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Friday, November 25, 2016

दैनिक समसामयिकी 25 November 2016(Friday)

1.बेहिसाब जमा पर लगेगा 60 फीसद टैक्स!
• ऐसा समझा जाता है कि मंत्रिमंडल ने बृहस्पतिवार की रात्रि को उच्च राशि के नोटों पर पाबंदी के बाद सीमा से अधिक बेहिसाब जमा राशि पर 60 फीसद के करीब आयकर लगाने के लिए कानून में संशोधन पर र्चचा की।
• बैंकों की शून्य खाते वाले जनधन खातों में 500 और 1,000 रपए के नोटों पर पाबंदी के दो सप्ताह के भीतर 21,000 करोड़ रपए से अधिक जमा करने की सूचना के बाद यह कदम उठाया गया है।
• अधिकारियों को आशंका है कि इन खातों का उपयोग कालेधन को सफेद बनाने में किया गया है। बैठक में हुई बातचीत के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गयी। संसद सत्र के बीच आनन-फानन में यह बैठक बुलाई गई थी। परंपरागत रूप से संसद सत्र के दौरान नीतिगत निर्णय के बारे में बाहर कोई जानकारी नहीं दी जाती है।

• सूत्रों ने कहा कि सरकार इस बात को लेकर गंभीर है कि सभी बेहिसाब धन बैंक खातों में जमा हो और उस पर कर लगे। बंद किए गए नोटों को 10 नवम्बर से 30 दिसम्बर के दौरान बैंक खातों में जमा करने की अनुमति दी गई है।
• आठ नवम्बर को नोटबंदी के बाद सरकार की तरफ से विभिन्न बयान दिए गए हैं। इससे संदिग्ध जमा पर कर अधिकारियों का भय बढ़ा है। अधिकारियों ने 50 दिन की समय सीमा में निश्चित सीमा से अधिक राशि जमा किए जाने पर 30 फीसद कर के साथ 200 फीसद जुर्माना लगाए जाने की बात कही है। इतना ही नहीं इसके ऊपर कालाधन रखने वालों के खिलाफ अभियोजन भी चलाया जा सकता है।
• सूत्रों ने कहा कि सरकार की संसद के मौजूदा सत्र में आयकर कानून में संशोधन लाने की योजना है ताकि कालाधन पर 45 फीसद से अधिक कर लगाया जा सके। 45 फीसद कर एवं जुर्माना आय घोषणा योजना के तहत घोषित कालेधन पर लगाया गया।
• यह योजना 30 सितम्बर को समाप्त हो गई। जिन लोगों ने योजना का लाभ नहीं उठाया और उनके पास कालधन है तो उन पर करीब 60 फीसद की दर से कर लगाया जा सकता है। विदेशों में कालाधन रखने वालों ने इस दर से पिछले साल कर का भुगतान किया था।
2. कैशलेस लेनदेन होगा लोकप्रिय : प्रधानमंत्री ने इस संबंध में बनाई तीन सदस्यीय कमेटी
• नोटबंदी के बाद उपजे नकदी संकट को दूर करने में सरकार गांव-गांव तक कैशलेस सौदों के उपाय पहुंचाने को अहम मान रही है। लोगों के बीच ऐसे कैशलेस सौदों को लोकप्रिय बनाने और इसके लिए आवश्यक ढांचा तैयार करने की जरूरतों की पहचान के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय ने तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया है।
• प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चाहते हैं कि युद्धस्तर पर काम करके देश में कैशलेस सौदों को यादा से यादा लोकप्रिय बनाया जाए। इस तीन सदस्यीय कमेटी में सूचना प्रौद्योगिकी सचिव, विनिवेश सचिव और नीति आयोग के सीईओ को शामिल किया गया है।
• सरकार के एक उचाधिकारी के मुताबिक समिति को लोगों के बीच कैशलेस सौदों को लोकप्रिय बनाने के उपाय तलाश करने हैं। सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री कार्यालय ने कमेटी से युद्धस्तर पर काम करके रणनीति तैयार करने को कहा है, ताकि नकदी संकट से परेशान लोगों को राहत दी जा सके।
• समिति को यह भी देखना है कि यह काम कितनी जल्दी किया जा सकता है। सूत्र बताते हैं कि कमेटी को यह भी देखना होगा कि कैशलेस सौदों की संख्या बढ़ाने के लिए किस तरह के बुनियादी ढांचे की आवश्यकता होगी और इसके लिए क्या उपाय करने होंगे। समिति को तकनीकी जरूरतों की पहचान करने को भी कहा गया है। कमेटी इस पर भी विचार करेगी कि देश में डिजिटल वित्तीय साक्षरता को कैसे बढ़ाया जा सकता है।
