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Monday, December 05, 2016

दैनिक समसामयिकी 05 December 2016(Monday)

1.हार्ट ऑफ एशिया सम्मेलन : आतंक पर पाक की बोलती बंद
• हार्ट ऑफ एशिया सम्मेलन के दौरान जिन शब्दों में पाकिस्तान को हिदायत दी गई है, उसे पूरी तरह अनसुना करना उसके लिए बहुत आसान नहीं होगा।
• पाकिस्तान के दो सबसे अहम पड़ोसी न सिर्फ उसके खिलाफ पूरी तरह से लामबंद हैं, बल्कि उसके आतंकी चेहरे को बेनकाब करने के लिए किसी हद तक जाने को तैयार हैं।
• पाकिस्तान की जोर-आजमाईश के बावजूद अमृतसर घोषणापत्र में वहां फल-फूल रहे जैश और लश्कर जैसे आतंकी संगठनों के नाम शामिल किए गए हैं। इससे स्पष्ट है कि इस्लामाबाद किस तरह से क्षेत्र में अलग-थलग पड़ रहा है। 

• हाल के दिनों में उसको इस तरह की कूटनीतिक शर्मिदगी का सामना बहुत कम करना पड़ा है। जिस वक्त पाकिस्तान को आतंकवाद के मुद्दे पर बेनकाब किया जा रहा था, तब दर्शक दीर्घा में नवाज शरीफ के विदेशी मामलों के सलाहकार सरताज अजीज भी बैठे हुए थे।
• रविवार को हार्ट ऑफ एशिया सम्मेलन का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अफगान राष्ट्रपति अशरफ गनी ने संयुक्त रूप से किया।
• मोदी ने अपने भाषण में कहा कि आतंकी हिंसा करने वाले समूहों के अलावा उन्हें आश्रय देने वाले देशों के खिलाफ भी हमें कार्रवाई करने की जरूरत है। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की जगह बैठक का संचालन कर रहे वित्त मंत्री अरुण जेटली ने अपने शुरुआती भाषण में कहा कि किसी देश को किसी भी आधार पर आतंक का समर्थन करने की छूट नहीं होनी चाहिए।
• सम्मेलन खत्म होने के बाद प्रेस कान्फ्रेंस में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि एक तरह से सभी देश मानते थे कि अफगानिस्तान और इस पूरे क्षेत्र में आतंकवाद ही सबसे बड़ा मुद्दा है।
• यही वजह है कि सिर्फ अफगानिस्तान को नुकसान पहुंचाने वाले नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए मुसीबत बने जैश और लश्कर के नाम को भी घोषणापत्र में शामिल किया गया है। साथ ही यह भी सहमति बनी है कि आतंक के खिलाफ स्थानीय स्तर पर समग्र कार्रवाई करने का एजेंडा बनाया जाएगा।
घोषणापत्र के प्रमुख अंश

• क्षेत्र के आतंकवादी पनाहगाहों और सुरक्षित ठिकानों को खत्म किया जाए।
• आतंकवादी नेटवर्कों के सभी वित्तीय, रणनीतिक समर्थन को बाधित किया जाए।
• तालिबान, आईएसआईएल, दाएश और इसके सहयोगियों सहित अन्य आतंकवादी संगठनों, हक्कानी नेटवर्क, अल-कायदा, इस्लामिक मूवमेंट ऑफ उज्बेकिस्तान, ईस्ट तुर्किस्तान इस्लामिक मूवमेंट, लश्कर-ए-तय्यबा, जैश-ए-मोहम्मद, टीटीपी, जमात-उल-अहरार, जंदुल्ला तथा विदेशी आतंकी लड़ाकों की ओर से बड़े पैमाने पर की जाने वाली हिंसा के मद्देनजर क्षेत्र, खासकर अफगानिस्तान के सुरक्षा हालात की गंभीरता के प्रति चिंता जतायी गयी।
• घोषणापत्र में कहा गया कि इस सिलसिले में हम सभी देशों से अपनी अपनी राष्ट्रीय आतंक रोधी नीतियों, उनके अंतरराष्ट्रीय दायित्वों और संयुक्त राष्ट्र नियंतण्र आतंकवाद रणनीति 2006 के मुताबिक इन आतंकी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई करने की अपील करते हैं।
2. भारत-अफगानिस्तान : द्विपक्षीय सहयोग में और एक अरब डॉलर का करेंगे उपयोग
