Email :- vmentorcoaching@gmail.com
Mobile No :- +918290909894, +918824358962
Address :- Near Chandra Mahal Garden, Agra Road Jaipur, 302031, India

Tuesday, December 06, 2016

दैनिक समसामयिकी 06 December 2016(Tuesday)

1.साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए इंटरनेट कंपनियों को नोटिस
• सुप्रीम कोर्ट ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए सोमवार को गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, याहू और फेसबुक जैसे इंटरनेट दिग्गजों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। याचिका में साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए कदम उठाने और यौन अपराधों के वीडियो सोशल नेटवर्किग साइटों पर शेयर करने से रोके जाने की मांग की गई है।
• जस्टिस एमबी लोकुर और यूयू ललित की पीठ ने उक्त कंपनियों को नोटिस जारी कर नौ जनवरी तक जवाब देने को कहा है। याचिकाकर्ता गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) ‘प्रवला’ की ओर से पेश वकील अपर्णा भट्ट ने कहा कि दुष्कर्म के वीडियो बनाकर उन्हें सोशल नेटवर्किग साइटों पर पोस्ट किया जा रहा है। लिहाजा, इंटरनेट कंपनियों को ऐसे साइबर अपराधों पर रोक लगाने के लिए कदम उठाने चाहिए। 

• केंद्र सरकार की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल मनिंदर सिंह ने साइबर अपराधों के लिए नोडल एजेंसी गृह मंत्रालय और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआइ) की ओर से उठाए गए कदमों का विवरण पेश किया। उन्होंने कहा कि यौन अपराध करने वालों के नाम उजागर करने पर भारत और दुनियाभर में बहस जारी है।
• इस संबंध में जो भी फैसला लिया जाएगा, उसे लागू किया जाएगा। इस पर पीठ ने कहा कि ऐसा तभी किया जाए जब अपराध सिद्ध हो जाए, सिर्फ मामला दर्ज करने के बाद नहीं। क्योंकि ऐसा करने से उस व्यक्ति की छवि तो तार-तार हो जाएगी अगर वह यौन अपराध के मामले से बरी हो गया।
• शीर्ष अदालत ने केंद्र को यह भी निर्देश दिया कि महिलाओं के खिलाफ अपराध रोकने के लिए उठाए जा रहे कदमों की सूची में वह बच्चों के खिलाफ यौन हिंसा रोकने के लिए उठाए जा रहे कदमों को भी शामिल करे। क्योंकि राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के मुताबिक बचों के खिलाफ यौन हिंसा के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है।
• दरअसल, शीर्ष अदालत तत्कालीन प्रधान न्यायाधीश एचएल दत्तू को हैदराबाद स्थित एनजीओ ‘प्रवला’ की ओर से पेनड्राइव में दुष्कर्म के दो वीडियो के साथ भेजे गए एक पत्र पर सुनवाई कर रही थी। अदालत ने इस पत्र पर स्वत: संज्ञान लिया है और सीबीआइ को वाट्सएप पर पोस्ट इन दोनों वीडियो के दोषियों को पकड़ने के लिए जांच करने के आदेश दिए हैं।

