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Thursday, November 24, 2016

दैनिक समसामयिकी 24 November 2016(Thursday)

1.लोकपाल पर कठघरे में सरकार
• सुप्रीम कोर्ट ने लोकपाल नियुक्ति में हो रही देरी पर बुधवार को केंद्र सरकार की खिंचाई की। कहा, नेता विपक्ष के न होने से कानून व्यर्थ नहीं हो सकता। सरकार सिस्टम में सफाई की हिमायती दिखती है फिर इस पर क्यों पीछे है?
• मुख्य न्यायाधीश टीएस ठाकुर की अध्यक्षता वाली पीठ ने लोकपाल कानून लागू होने के तीन साल बाद भी लोकपाल की नियुक्ति न होने का मसला उठाने वाली जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान ये टिप्पणियां कीं। गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) कॉमन कॉज ने यह अर्जी दाखिल की है। 

• एनजीओ की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता शांतिभूषण ने कहा, ‘राजनीतिक दल लोकपाल नहीं चाहते। आप ही इस बारे में सरकार को आदेश दें।’ केंद्र की ओर से पेश अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने कहा, ऐसा आदेश नहीं दिया जा सकता, यह कोर्ट द्वारा कानून बनाना होगा।
• रोहतगी ने पीठ को बताया, लोकपाल संशोधन विधेयक संसद में लंबित है। जिसमें नेता विपक्ष की जगह लोकसभा में सबसे बड़े विपक्षी दल के नेता को शामिल करने का प्रावधान है।
• इस पर पीठ ने कहा, ‘पिछले ढाई साल से नेता विपक्ष नहीं है और अगर अगले ढाई साल भी नेता विपक्ष नहीं हुआ तो क्या लोकपाल कानून व्यर्थ पड़ा रहेगा।’
• मुख्य न्यायाधीश ने सरकार की राजनीतिक इच्छाशक्ति पर सवाल उठाते हुए कहा, क्या लोकपाल संशोधन विधेयक अध्यादेश के जरिये लागू किया जा सकता है। इससे कम से कम लोगों की यह धारणा तो दूर होगी कि सरकार लोकपाल नहीं चाहती।
• लोकपाल बड़े संघर्ष के बाद आया है। सीवीसी की नियुक्ति में भी तो नेता विपक्षी की जगह सबसे बड़े विपक्षी दल का नेता शामिल किया गया है ऐसा ही लोकपाल में होना चाहिए।
• रोहतगी के यह कहने कि कोर्ट क्यों मानकर चल रही है कि संसद बिल पास नहीं करेगी, पीठ का जवाब था कि संसद बिल पास करे या न करे लेकिन हम लोकपाल जैसी संस्था को पांच साल तक खाली रखने की इजाजत नहीं देंगे।
• रोहतगी ने कहा, संसद सत्र चल रहा है इसलिए अध्यादेश नहीं लाया जा सकता। कोर्ट ने इस पर सुनवाई 7 दिसंबर तक टाल दी।
2. भारत ने 39 देशों के साथ करार किया
• सरकार ने बुधवार को बताया कि भारत ने सजायाफ्ता व्यक्तियों के आदान प्रदान के लिए 39 देशों के साथ करार पर हस्ताक्षर किये हैं।
• लोकसभा में के एन रामचंद्रन के प्रश्न के लिखित उत्तर में विदेश राज्य मंत्री वीके सिंह ने कहा कि भारत ने ब्रिटेन, मॉरीशस, बुल्गारिया, फ्रांस, मिस, श्रीलंका, कंबोडिया, दक्षिण कोरिया, सऊदी अरब, ईरान, बांग्लादेश, इस्रइल, संयुक्त अरब अमीरात, इटली, तुर्की, मालदीव, थाईलैंड, रूसी परिसंघ, कुवैत, बेलीज, ब्राजील, कनाडा, चिली, कोस्टारिका, इक्वाडोर, अल साल्वाडोर, ग्वाटेमाला, मैक्सिको, निकारागुआ, वेनेजुएला, पराग्वे, अमेरिका, उरूग्वे, पनामा, कजाकिस्तान, मंगोलिया, कतर, बहरीन तथा इस्टोनिया के साथ सजायाफ्ता व्यक्तियों के आदान प्रदान के लिए करार पर हस्ताक्षर किए हैं।