• प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी के बीच द्विपक्षीय वार्ता में रविवार को सीमा पार से होने वाले आतंकवाद सहित विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर र्चचा हुई और दोनों देशों ने आतंकवाद-निरोधी सहयोग को और मजबूत करने का निर्णय किया।
• बैठक के दौरान दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय सहयोग में और एक अरब डॉलर की राशि का उपयोग करने पर सहमति बनी। इस राशि का उपयोग खास तौर से क्षमता संवर्धन, कौशल विकास, अवसंरचना विकास और संभावित विमान सेवा सहित परिवहन संपर्क विकसित करने के क्षेत्र में होगा।
• दोनों देशों के बीच यह विमान संपर्क शुरू होने से भारत अफगानिस्तान में पाकिस्तान के मुकाबले कुछ लाभ की स्थिति में आ जाएगा क्योंकि इस्लामाबाद लगातार उसकी सीमा से ट्रांजिट संपर्क देने से इनकार कर रहा है।विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने कहा कि दोनों नेताओं ने आतंकवाद के साझा खतरों, विशेष रूप से सीमा पार से होने वाली गतिविधियों पर अपने विचारों का आदान-प्रदान किया।
• इस परिपेक्ष्य में दोनों देशों के बीच आतंकवाद-निरोधी सहयोग बढ़ाने, संयुक्त राष्ट्र तथा अन्य मंचों पर समन्वय बढ़ाने पर दोनों नेताओं में सहमति बनी। बैठक में मोदी ने अफगानिस्तान में शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए भारत का समर्थन जारी रखने का आश्वासन गनी को दिया।
• सूचनाओं के अनुसार, अफगानिस्तान ने सैन्य हार्डवेयर आपूत्तर्ि बढ़ाने संबंधी मांग भी भारत से की है।सूत्रों का कहना है कि भारत और अफगानिस्तान दोनों ही जितनी जल्दी संभव हो विमान मालवाहक सेवा समझौते को अंतिम रूप देने तथा पहले से तय समझौते में विस्तार करने के इच्छुक हैं।
• भारत और अफगानिस्तान दो तरफा व्यापार के लिए एक दूसरे को जोड़ने वाली विभिन्न परियोजनाएं तलाश कर रहे हैं।
• इस वर्ष मई में भारत, ईरान और अफगानिस्तान ने ईरान के चाबहार बंदरगाह को मुख्य बिन्दु बनाते हुए व्यापार एवं परिवहन कोरिडोर बनाने के समझौते पर हस्ताक्षर किया था।
• इसका लक्ष्य एक ट्रांजिट कोरिडोर विकसित करना है।
• चाबहार बंदरगाह का समुद्री-सड़क मार्ग पाकिस्तान को दरकिनार करने के लिहाज से विकसित किया गया है। द चीन द्वारा पाकिस्तान में ग्वादर बंदरगाह विकसित किए जाने पर भारत की प्रतिक्रि या के रूप में इस रास्ते को देखा जा रहा है।
• अफगानिस्तान भारत के साथ रक्षा और सुरक्षा संबंधों को और मजबूत बनाने को इच्छुक है और संकेत मिल रहे हैं कि गनी हथियारों और सैन्य हार्डवेयर की आपूर्ति बढ़ाने को लेकर भारत पर जोर दे रहे हैं।
• भारत ने चार सैन्य हेलीकॉप्टरों में से चौथा और अंतिम हेलीकॉप्टर पिछले सप्ताह अफगानिस्तान भेजा है।द भारत ने अफगानिस्तान के सैकड़ों सुरक्षा कर्मियों को प्रशिक्षण दिया है लेकिन वह हथियारों की आपूर्ति को लेकर थोड़ा सतर्क रहता है।
3. भारत-बांग्लादेश सचिव वार्ता आज से
• भारत-बांग्लादेश के बीच सोमवार से शुरू हो रही गृह सचिव स्तरीय वार्ता में खुफिया सूचनाओं को साझा करना और सीमा पार तस्करी को संयुक्त रूप से रोकने का विषय छाया रहेगा।