2. तय हो कच्चे तेल की उचित कीमत
• सत्ता में आने के बाद राजग सरकार के सामने पहली बार कच्चे तेल (क्रूड) की रोजाना बढ़ रही कीमतों ने चुनौती पेश की है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड की कीमतें 16 महीनों के ऊंचे स्तर पर पहुंच गई हैं। इसकी चिंता सरकार के माथे पर साफ दिखाई दे रही है।
• यही वजह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी तरह के ऊर्जा स्रोतों की कीमतों को एक निर्धारित स्तर पर रखने का आग्रह किया है।
• हाइड्रोकार्बन क्षेत्र में विश्व के सबसे बड़े सम्मेलन पेट्रोटेक का सोमवार को यहां उद्घाटन करते हुए मोदी ने कहा कि ऊर्जा अब भी आर्थिक प्रगति का सबसे बड़ा उत्प्रेरक है। समाज के निचले तबके तक विकास का फायदा पहुंचाने के लिए ऊर्जा स्रोतों की टिकाऊ और उचित कीमत तय करना बेहद जरूरी है।
• हाइड्रोकार्बन आने वाले कई वर्षो तक सबसे अहम ऊर्जा स्रोत बना रहेगा। फिलहाल अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 55 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई है। यह क्रूड का अगस्त, 2015 के बाद सबसे ऊंचा स्तर है।
• अगर क्रूड के दाम यूं ही बढ़ते रहे तो भारत में भी पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तेजी से इजाफा करना पड़ सकता है। दोनों के दाम तय करने का अधिकार सरकार तेल कंपनियों को दे चुकी है। इसके बावजूद खुदरा दाम बढ़ते हैं तो इसका राजनीतिक खामियाजा केंद्र को भुगतना पड़ सकता है।
• पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने भी बैठक में हिस्सा ले रहे सभी देशों से अनुरोध किया कि वे क्रूड की उचित व टिकाऊ कीमत तय करें।
• पेट्रोटेक-2016 में तेल निर्यातक देशों के संगठन ओपेक के कई देश हिस्सा ले रहे हैं। प्रधान ने कहा कि भारत कचे तेल के सबसे बड़े ग्राहकों में शामिल है। ऐसे में कीमत इस तरह से तय की जानी चाहिए की उत्पादक और उपभोक्ता दोनों तरह के देशों को फायदा हो।
• भारत कुल खपत का 80 फीसद क्रूड आयात करता है। मोदी ने पेट्रोलियम मंत्रलय को वर्ष 2022 तक आयातित तेल में दस फीसद की कटौती का लक्ष्य दिया है, लेकिन इसमें वक्त लगेगा। जब कच्चे तेल महंगा होता है, तो खामियाजा आम जनता और अर्थव्यवस्था को भुगतना पड़ता है। सबसे पहले तो घरेलू बाजार में पेट्रोल व डीजल महंगे होते हैं। इसके संकेत मिलने भी लगे हैं।
• ओपेक के महासचिव मोहम्मद सानउसी बाकिर्ंडो ने दिल्ली में बताया कि उनके संगठन की बैठक रविवार को वियना में होगी। वहीं पर तेल उत्पादन में कटौती का फैसला किया जाएगा। यह लगभग तय है कि ओपेक फिर से क्रूड उत्पादन घटाने का फैसला करेगा। इससे इसकी कीमतें और ऊपर चढ़ेंगी।
3. पेमेंट बैंक का जल्द हिस्सा बनेगा पेटीएम वॉलेट
• पेटीएम की मालिकाना कंपनी वन 97 ने पेमेंट बैंक को लांच करने से पहले अपने कारोबार के पुनर्गठन की घोषणा की है। रिजर्व बैंक से पेमेंट बैंक संबंधी अंतिम मंजूरी मिलने के बाद कंपनी अपने वॉलेट कारोबार को नए पेटीएम पेमेंट बैंक का हिस्सा बना लेगी।
• पेटीएम के संस्थापक सीईओ विजय शेखर शर्मा को साल 2015 में पेमेंट बैंक का लाइसेंस मिला था। इस बैंक में आरबीआइ के दिशानिर्देशों के मुताबिक शर्मा की हिस्सेदारी 51 फीसद रहेगी। पेटीएम वॉलेट के पेमेंट बैंक का हिस्सा बन जाने के बाद ग्राहकों की स्थिति में कोई अंतर नहीं आएगा।
• कंपनी की प्रवक्ता ने स्पष्ट किया है कि वे पहले की तरह मोबाइल वॉलेट का इस्तेमाल करते रहेंगे। अब यह वॉलेट पेमेंट बैंक का हिस्सा होगा। कंपनी ने सोमवार को समाचार पत्रों में विज्ञापन देकर उन सभी ग्राहकों से बैंक जानकारी देने का अनुरोध किया है जो पेमेंट बैंक बनने के बाद पेटीएम वॉलेट का हिस्सा नहीं बने रहना चाहते।
