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Tuesday, December 13, 2016

दैनिक समसामयिकी 13 December 2016(Tuesday)

1.आतंकवाद से मिलकर लड़ेंगे भारत और इंडोनेशिया : मोदी
• भारत और इंडोनेशिया ने आतंकवाद, मानव तस्करी और संगठित अपराधों के खिलाफ एकजुट अभियान की प्रतिबद्धता व्यक्त की है। इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विडोडो के साथ यहां द्विपक्षीय वार्ता के बाद मीडिया के समक्ष बयान में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इंडोनेशिया को‘‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ के तहत भारत का एक महत्वपूर्ण साझीदार बताते हुए कहा कि दोनों देशों के साझा आर्थिक और सामरिक हित हैं।
• प्रधानमंत्री ने कहा कि इंडोनेशिया और भारत दोनों में काफी समानताएं हैं। इंडोनेशिया लोकतंत्र, बहुलतावाद और सामाजिक समरसता का समर्थक है और यही भारत की भी मान्यताएं हैं। ऐसे में दोनों देशों ने सामरिक सुरक्षा के साथ ही आतंकवाद, संगठित अपराध और मानव तस्करी के खिलाफ एकजुट लड़ाई का संकल्प लिया है।

• उन्होंने कहा कि विडोडो के साथ हुई बातचीत मुख्य रूप से रक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग पर केंद्रित रही। समुद्री क्षेत्र से जुड़े देश होने के नाते दोनों पड़ोसी देशों के बीच समुद्री मागरें की सुरक्षा के साथ ही आपदा प्रबंधन और पर्यावरण सरंक्षण के मसले पर भी व्यापक सहयोग करने पर सहमति जतायी गयी।
• मोदी ने कहा कि समुद्री सुरक्षा के साथ ही दोनों देश आतंकवाद ,संगठित अपराध,नशीले पदार्थों तथा मानव तस्करी के खिलाफ लड़ाई में भी सहयोग करने पर सहमत हुए हैं।

2. संसदीय समिति ने केंद्रीय जल आयोग के पुनर्गठन पर मिहिर शाह समिति की रिपोर्ट पर तेजी से अमल करने को कहा
• देश में जल संसाधन के क्षेत्र में एक प्रमुख तकनीकी संगठन के रूप में केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) के महत्व को रेखांकित करते हुए संसद की एक समिति ने कहा है कि इसके व्यापक स्वरूप एवं कार्य को देखते हुए मिहिर शाह समिति की रिपोर्ट पर तेजी से अमल किया जाए, ताकि आयोग का पुनर्गठन शीघ्र किया जा सके।
• जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्रालय से संबंधित एक स्थायी समिति की ताजा रिपोर्ट में कहा गया है कि समिति ने वित्त वर्ष 2015-16 के अनुदान की मांगों के तीसरे प्रतिवेदन में सीडब्ल्यूसी के प्रस्तावित पुनर्गठन में हुए विलंब पर अपना असंतोष व्यक्त किया था।
• यह मंत्रालय के अनुसार वित्त मंत्रालय की कुछ टिप्पणियों पर असहमति के कारण था। समिति ने अब नोट किया है कि सितम्बर 2015 में मंत्रालय ने पूर्ववर्ती योजना आयोग के सदस्य रहे डॉ. मिहिर शाह की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया था, ताकि इस विषय का विस्तृत अध्ययन किया जा सके और यह सीडब्ल्यूसी के पुनर्गठन के संबंध में मई 2016 तक सिफारिशें दे।
• रिपोर्ट के अनुसार, समिति यह सिफारिश करती है कि मिहिर शाह समिति की रिपोर्ट में कही गई बातों पर तेजी से अमल किया जाए, ताकि सीडब्ल्यूसी का पुनर्गठन शीघ किया जा सके। समिति ने यह भी कहा कि इस संबंध में हुई प्रगति के बारे में उसे दो माह के अंदर सूचित किया जाए। इसमें कहा गया है कि समिति नोट करती है कि सीडब्ल्यूसी के अंतर्गत 1945 में इसकी स्थापना के समय से विभिन्न कार्य किए गए।
• इसमें बाढ़ पुर्वानुमान और बाढ़ प्रबंधन में राज्य सरकारों को सहायता देना शामिल है। इसके अंतर्गत 176 बाढ़ पुर्वानुमान स्टेशन हैं जिनमें से 72 नदी उप बेसिन और 10 वृहद नदी बेसिनों पर देशभर में 954 जल मौसम विज्ञान केंद्र है।