• पाक कलाकारों पर प्रतिबंध की योजना नहीं : सरकार ने स्पष्ट किया कि भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ने के कारण पाकिस्तानी फिल्मों और कलाकारों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने की उसकी कोई योजना नहीं है।
• लोकसभा में बुधवार को योगी आदित्यनाथ, आर ध्रुवनारायण और नित्यानंद राय के प्रश्न के लिखित उत्तर में सरकार ने यह स्पष्ट किया।
3. वंदे मातरम गाने के लिए नहीं है कोई नियम
• राष्ट्रगीत वंदे मातरम को गाने के तरीके या परिस्थिति को लेकर कोई नियम तय नहीं किया गया है। गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू ने रायसभा में यह जानकारी दी।
• वह भाजपा सांसद विकास महात्मे के प्रश्न का जवाब दे रहे थे। सांसद ने पूछा था कि क्या राष्ट्रगीत के सम्मान के लिए ऐसा कोई नियम है या क्या सरकार ऐसे नियम बनाने पर विचार कर रही है।
4. सेबी ने स्टार्ट अप में विदेशी निवेश के नियम उदार किये
• मार्केट रेगुलेटर सेबी ने स्टार्ट अप्स में निवेश के लिए नियम आसान कर दिये हैं। गैर सूचीबद्ध बांड में विदेशी निवेश की भी अनुमति दी गई है। जबकि प्राइवेट इक्विटी फंड और सूचीबद्ध कंपनियों के प्रमोटरों पर मुनाफे में हिस्सेदारी के लिए डील करने से रोक लगाई है।
• बुधवार को यहां हुई बोर्ड बैठक में सेबी ने स्टार्ट अप्स में निवेश के लिए नियम आसान किये हैं। इससे विदेशी एंजिल वेंचर केपिटल फंड आसानी से स्टार्ट अप्स में निवेश कर सकेंगे। अब वे पांच साल तक पुराने स्टार्ट अप्स में निवेश कर सकेंगे।
• अभी तक तीन साल पुरानी स्टार्ट अप कंपनियों में निवेश की अनुमति थी। एंजिल वेंचर केपिटल फंडों के लिए लॉक इन पीरियड तीन साल से घटाकर एक साल कर दिया गया है।
• इस दौरान वे शेयर बेच नहीं सकेंगे। निवेश की न्यूनतम राशि भी 50 लाख रुपये से घटाकर 25 लाख रुपये कर दी गई है।
• सेबी ने किसी स्टार्ट अप कंपनी में एंजिल निवेशकों की अधिकतम संख्या भी 49 से बढ़ाकर 200 कर दी है। सेबी ने छोटे निवेशकों के हितों की रक्षा के लिए कड़ी शर्ते लगाने के साथ कहा है कि सूचीबद्ध कंपनियां और उनके शीर्ष अधिकारी निदेशक मंडल और सामान्य शेयरधारकों की मंजूरी के बगैर प्राइवेट इक्विटी फंडों के साथ वेतन संबंधी समझौते नहीं कर सकेंगे।
5. न्यूजीलैंड में कर संधि के प्रोटोकॉल को मंजूरी
• दोहरा कराधान रोकने और राजस्व चोरी रोकने के लिए भारत और न्यूजीलैंड के बीच कर संधि के तीसरे प्रोटोकॉल को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी। यह आयकर के संबंध में प्रभावी होगा।
• प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में दोनों देशों के बीच समझौते के लिए तीसरे मसौदे में संशोधनों को मंजूरी देने के साथ इन्हें लागू करने की अनुमति दे दी गई। दोनों देशों के बीच प्रोटोकॉल पर 26 अक्टूबर 2016 को हस्ताक्षर किये गये थे।