• लोगों में इसकी कमी ही अब तक कैशलेस सौदों की लोकप्रियता के आड़े आती रही है। सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने गुरुवार को बैठक कर इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए देश में मौजूद बुनियादी ढांचे की समीक्षा भी की।
• बुधवार को कैबिनेट की बैठक के बाद प्रधानमंत्री ने खुद प्रसाद से राष्ट्रीय स्तर पर कैशलेस सौदों को लोकप्रिय बनाने की दिशा में प्रयास करने को कहा था। स्पष्ट निर्देश है कि इस काम को मिशन मोड में किया जाना चाहिए। प्रसाद की अध्यक्षता में हुई बैठक में कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के सीईओ, यूआइडीएआइ के महानिदेशक, एसटीपीआइ प्रमुख और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के प्रमुख शामिल थे।
• देश में मौजूद कुल कॉमन सर्विस सेंटरों में से करीब 30,000 ऐसे हैं जो फ्रेंचाइजी आधार पर बैंकिंग सेवाएं दे रहे हैं। बैठक में तय हुआ कि प्रत्येक वीएलई यानी ग्राम स्तरीय उद्यमी 10 लोगों को डिजिटल वित्तीय साक्षरता प्रदान करेगा। यही उद्यमी इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर भी उपलब्ध कराएंगे।
• इस तरह एक साथ तीन लाख लोगों को डिजिटल रूप से वित्तीय साक्षर बनाया जा सकेगा। सीएससी को इस काम के लिए प्रमुख संगठन के तौर पर पेश किया जा रहा है। बैठक के नतीजों को सिफारिशों का रूप देकर पीएम द्वारा नियुक्त कमेटी को सौंपा जाएगा।
• समिति इस पर आगे की कार्रवाई की दिशा तय करेगी। प्रसाद की अगुआई में मंत्रलय के इस त्वरित प्रयास को अहम माना जा रहा है। पीएम भी चाहते हैं कि इस बाबत होने वाली कार्रवाई में कोई ढिलाई न हो, ताकि लोगों की दिक्कतों को जल्द दूर किया जा सके।
• यही वजह है कि पीएम के कहने के तुरंत बाद सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रलय ने कमेटी की मदद में आगे आकर खुद रास्ता तलाशने की कोशिश शुरू की।
3. हार्ट ऑफ एशिया में शामिल होंगे 40 देश, भारत-पाक वार्ता भी संभव
• एलओसीपर तनाव के बीच अमृतसर में तीन और चार दिसंबर को हार्ट ऑफ एशिया सम्मेलन हो रहा है। इसमें 40 देशों के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। भारत और पाकिस्तान सम्मेलन के बहाने बातचीत की टेबल पर मिल सकते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी सम्मेलन को संबोधित कर सकते हैं।
• पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के सलाहकार सरताज अजीज भी इसमें हिस्सा लेंगे। क्या इस दौरान भारत-पाक की द्विपक्षीय बात हो सकती है? इस सवाल के जवाब में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने कहा कि अभी कुछ तय नहीं है।
• सम्मेलन का कार्यक्रम बनाया जा रहा है। कार्यक्रम तय होने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। सूत्रों के अनुसार, अजीज और भारत के वार्ताकारों के बीच अलग से बातचीत की संभावनाओं को खारिज नहीं किया जा सकता है।
• अजीज पहले ही कह चुके हैं कि यह सम्मेलन दोनों देशों के बीच तनाव घटाने का अच्छा मौका होगा। इस बीच, एक सवाल पर स्वरूप ने बताया कि विदेश मंत्री सुषमा स्वराज तबीयत खराब होने की वजह से सम्मेलन में हिस्सा नहीं लेंगी।
4. विदेश सचिव जयशंकर ने कहा :भारत, चीन में तर्कसंगत वार्ता जरूरी
• परमाणु आपूत्तर्िकर्ता समूह (एनएसजी) में भारत की सदस्यता के विरुद्ध चीन के अपने रुख से नहीं हटने के बीच विदेश सचिव एस जयशंकर ने दोनों पक्षों में इस बात को लेकर ‘‘तर्कसंगत और व्यावहारिक’ वार्ता की वकालत की कि एक दूसरे की आकांक्षाओं को जगह नहीं देना किस तरह संपूर्ण संबंधों के लिए नुकसानदेह है।