• इसके बाद ग्राहकों में भ्रम की स्थिति पैदा हो गई थी। देश भर में अभी दस लाख से अधिक व्यापारी पसंदीदा भुगतान मोड के रूप में पेटीएम को स्वीकार करते हैं। कंपनी ने व्यापारियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से केवाईसी (अपने ग्राहक को जानो) सक्षम कारोबारियों को बैंक में पैसे हस्तांतरित करने के लिए एक फीसद के ट्रांजैक्शन शुल्क को भी माफ कर दिया है।
4. जनमत संग्रह में हार के बाद इतालवी पीएम का इस्तीफा:-
• इटली के प्रधानमंत्री मातेओ रेंजी ने सोमवार देर रात अपने पद से इस्तीफा दे दिया। संविधान संशोधन पर जनमत संग्रह में मिली हार के कारण रेंजी को यह कदम उठाना पड़ा है। रविवार को हुए जनमत संग्रह में करीब 60 फीसद लोगों ने सुधार के रेंजी के प्रस्ताव को खारिज कर दिया था।
• नतीजों के बाद भावुक नजर आ रहे रेंजी ने कहा, ‘सरकार चलाने का मेरा अनुभव यहीं समाप्त होता है।’ रेंजी का कार्यकाल 2018 में पूरा होना था।
• माना जा रहा है कि सत्ताधारी डेमोक्रेटिक पार्टी वित्त मंत्री पियर कालरे पाडोआन को नया नेता चुन सकती है। गौरतलब है कि इटली में 1948 में बने संविधान में संशोधन की पहल खुदी रेंजी ने की थी।
• वे संविधान में संशोधन करके उच सदन सीनेट की शक्तियां कम करना चाहते थे। इसके सदस्यों की संख्या 315 से घटाकर 100 करना चाहते थे।
• पॉपुलिस्ट पार्टियां इसके खिलाफ प्रचार कर रहीं थी। इसके लिए हास्य कलाकार से राजनेता बने बेप्पे ग्रिलो के नेतृत्व में सत्ता विरोधी फाइव स्टार मूवमेंट का गठन किया गया था।
• जनमत संग्रह में रेंजी की हार के बाद से कयास लगाया जा रहा है कि इटली निकट भविष्य में यूरोपीय संघ से बाहर आ सकता है।
• जानकारों का मानना है कि यदि मध्यावधि चुनाव से ग्रिलो सत्ता में आते हैं तो वह यूरो खत्म करने, इतालवी मुद्रा लिरा की वापसी और ब्रिटेन की तर्ज पर यूरोपीय संघ से अलग होने के लेकर जनमत संग्रह करवा सकते हैं।
5. अम्मा‘‘ नहीं रहीं, शोक की लहर : 68 वर्ष की उम्र में चेन्नई के अपोलो अस्पताल में निधन पनीरसेल्वम को सौंपी गई कमान
• तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे. जयललिता का 68 साल की उम्र में सोमवार देर रात निधन हो गया। उन्होंने रात साढ़े ग्यारह बजे अंतिम सांस ली। यह जानकारी अपोलो अस्पताल के डाक्टरों ने दी। इससे पहले डॉक्टरों ने उनकी स्थिति को ‘‘बेहद नाजुक’ बताया था।
• उनकी खराब होती स्थिति के कारण राज्य भर में उनके समर्थक शोक में थे और अपोलो अस्पताल के बाहर लगातार तनाव बना हुआ था। जयललिता के निधन पर राज्य में तीन दिन का शोक घोषित किया गया है। इस दौरान अर्धसैनिक बलों, पुलिस और त्वरित कार्रवाई बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
• राज्य में उनका कामकाज देख रहे ओ पनीरसेल्वम को देर रात एक बजे मुख्यमंत्री पद की शपथ दिला दी गई। अम्मा के शव को पहले उनके निवास पायस गार्डन ले जाया जाएगा। उसके बाद अंतिम दर्शनों के लिए शहर के राजाजी हाल में रखा जाएगा।
• वह 22 सितम्बर से अस्पताल में भर्ती थीं। जव यह लगने लगा कि वह स्वस्थ होकर घर लौटेंगी, तभी उन्हें दिल का घातक दौरा पड़ा जिससे वह अंत तक उबर नहीं पाई। इससे पहले शाम को कुछ स्थानीय टेलीविजन चैनलों ने इस तरह की खबरें दिखाई कि जयललिता अब नहीं रहीं जिसके बाद उनके शोकग्रस्त समर्थक उग्र हो गए और उन्होंने अनेक स्थानों पर पथराव कर दिया।
• जयललिता की जगह मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभालने वाले वित्त मंत्री ओ पनीरसेल्वम को विधायक दल का नेता चुना गया है।
6. जलवायु परिवर्तन का मुकाबला मिट्टी की जांच से संभव
• जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए खेत की मिट्टी की जांच ही अहम उपाय है। सरकार इसके लिए देश के 14 करोड़ किसानों को मिट्टी सेहत कार्ड (स्वायल हेल्थ कार्ड) देने के लिए विशेष अभियान चलाएगी।