• सरकारी बयान के अनुसार इस प्रोटोकॉल से कराधान के उद्देश्य से भारत और न्यूजीलैंड के बीच सूचनाओं का आदान-प्रदान हो सकेगा। इससे कर चोरी और दोहरा कराधान रोकने में मदद मिलेगी। दोनों देशों के बीच कर राजस्व दावों के निपटारे में भी सहायता मिलेगी।
6. दुनिया जल को सहयोग का वाहक बनाए
• भारत ने जल संबंधी संघर्षो की संभावना को नकारे नहीं जा सकने की बात रेखांकित करते हुए कहा है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को जल मामलों को ‘‘सुरक्षा के मामले से जोड़ने’ का रुख अपनाने पर विचार करने के बजाए इसे ‘‘सहयोग का वाहक’ बनाने का लक्ष्य तय करना चाहिए।
• संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि सैयद अकबरुद्दीन ने जल, शांति एवं सुरक्षा पर खुली बहस के दौरान मंगलवार को यूएनएससी में कहा, आधुनिक दुनिया में और अंदरूनी संयोजकता की हमारी मौजूदा समझ एवं हमारी साझी पर्यावरणीय चुनौतियों के मद्देनजर हमें जल मामलों को सुरक्षा के विषय से जोड़ने का रुख अपनाने पर विचार करने के बजाए जल को अंतरराष्ट्रीय संवाद के अहम शब्द के रूप में सहयोग का वाहक बनाने का लक्ष्य तय करना चाहिए।
• भारतीय राजनयिक ने कहा, सहयोग का रुख अपनाने से वास्तविक अंतरराष्ट्रीय सहयोग विकसित होगा। पानी जैसे जटिल एवं जीवन के लिए अहम मामले पर दूसरा (पानी को सुरक्षा का मामले से जोड़ने का) मार्ग अपनाने से पूरी मानवता के साथ अन्याय होगा।
• अकबरुद्दीन ने पिछले सात दशक में 60 अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर हुईं 200 संधियों का जिक्र करते हुए कहा कि अनुभव दर्शाता है कि जल निकायों के एक से अधिक देशों की सीमा से गुजरने की प्रकृति के मामलों में अंतरराष्ट्रीय सहयोग आवश्यक है और प्रत्येक विशिष्ट उदाहरण की अपनी अलग विशेषताएं हैं।
• उन्होंने कहा, संबंधित देशों ने अपने सामूहिक हित के विशेष संदभरें में सहयोग के मार्ग तलाशे हैं।अकबरुद्दीन ने कहा, भारत कई विभिन्न नदियों के प्रवाह की दिशा में नीचे की ओर और कई में ऊपर की ओर स्थित है और वह एक से अधिक देशों की सीमाएं पार करने वाली नदियों के जल के सहयोगात्मक प्रबंधन संबंधी विषयों से परिचित है।
• उन्होंने कहा, भारत के 1947 में विभाजन के साथ ही पश्चिम और पूर्व में नदियों का भी विभाजन हो गया था। हमने हमारे पड़ोसियों के साथ साझी नदियों का जल प्रबंधन किया है। एक से अधिक देशों की सीमाओं से गुजरने वाली नदियों के जल आवंटन संबंधी 1966 हेलसिंकी सिद्धांतों के कई साल पहले वर्ष 1960 में ऐतिहासिक सिंधु जल संधि को अंतिम रूप दिया गया।
• अकबरुद्दीन ने कहा, इसके अलावा भी जल साझा करने को लेकर हम हमारे पड़ोसियों के साथ सहयोगात्मक प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा, जल मनुष्य की सुरक्षा समेत मानव अस्तित्व के हर पहलू पर प्रभाव डालता है।
• जल संबंधी संघर्षो की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, ऐसे में यह रेखांकित करना प्रोत्साहित करता है कि कई देशों की सीमाओं से जुड़े मामलों में विशेष नवोन्मेषी सहयोगात्मक दृष्टिकोण विकसित करने को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय का समग्र अनुभव सकारात्मक रहा है।