• विदेश सचिव ने यह भी कहा कि भारत को चीन में अपनी छवि सुधारने के लिए अपनी सॉफ्ट पॉवर का इस्तेमाल करना चाहिए तथा और भी बहुत कुछ करना चाहिए क्योंकि वहां के लोगों को इस देश के बारे में उचित तरीके से नहीं पता।
• भारत की सॉफ्ट पॉवर पर विदेश मंत्रालय की स्थाई समिति की एक रिपोर्ट में विदेश सचिव की यह टिप्पणियां आई हैं जिसे कल लोकसभा में पेश किया गया।
• रिपोर्ट में जयशंकर के हवाले से कहा गया है, मेरा मानना है कि हमें फिलहाल चीन के साथ जो दिक्कतें हैं उन्हें मानने से इनकार नहीं करना चाहिए। विदेश सचिव के मुताबिक, इसलिए इस समय चीन के साथ इस बारे में तर्कसंगत व्यावहारिक बातचीत जरूरी है कि किस तरह से एक-दूसरे की आकांक्षाओं को जगह नहीं देना संबंधों के लिए लाभकारी नहीं है।
• हमें बातचीत करनी चाहिए और हम करेंगे। वह इस संबंध में एक प्रश्न का उत्तर दे रहे थे कि क्या चीन के साथ भारत की बातचीत में सॉफ्ट पॉवर का इस्तेमाल किया जा सकता है।एनएसजी के मुद्दे पर जयशंकर ने कहा, सॉफ्ट पॉवर का एक महत्व है लेकिन यह कुछ गंभीर कठोर प्रभावशाली दलीलों की जगह नहीं ले सकती।
• कांग्रेस सांसद शशि थरूर की अध्यक्षता वाली समिति ने यह भी कहा, बॉलीवुड और भारतीय लोक संस्कृति के अलावा देश की सॉफ्ट पॉवर को प्रोत्साहित करने में भारतवंशियों की अहम भूमिका है।
• समिति को लगता है कि सरकार भारत की सॉफ्ट पॉवर का लाभ खंडित रूप में ही उठा सकी है जिसमें किसी जोड़ने वाली नीति या सहगामी वित्तीय संसाधनों का समर्थन नहीं है।
5. जवाबी कार्रवाई से हिला पाक, पहुंचा यूएन
• भारत और पाकिस्तान के मध्य नियंत्रण रेखा पर बढ़े तनाव और करीब रोज हो रही गोलाबारी के सिलसिले में बुधवार को पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र से मांग की कि वह समस्या के पूरी तरह से फैलने से पहले रोके।
• पाकिस्तानी राजदूत मलीहा लोधी ने संयुक्त राष्ट्र के उप महासचिव जान एलीसन और महासचिव के प्रशासनिक प्रमुख एडमंड मुलेट से मुलाकात में यह बात कही है। लोधी ने नियंत्रण रेखा की स्थिति को अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बताया।
• पाकिस्तानी स्थायी मिशन की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि भारत नियंत्रण रेखा पर तनाव बढ़ाने की लगातार कोशिश कर रहा है। ऐसा वह कश्मीर में मानवाधिकार हनन के मामलों से अंतरराष्ट्रीय बिरादरी का ध्यान हटाने के लिए कर रहा है।
• बयान में गोलाबारी में घायल लोगों को ले जा रही एंबुलेंस पर हमले का भी आरोप लगाया गया है। कहा गया है कि ऐसा करके भारतीय सेना ने मानवाधिकारों के हनन का घृणित कार्य किया है। लोधी ने समस्या पूरी तरह से फैलने से पहले उस पर ध्यान देने का अनुरोध किया है।
• संयुक्त राष्ट्र के शांति रक्षा वाले विभाग से मांग की गई है कि वह अपने नियंत्रण रेखा पर अपने नियुक्त पर्यवेक्षण दल को सतर्क करके भारत और पाकिस्तान के बीच के तनाव को कम कराने का प्रयास करे।
• बुधवार को पाकिस्तानी सेना के बयान में कहा गया था कि भारतीय फायरिंग में उसके तीन सैनिकों सहित सात लोग मारे गए हैं। इससे पहले मंगलवार को पाकिस्तानी गोलीबारी में तीन भारतीय सैनिक शहीद हुए थे।

Sorce of the News (With Regards):- compile by Dr Sanjan,Dainik Jagran(Rashtriya Sanskaran),Dainik Bhaskar(Rashtriya Sanskaran), Rashtriya Sahara(Rashtriya Sanskaran) Hindustan dainik(Delhi), Nai Duniya, Hindustan Times, The Hindu, BBC Portal, The Economic Times(Hindi& English)

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