• इन स्टेशनों के नेटवर्क के माध्यम से जल विज्ञानी आंकड़ों को एकत्र करने के साथ उनका विश्लेषण किया जाता है, साथ ही परियोजनाओं का तकनीकी आर्थिक मूल्यांकन किया जाता है।
3. न्यूजीलैंड : बिल इंग्लिश ने ली पीएम पद की शपथ
• न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री पद से पिछले सप्ताह जॉन की द्वारा इस्तीफा देने की चौंका देने वाली घोषणा किए जाने के बाद बिल इंग्लिश ने देश के नए प्रधानमंत्री के रूप में सोमवार को शपथ ली। इंग्लिश इससे पहले वित्तमंत्री का कार्यभार संभाल रहे थे।
• नेशनल पार्टी कॉकस ने सोमवार को सुबह एक बैठक में इंग्लिश को सर्वसम्मति से समर्थन दिया और वह औपचारिक रूप से कार्यभार संभालने के लिए कुछ घंटों बाद वेलिंगटन में गवर्नमेंट हाउस पहुंचे। स्टेट सर्विसेज मंत्री पाउला बेनेट को उप प्रधानमंत्री नामित किया गया है।
• इंग्लिश (54) ने कहा, वह की के उप प्रधानमंत्री एवं वित्तमंत्री के तौर पर आठ वर्ष सेवाएं देने के बाद शीर्ष पद का कार्यभार संभालने को लेकर ‘‘उत्साहित एवं आभारी’ हैं।
• उन्होंने कहा, यह आर्थिक विकास का समर्थन करने वाली सरकार होगी और इस बात को सुनिश्चित किया जाएगा कि विकास के लाभों को व्यापक स्तर पर साझा किया जाए।
4. गुटेरेस ने यूएन महासचिव पद की शपथ ली
• पुर्तगाल के पूर्व प्रधानमंत्री एंटोनियो गुटेरेस को सोमवार को संयुक्त राष्ट्र के नौवें महासचिव पद की शपथ दिलाई गई। उन्होंने बान की मून का स्थान लिया है।
• संयुक्त राष्ट्र महासभा के अध्यक्ष पीटर थॉमसन ने यहां 193 सदस्यीय महासभा की विशेष पूर्ण बैठक में गुटेरेस को पद की शपथ दिलाई। गुटरेस को महासभा ने सर्वसम्मति से बान का उत्तराधिकारी नियुक्त किया था।
• 15 सदस्यीय सुरक्षा परिषद ने अक्टूबर में इस पद के लिए उनका नाम सर्वसम्मति से अंतिम मंजूरी के लिए महासभा के पास भेजने का फैसला किया था। पूर्व संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी प्रमुख एक जनवरी को बान से कमान संभालेंगे। संयुक्त राष्ट्र महासचिव के रूप में बान का पांच साल का दूसरा कार्यकाल 31 दिसम्बर को पूरा होगा।
• पूर्ण बैठक के दौरान वक्ताओं ने बान के योगदान की र्चचा की। पुतर्गाल के पूर्व प्रधानमंत्री एवं संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त बान के उत्तराधिकारी के चुनाव में सबसे आगे बने रहे।
5. चीन ने ट्रंप से कहा, ‘‘वन चाइना पॉलिसी’ पर हमें भड़काएं नहीं
• चीन ने सोमवार को अमेरिका के निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को आगाह करते हुए कहा कि अगर उन्होंने ताइवान को महत्व देकर ‘‘एक चीन की नीति’ से ‘‘समझौता’ किया तो इससे चीन एवं अमेरिका के द्विपक्षीय संबंधों पर काफी बुरा असर पड़ेगा।
• ट्रंप ने हाल में ताइवान को लेकर अमेरिकी की लंबी समय से चली आ रही नीति की आलोचना की थी जिसे लेकर चीन ने बेहद कड़ी प्रतिक्रि या दी।चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने ट्रंप की टिप्पणी को लेकर कहा, एक चीन की नीति का पालन करना चीन-अमेरिका संबंधों का आधार है, अगर उससे समझौता किया गया या उससे छेड़छाड़ हुई तो चीन-अमेरिका संबंधों का ठोस एवं स्थिर विकास और साथ ही प्रमुख क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग की गुंजाइश नहीं बचेगी।
• उन्होंने कहा, चीन ने संबंधित खबर का संज्ञान किया है और उसे लेकर काफी चिंतित है। रविवार को ट्रंप ने एक टीवी साक्षात्कार में सवाल उठाया था कि जब तक पेइचिंग व्यापार और अन्य मुद्दों पर रियायतें नहीं देता तब तक क्या अमेरिका को ‘‘एक चीन की नीति’ को जारी रखना चाहिए?