7. वैज्ञानिकों ने आकाशगंगा के धूमिल उपग्रह समूह को खोजा
• वैज्ञानिकों ने अंतरिक्ष में एक ड्वार्फ उपग्रह समूह की खोज की है। माना जा रहा है कि आकाशगंगा के प्रभामंडल में यह अब तक का सबसे निस्तेज उपग्रह समूह है। इससे आकाशगंगा के निर्माण और इसमें डार्क मैटर की भूमिका का पता लगाने में मदद मिल सकती है। खोजे गए उपग्रह को कन्या (विगरे) 1 दिया गया है। यह कन्या नक्षत्र की दिशा में है।
• इसकी खोज जापान के तोहोकु यूनिवर्सिटी के अंतरिक्ष वैज्ञानिकों ने की है। अभी तक मिले ड्वार्फ उपग्रह समूह में कन्या 1 सबसे क्षीण साबित हो सकता है। सूर्य से यह 280,000 प्रकाश वर्ष की दूरी पर स्थित है। इससे पहले हुए सर्वे में इतनी क्षीण चमक वाले समूह की पहचान नहीं की जा सकी थी।
• खोज करने वाले वैज्ञानिकों का कहना है कि आकाशगंगा के प्रभामंडल में बड़ी संख्या में ड्वार्फ उपग्रह हैं। अभी तक आकाशगंगा में करीब 50 उपग्रह समूहों की पहचान की जा चुकी है। इनमें से करीब 40 उपग्रह समूह निस्तेज हैं और गोलाकार आकृति श्रेणी से संबंधित हैं।
8. निक्की हेली
• भारतीय मूल की रिपब्लिकन पार्टी की वरिष्ठ नेता निक्की हेली (44) संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका की राजदूत होंगी।
• कैबिनेट मंत्री पद की हैसियत वाले इस पद के लिए उनके नाम का फैसला बुधवार को नव निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने किया। अमेरिका में इतने महत्वपूर्ण पद के लिए पहली बार किसी भारतीय मूल के व्यक्ति की नियुक्ति हुई है। ट्रंप प्रशासन में नियुक्त हुईं वह पहली महिला हैं।
• निक्की की नियुक्ति का प्रस्ताव सीनेट में पेश किया जाएगा, औपचारिक अनुमति मिलने के बाद वह 20 जनवरी, 2017 के बाद कार्यभार संभालेंगी। निक्की इस समय साउथ कैरोलिना प्रांत की गवर्नर हैं। गवर्नर के रूप में यह उनका दूसरा कार्यकाल है।
9. मालिनी सुब्रमण्यम
• भारतीय पत्रकार मालिनी सुब्रमण्यम को अंतरराष्ट्रीय प्रेस स्वतंत्रता अवार्ड से सम्मानित किया गया है। मालिनी को यह सम्मान नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र से रिपोर्टिग के लिए दिया गया है। उनके अलावा तीन और पत्रकारों को भी इस सम्मान से नवाजा गया है।
• मालिनी को यह सम्मान पत्रकार संरक्षण समिति (सीपीजे) ने प्रदान किया है। उनके अलावा समिति ने अल सल्वाडोर के ऑस्कर मार्टिनेज और तुर्की के कैदुंदार को भी सम्मानित किया है। जेल में बंद मिस्र के फोटोग्राफर अबू जेइद को उनकी अनुपस्थिति में यह सम्मान दिया गया है।

Sorce of the News (With Regards):- compile by Dr Sanjan,Dainik Jagran(Rashtriya Sanskaran),Dainik Bhaskar(Rashtriya Sanskaran), Rashtriya Sahara(Rashtriya Sanskaran) Hindustan dainik(Delhi), Nai Duniya, Hindustan Times, The Hindu, BBC Portal, The Economic Times(Hindi& English)

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