• केंद्रीय गृह सचिव राजीव महर्षि और उनके बांग्लादेशी समकक्ष मोजम्मल हक खान तथा उनकी टीमें आतंकवाद रोधी तंत्र को मजबूत करने तथा आतंकवादियों और आतंकी संगठन के बारे में सूचना साझा करने के लिए दो दिन गहन र्चचा करेंगे।
• सूत्रों ने बताया कि भारतीय उपमहाद्वीप में दुर्दांत आतंकी संगठन आईएसआईएस की बढ़ती गतिविधियों, बांग्लादेश और कुछ भारतीय राज्यों में जेहादी समूहों की मौजूदगी और उनसे संयुक्त रूप से निपटने के तरीके पर र्चचा होगी।
• भारत बांग्लादेश की खुली सीमा पर पशुओं, मादक द्रव्यों और हथियारों की तस्करी का मुद्दा दोनों देशों द्वारा उठाए जाने की उम्मीद है। साथ ही उन्हें रोकने के लिए तरीके खोजने की भी उम्मीद है। अपने सर्वाधिक वांछित अपराधियों को पकड़ने के लिए बांग्लादेश भारतीय सहयोग के लिए जोर दे सकता है।
4. मौद्रिक नीति की समीक्षा बुधवार को पेश करेगा रिजर्व बैंक
• भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल नोटबंदी की वजह से प्रभावित बैंकों को राहत के लिए बुधवार को मौद्रिक समीक्षा में नीतिगत दरों में 0.25 प्रतिशत की और कटौती कर सकते हैं। ज्यादातर बैंकरों ने यह राय व्यक्त की है।
• नोटबंदी के बाद यह केंद्रीय बैंक की यह पहली मौद्रिक समीक्षा है। सरकार द्वारा 8 नवम्बर को 500 और 1,000 का नोट बंद करने के बाद से बैंकों की जमा में जोरदार इजाफा हुआ। पटेल ने रिजर्व बैंक गवर्नर के रूप में अपनी पहली मौद्रिक समीक्षा में अक्टूबर में रेपो दर को 0.25 प्रतिशत घटाकर 6.25 प्रतिशत किया था।
• यह दूसरी मौद्रिक समीक्षा है जो मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की सिफारिशों पर आधारित होगी। जनवरी, 2015 के बाद से केंद्रीय बैंक रेपो दरों में 1.75 प्रतिशत की कटौती कर चुका है।
• केनरा बैंक के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी राकेश शर्मा ने कहा कि मुद्रास्फीति में नरमी से हमें उम्मीद है कि केंद्रीय बैंक नीतिगत दरों में 0.25 प्रतिशत की कटौती करेगा। इसी तरह की राय जताते हुए आईडीबीआई बैंक के मुख्य वित्त अधिकारी आरके बंसल ने कहा कि केंद्रीय बैंक रेपो दर को घटाकर 6 प्रतिशत पर लाएगा।
• बैंकरों का मानना है कि बाजार स्थिरीकरण योजना (एमएसएस) की सीमा को 30,000 करोड़ रपए से बढ़ाकर 6 लाख करोड़ रपए करने के बाद रिजर्व बैंक बढ़ी हुई जमा पर 100 प्रतिशत की दर से नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) की व्यवस्था जारी नहीं रखेगा।नकदी की स्थिति के प्रबंधन के लिए रिजर्व बैंक ने 28 नवम्बर को बैंकों से 16 सितम्बर से 11 नवम्बर तक प्राप्त जमा पर बढ़ी हुई जमा के लिए 100 प्रतिशत सीआरआर को लागू करने को कहा है।
• यस बैंक ने कहा कि जमा में जोरदार बढ़ोतरी के बाद सीआरआर में अस्थायी वृद्धि चिंता की बात नहीं है, लेकिन केंद्रीय बैंक को अगली मौद्रिक समीक्षा में रेपो दर को घटाकर 6.25 से 6 प्रतिशत पर लाना चाहिए। भारतीय स्टेट बैंक के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि ऐसी उम्मीद है कि नवम्बर की मुद्रास्फीति चार प्रतिशत से नीचे रहेगी।
• अक्टूबर में खुदरा मुद्रास्फीति 4.20 प्रतिशत तथा थोक मुद्रास्फीति 3.39 प्रतिशत पर थी। अधिकारी ने कहा कि इसके अलावा नोटबंदी से उपभोक्ता मांग भी प्रभावित हुई है। ऐसे में हम उम्मीद कर रहे हैं कि 2016-17 में रेपो दर में 0.25 से 0.50 प्रतिशत की और कटौती होगी।