• अमेरिका 1979 से ताइवान पर चीन के रुख का सम्मान करता रहा है जिसे चीन खुद से अलग हुआ एक प्रांत मानता है। लेकिन ट्रंप ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि चीन से रियायतें मिले बिना इसे जारी रखना चाहिए। वह हाल के वर्षो में ताइवान को लेकर इस तरह की टिप्पणी करने वाले पहले अमेरिकी नेता हैं।
• गेंग ने ट्रंप की टिप्पणी पर कहा, मैं इस बात पर जोर देना चाहता हूं कि ताइवान का मुद्दा चीन की संप्रभुता एवं क्षेत्रीय अखंडता से जुड़ा हुआ है और चीन के मूल हितों से संबंधित है। लेकिन इन कड़ों शब्दों के साथ कठोर प्रतिक्रि या करने के बावजूद चीन ने कोई राजनयिक विरोध दर्ज नहीं कराया है।
• हालांकि कुछ दिन पहले ट्रंप के ताइवान राष्ट्रपति से फोन पर बात करने के बाद चीन ने इस तरह का विरोध दर्ज कराया था। गेंग ने कहा, चीन चाहता है कि नया अमेरिकी प्रशासन और उसका नेतृत्व ताइवान के मुद्दे की संवेदनशीलता को पूरी तरह समझे, एक चीन की नीति और साथ ही चीन एवं अमेरिका के बीच तीन संयुक्त बैठकों में तय हुए सिद्धांतों पर कायम रहे।
• पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना, जिसे आम तौर पर चीन कहा जाता है, साल 1949 में बना था। इसके तहत मेनलैंड चीन और हांगकांग-मकाऊ जैसे दो विशेष रूप से प्रशासित क्षेत्र आते हैं।
• दूसरी तरफ रिपब्लिक ऑफ चाइना है, जिसका साल 1911 से 1949 के बीच चीन पर कब्जा था, लेकिन अब उसके पास ताइवान और कुछ द्वीप समूह हैं। इसे आम तौर पर ताइवान कहा जाता है।
• दुनिया के जो देश पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना (चीन) के साथ कूटनीतिक रिश्ते चाहते हैं, उन्हें रिपब्लिक ऑफ चाइना (ताइवान) से सारे आधिकारिक रिश्ते तोड़ने होंगे।
• अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ‘‘वन चाइना’ नीति पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा, चीन की तरफ से रियायतें मिले बगैर इसे जारी रखने का कोई मतलब नहीं बनता
6. ‘‘टैक्स हैवेन‘‘ बने देशों में बरमूडा अव्वल : दूसरे स्थान पर कैमन आईलैंड और तीसरे पर नीदरलैंड
• आर्थिक असमानता के निदान तथा स्वास्य, शिक्षा और रोजगार जैसे अन्य जनकल्याणकारी कायरें के लिए दुनिया भर के देश कर वसूलते हैं, लेकिन बड़ी-बड़ी कंपनियां ‘‘टैक्स हैवेन’ बने देशों के माध्यम से कर से बच जाती हैं।
• आक्सफैम की ताजा रिपोर्ट में बताया गया है कि किस तरह कर प्रतिस्पर्धा असमानता के माहौल को हवा दे रही है और वैश्विक कंपनियों को कर में एक बार एक छूट उपलब्ध कराई जा रही है। इस रिपोर्ट में दुनिया भर के ऐसे 15 देशों का खुलासा किया गया है, जो बड़ी कंपनियों को कर राहत देने के मामले में अव्वल हैं और अन्य देशों को जबरन इस कर प्रतिस्पर्धा में शामिल होने के लिए बाध्य कर रही हैं।