• केंद्रीय कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह ने कहा कि मिट्टी से उपज और किसानों की आमदनी का सीधा रिश्ता है, इसलिए मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने के लिए सरकार हर संभव प्रयास कर रही है। हर खेत की मिट्टी को जांचने और उसके अनुरूप उसमें खाद व अन्य सूक्ष्म तत्वों की जरूरत को पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।
• कृषि मंत्री सिंह ने विश्व मृदा दिवस पर किसानों को अपने खेत के स्वास्थ्य को पूरी तरजीह देने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि कृषि वैज्ञानिकों और किसानों के बीच की ध्वस्त हो चुकी प्रणाली को मजबूत बनाने की सख्त आवश्यकता है।
• इसमें यह कार्ड एक अहम कड़ी होगा। देश के सभी किसानों तक उनके खेत की सेहत का कार्ड पहुंचाया जाएगा। कार्बन और मिट्टी की उर्वर क्षमता को बनाए रखना जलवायु परिवर्तन से लड़ने का सही तरीका है। सरकार का उद्देश्य उचित मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन प्रणाली की निगरानी व उसके लाभ से किसानों को वाकिफ कराना है।
• इससे फसलों की उत्पादकता को बढ़ाने में यह कार्ड मुफीद साबित होगा। रायों के सहयोग से स्वायल हेल्थ कार्ड और अन्य जानकारियों का डाटा बेस तैयार किया जाएगा। उन्होंने राय सरकारों से आग्रह किया कि वे अपने यहां मिट्टी की सेहत के प्रति किसानों के बीच जागरूकता पैदा करें।
• राज्यों को सिंचाई, कृषि यंत्रीकरण, मिट्टी की सेहत की जांच, जैविक खेती व किसानों को परामर्शी सेवाओं में निवेश करने को कहा गया है। सिंह ने कहा कि केंद्र का जोर किसानों के बीच खेती पर जलवायु परिवर्तन से होने वाले प्रभावों के प्रति जागरूक करने का है।
7. नोटबंदी से सेवा क्षेत्र पस्त
• नकदी संकट से प्रभावित सेवा क्षेत्र में नवम्बर महीने में तीन साल की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज हुई है। एक मासिक सव्रेक्षण के अनुसार जून, 2015 के बाद पहली बार सेवा क्षेत्र में नए आर्डरों में गिरावट आई है। हालांकि मुद्रास्फीति में नरमी से रिजर्व बैंक के लिए दरों में कटौती का रास्ता खुला है।
• मासिक आधार पर सेवा क्षेत्र की कंपनियों का आकलन करने वाले निक्केई इंडिया सर्विसेज खरीद प्रबंधक सूचकांक (पीएमआई) नवम्बर में 46.7 पर रहा है, जो कि अक्टूबर में 54.5 पर था। सूचकांक के 50 से ऊपर होने का मतलब विस्तार तथा नीचे होने का अभिप्राय संकुचन से है।
• सेवा क्षेत्र के पीएमआई में जून, 2015 के बाद पहली बार गिरावट आई है और यह इसमें करीब तीन साल में सबसे बड़ी गिरावट है। आईएचएस मार्किट अर्थशास्त्री एवं रपट की लेखक पालियाना डी लीमा ने कहा कि भारतीय सेवा क्षेत्र के ताजा पीएमआई आंकड़ों से पता चलता है कि 500 और 1,000 के नोटों पर प्रतिबंध से कंपनियां बुरी तरह प्रभावित हुई हैं, जिससे नए आर्डर घटे हैं।
• कारोबारी गतिविधियों में गिरावट आई है और पिछले 16 महीने से जारी विस्तार के सिलसिले पर रोक लगी है। निक्केई इंडिया कम्पोजिट पीएमआई उत्पादन इंडेक्स भी नवम्बर में घटकर 49.1 पर आ गया, जो अक्तूबर में 45 महीने के उच्चस्तर 55.4 पर था। इससे पता चलता है कि समूचे निजी क्षेत्र की गतिविधियों में संकुचन आया। इनमें विनिर्माण क्षेत्र भी है।
• कई कंपनियों ने कहा कि नकदी संकट की वजह से उनकी बुकिंग प्रभावित हुई। यही नहीं नकदी संकट से विनिर्माण क्षेत्र का प्रदर्शन भी प्रभावित हुआ जहां नए आर्डरों का प्रवाह ठहर गया।
• लीमा ने कहा कि कारोबारी गतिविधियों में बाधा थोड़े समय के लिए होगी। बहुत से लोगों का मानना है कि इन ऊंचे मूल्य के नोटों को बदले जाने तथा काले बाजार वाली कंपनियों का परिचालन बंद होने से गतिविधियों में तेजी आएगी।

Sorce of the News (With Regards):- compile by Dr Sanjan,Dainik Jagran(Rashtriya Sanskaran),Dainik Bhaskar(Rashtriya Sanskaran), Rashtriya Sahara(Rashtriya Sanskaran) Hindustan dainik(Delhi), Nai Duniya, Hindustan Times, The Hindu, BBC Portal, The Economic Times(Hindi& English)

No comments:

Post a Comment