। वैसे भी स्विटजरलैंड सरकार की रिपोर्ट बताती है कि उनके बैंक में जमा भारतीय नागरिकों की राशि काफी कम हो चुकी है।
• स्विस नेशनल बैंक की जुलाई, 2016 में जारी रिपोर्ट बताती है कि स्विस बैंकों में पैसा रखने वालों मे भारत का स्थान 75वां है। पिछले वर्ष यह स्थान 61वां था। इस रिपोर्ट के मुताबिक भारतीयों ने वहां सिर्फ 1.2 अरब डॉलर जमा करवाये थे जबकि वर्ष 2010 में 2.8 अरब डॉलर की राशि भारतीय मूल के नागरिकों ने वहां जमा करवाये थे।
• यह राशि उस दावे से काफी कम है जो कई राजनेता या काले धन वापस लाने को लेकर आंदोलन करने वाले संस्था या एजेंसियां करती हैं।
6.कण जो हजार गुना तेज करेगा कंप्यूटर की गति
• एक कण जो हजार गुना तेज कर देगा कंप्यूटर की दुनिया। दुनियाभर में कंप्यूटर के गॉड पार्टिकल की खोज चल रही है। मेरठ का युवा वैज्ञानिक अमेरिका में इस कण की दहलीज पर पहुंच गया है। अगर यह कण मिला तो सेंट्रल सर्वर से पूरी दुनिया कनेक्ट हो सकेगी।
• अंतरिक्ष विज्ञान, रेलवे, एविएशन, दूरसंचार, सेटेलाइट, बिजनेस, पर्यटन एवं विज्ञान में अनुसंधान की नई क्रांति आ जाएगी।
• 270 डिग्री पर चलती है लैब : परतापुर गांव के सत्तन सिंह के पुत्र राजकुमार ने मुंबई आइआइटी से मैटेरियल साइंस में एमटेक करने के बाद अमेरिका की नार्थ कैरोलिना विश्वविद्यालय में ट्रापोलोजिकल इंसुलेटर पर काम शुरू किया।
• इसमें जादुई मावरान कण मिल सकता है, जिससे कंप्यूटर की गति एक हजार गुना से यादा तेज हो जाएगी। इसके लिए उनके प्रोजेक्ट को दुनियाभर में सराहना मिल चुकी है। वह बिस्मतसैलेनाइड मेटल पर सुपर कंडक्टर की परत चढ़ाकर उसमें मावरान कण की खोज में जुटे हैं।
• यह कण 70 वर्ष पहले एक वैज्ञानिक द्वारा चर्चा में आया, जब पता चला कि इसमें पॉजिटिव व निगेटिव दोनों गुण होते हैं। इससे हाई पावर मेमोरी डिवाइस भी बनाई जा सकेगी। इसके लिए राजकुमार -270 डिग्री की ठंडी और हाईमैग्नेटिक फील्ड वाली लैब में शोध कर रहे हैं। इस कण की खोज में लगे राजकुमार ने बताया कि क्वांटम कंप्यूटेशन में गूगल की भांति एक वेबसाइट से पूरी दुनिया में काम किया जा सकेगा।
• अभी कंप्यूटर में इलेक्ट्रान के सहारे सूचनाएं चल रही हैं। राजकुमार यूएसए में सेमी कंडक्टर इंडस्ट्री पर भी काम कर रहे हैं। बताया कि कंप्यूटर दशक भर में अपनी उचतम क्षमता पार कर जाएगा। अभी एक इंच लंबे चिप में 14 नैनोमीटर के सात अरब 20 करोड़ ट्रांजिस्टर लगाए जा सकते हैं, किंतु इसकी क्षमता पांच नैनो मीटर से कम नहीं की जा सकेगी।
• ऐसे में वह सिलिकान की जगह गैलियम आर्सेनाइड के नैनो वायर पर काम रहे हैं। 1970 में कंप्यूटर में एक इंच की चिप में जहां 2300 ट्रांजिस्टर थे, वहीं इसकी संख्या सात अरब से ज्यादा हो चुकी है।
7.नीति आयोग का सुझाव, देशभर में दो चरणों में हो चुनाव
• नीति आयोग ने लोकसभा और विधानसभा में अविास प्रस्ताव सरकार के खिलाफ लाने के बजाए प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री के खिलाफ लाने का सुझाव दिया है। चुनाव आयोग ने भी इसी तरह का सुझाव दिया है। आयोग का कहना है कि सरकार गिरने की स्थिति में नया नेता सरकार चलाए और वैकल्पिक सरकार पर सहमति न बनने की स्थिति में राष्ट्रपति देश के प्रशासक के तौर पर राज करे।
• क्यों पड़ी जरूरत : देश में बार-बार चुनाव होने से देश के किसी न किसी हिस्से में आदर्श चुनाव आचार संहिता लगी रहती है, जिसके कारण नीतिगत निर्णय लेने में दिक्कतें पेश आती हैं। 2014 के आम चुनाव से लेकर 2016 तक 15 राज्यों के चुनाव हो चुके हैं।
• चुनाव कालाधन और भ्रष्टाचार की जननी है। 1967 तक देश में एक साथ ही चुनाव होते थे, लेकिन उसके बाद राज्य विधानसभाओं के समय से पहले भंग होने के कारण यह चक्र टूट गया। विधि आयोग ने चुनाव सुधार की ओर ध्यान खींचा : विधि आयोग ने 1999 में अपनी 170 वीं रिपोर्ट में चुनाव सुधार की सिफारिश की थी, तब से एक ही दिन लोकसभा और विधानसभा चुनाव कराने की र्चचा चल रही है।
• संसद की स्थायी समिति ने भी सरकार, चुनाव आयोग और राजनीतिक दलों से रायमशविरा किया था, लेकिन कोई पक्की बात उभरकर सामने नहीं आई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 3 नवम्बर को पत्रकारों के सामने इस विषय पर र्चचा करने की अपील की थी।
• नीति आयोग की पहल : आयोग सरकार के लिए थिंक टैंक का काम कर रहा है। पीएम की अपील के बाद आयोग ने एक र्चचा पत्र तैयार कर लिया है, जिसके तहत एक साथ चुनाव के पक्ष-विपक्ष में तमाम बिंदुओं पर र्चचा की गई है।

Sorce of the News (With Regards):- compile by Dr Sanjan,Dainik Jagran(Rashtriya Sanskaran),Dainik Bhaskar(Rashtriya Sanskaran), Rashtriya Sahara(Rashtriya Sanskaran) Hindustan dainik(Delhi), Nai Duniya, Hindustan Times, The Hindu, BBC Portal, The Economic Times(Hindi& English)

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