• रिपोर्ट में पहले स्थान पर बरमूडा, दूसरे पर कैमन आईलैंड, तीसरे पर नीदरलैंड, चौथे पर स्विट्जरलैंड, पांचवें पर सिंगापुर, छठे पर आयरलैंड, सातवें पर लग्जमबर्ग, आठवें पर कुरासाओ, नवें पर हांगकांग, दसवें पर साइप्रस, ग्यारहवें पर बहामास, 12वें पर जर्सी, 13वें पर बारबाडोस, 14वें पर मारिशस तथा 15वें पर ब्रिटिश वर्जिन आईलैंड है।
• ये देश दुनिया के उन देशों में शामिल हैं, जिन्होंने कारपोरेट टैक्स को नजरअंदाज करने के सबसे बुरे तरीके अपनाए हैं।इस सूची को तैयार करने के लिए इन देशों की कर नीति का अच्छी तरह अध्ययन करके यह पता लगाया है कि इन्होंने कितना कारपोरेट टैक्स निश्चित किया है, कर छूट कितनी दी है और कर चोरी करने वाली कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई में वैश्विक स्तर पर कितना सहयोग दिया है।
• रिपोर्ट के अनुसार दुनिया की 90 फीसद बड़ी कंपनियां कम से कम एक टैक्स हैवन देश में उपस्थित हैं। वर्ष 2012 में अमेरिकी एमएनसी ने अकेले बरमूडा में 80 अरब डालर का लाभ दिखाया।
7. नए साल से आरबीआइ नोट प्रबंधन की नई व्यवस्था लागू करने में जुटा
• नए नोटों की किल्लत कब तक पूरी तरह खत्म होगी, यह कहना तो संभव नहीं है लेकिन इतना तय है कि नए साल में नोट प्रबंधन की पूरी नई व्यवस्था काम करने लगेगी। भारतीय रिजर्व बैंक इसके लिए सरकार के साथ मिलकर नई व्यवस्था को तैयार करने में जुटा हुआ है।
• नई व्यवस्था के तहत बाजार में पर्याप्त मात्र में 50 व 20 रुपये के नोटों की आपूर्ति सुनिश्चित करने, बाजार में पुराने नोटों के बदले लगातार साफ सुथरे नोट पहुंचाने, दूर दराज के इलाके में स्थित एटीएम व बैंक शाखाओं में सीधे करेंसी चेस्टों से शीघ्रता से पहुंचाना तय किया जाएगा।
• वित्त मंत्रलय के सूत्रों के मुताबिक वर्ष के अंत तक नई व्यवस्था का पूरा खाका तैयार हो जाएगा। इस बारे में नए वर्ष में रिजर्व बैंक की तरफ से घोषणा होने की उम्मीद है।
• दरअसल, तब तक सरकार के सामने नोट बंदी की पूरी तस्वीर भी होगी और उस हिसाब से आगे क्या करना है, इसका फैसला भी किया जा सकेगा। लेकिन इतना तय है कि अब केंद्रीय बैंक के लिए नोट प्रबंधन एक बड़ी समस्या नहीं रहेगी क्योंकि उसे पहले के 17.5 लाख करोड़ रुपये के बजाय सिर्फ 9-10 लाख करोड़ रुपये का प्रबंधन करना होगा।
• बाजार में कम मुद्रा होने की वजह से ही आरबीआइ का काम काफी आसान हो जाएगा। मसलन, उसे अब नोटों की छपाई पर कम पैसा खर्च करना पड़ेगा। यही नहीं नकदी को प्रिटिंग प्रेस से बैंक शाखाओं और एटीएम में पहुंचाने पर भी कम खर्च होगा।