• सिटी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि रिजर्व बैंक 2016-17 के लिए अपनी जीडीपी वृद्धि दर के अनुमान को संशोधित कर सकता है। साथ ही वृद्धि के नीचे की ओर जाने के जोखिम की वजह से रेपो दर में 0.25 प्रतिशत की कटौती कर सकता है।
5. जीएसटी से सौर ऊर्जा मिशन को लग सकता है धक्का
• वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में सौर पैनलों तथा फोटो वोल्टाइक सेल/मॉड्यूलों को 18 प्रतिशत वाले कर स्लैब में रखने का प्रस्ताव है, जिससे केंद्र सरकार के सौर ऊर्जा मिशन को धक्का लग सकता है।
• केंद्र ने वर्ष 2022 तक देश में सौर ऊर्जा क्षमता बढ़ाकर 100 गीगावाट करने का लक्ष्य रखा है। यह लक्ष्य हासिल कर लेने पर भारत दुनिया में सबसे अधिक सौर ऊर्जा क्षमता वाला देश हो जाएगा लेकिन यह लक्ष्य हासिल करना इतना आसान नहीं है।
• इसी के मद्देनजर सरकार ने वर्तमान में फोटो वोल्टाइक सेल/मॉड्यूल को आयात शुल्क तथा उत्पाद शुल्क से छूट दी हुई है। इसके साथ ही सोलर सेल या इनसे बने मॉड्यूल/पैनल को भी आयात शुल्क से छूट दी गई है जबकि इन पर उत्पाद शुल्क 12.5 प्रतिशत है।
• नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय में आर्थिक सलाहकार डा. ए.के. त्रिपाठी ने एक साक्षात्कार में बताया कि जीएसटी में इन उत्पादों को 18 फीसद वाले स्लैब में रखने का प्रस्ताव है। उन्होंने स्वीकार किया कि इससे सौर ऊर्जा के क्षेत्र में काम कर रहे उद्योग हतोत्साहित होंगे और कहा कि मंत्रालय इन उत्पादों को निचले कर स्लैब में रखने के लिए वित्त मंत्रालय के साथ बातचीत कर रहा है।
• डा. त्रिपाठी ने कहा कि सरकार की कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा सोलर पैनल देश में ही बने लेकिन कुछ चीजों के लिए आयात के अलावा कोई विकल्प नहीं है क्योंकि सिलिकान मैटिरियल देश में नहीं बनते। उल्लेखनीय है कि पिछले वित्त वर्ष में 16.15 करोड़ सौर पैनल का आयात किया गया, जिनमें चीन से आयातित 11.35 करोड़ पैनल थे, जो कुल आयात का 70 प्रतिशत है।
• इसके बाद सबसे ज्यादा आयात ताइवान और मलयेशिया से हुआ है।उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 तक 100 गीगा वाट का लक्ष्य हासिल करना बिल्कुल संभव है। मार्च 2017 तक देश में कुल सौर ऊर्जा क्षमता 20 हजार मेगावाट तक हो जाएगी तथा इसके बाद हर साल लगभग 16 हजार मेगावाट क्षमता बढ़ाने की जरूरत रह जाएगी। डा. त्रिपाठी ने कहा कि पिछले छह साल में देश में नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेा में काफी प्रगति हुई है।
• छह साल पहले देश में सौर ऊर्जा क्षमता लगभग न के बराबर थी जो अब बढ़कर आठ हजार मेगावाट से ज्यादा हो चुकी है। वर्ष 2010 में सौर ऊर्जा की दर 18 रपए प्रति यूनिट थी जो आज घटकर चार से पांच रपए प्रति यूनिट पर आ गई है।
Sorce of the News (With Regards):- compile by Dr Sanjan,Dainik Jagran(Rashtriya Sanskaran),Dainik Bhaskar(Rashtriya Sanskaran), Rashtriya Sahara(Rashtriya Sanskaran) Hindustan dainik(Delhi), Nai Duniya, Hindustan Times, The Hindu, BBC Portal, The Economic Times(Hindi& English)

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