• नोट बंदी लागू होने के समय प्रचलन में तकरीबन 17.5 लाख करोड़ रुपये की मुद्रा थी। इनमें 14.50 लाख करोड़ रुपये के 1000 व 500 के नोट रद्द किये जा चुके हैं। जबकि बाजार में अभी तक 5 लाख करोड़ रुपये के नए नोट जारी हो चुके हैं।
• इस तरह से बाजार में अभी तकरीबन 7.50 लाख करोड़ रुपये के नोट प्रचलन में है। सरकार की मंशा है कि अब 10 लाख करोड़ रुपये से यादा की रकम प्रचलन में न हो। वित्त मंत्रलय के अधिकारियों के मुताबिक 10 लाख करोड़ रुपये की नकदी का प्रचलन भी विकसित देशों की तुलना में यादा है क्योंकि अभी तक भारत में जितने वित्तीय लेनदेन होते थे, उसका 90 फीसद नकदी में होता था जो नई व्यवस्था में यह घटकर 60 फीसद के करीब रह जाएगा।
• लेकिन अमेरिका, ब्रिटेन, यूरोपीय संघ जैसे देशों में यह औसतन 30-40 फीसद के करीब है। बहरहाल, नई व्यवस्था के तहत बाजार में 100, 50 व 20 रुपये के नोटों की संख्या तेजी से बढ़ाई जाएगी।
8. रक्षा पर खर्च करने वाले शीर्ष पांच देशों में भारत
• भारत रक्षा पर खर्च करने वाले दुनिया के शीर्ष पांच देशों में शामिल है। इस मामले में अमेरिका, चीन और ब्रिटेन के बाद भारत का चौथा स्थान है।
• शोध फर्म आइएचएस मार्किट द्वारा जारी जेन्स डिफेंस बजट्स रिपोर्ट 2016 के मुताबिक भारत के बाद सऊदी अरब और रूस का स्थान है। इस साल भारत का रक्षा बजट 50.7 अरब डॉलर (करीब 3.41 लाख करोड़ रुपये) है।
• जबकि पिछले साल यह 46.6 अरब डॉलर था। अमेरिका 622 अरब डॉलर के रक्षा बजट के साथ सबसे ऊपर है। उसके बाद 191.7 अरब डॉलर के साथ चीन दूसरे और ब्रिटेन 53.8 अरब डॉलर के साथ तीसरे स्थान पर है।
• इस साल का सऊदी अरब का रक्षा बजट 48.68 अरब डॉलर और रूस का 48.44 अरब डॉलर है। रिपोर्ट में कहा गया है कि रक्षा आधुनिकीकरण के परिणामस्वरूप भारत 2018 तक ब्रिटेन को पीछे छोड़कर तीसरा सबसे बड़ा रक्षा बजट वाला देश बन जाएगा।
• ब्रिटेन की रक्षा पत्रिका ने भविष्यवाणी की है कि भारत का रक्षा खर्च 2010 के 38 अरब डॉलर से बढ़कर 2020 में 64 अरब डॉलर हो जाएगा। आइएचएस जेन्स में एशिया प्रशांत के प्रधान विश्लेषक क्रेग कैफ्रे ने कहा कि तीन वर्षों से भारत में रक्षा खरीद पर नियंत्रण रहा है। लेकिन 2017 के बाद से भारत का रक्षा आधुनिकीकरण पर ध्यान केंद्रित होगा।
• इसके लिए नए रक्षा साजोसामान की जरूरत होगी। उन्होंने कहा कि भारत रक्षा आपूर्तिकर्ताओं के लिए बड़े बाजार के तौर पर उभरेगा।
• सालाना रिपोर्ट में बताया गया है कि इस साल दुनियाभर में रक्षा खर्च एक फीसद की वृद्धि के साथ 1.6 टिलियन डॉलर हो गया। 2015 में इस मद में दुनिया में महज 0.6 फीसद की वृद्धि दर्ज की गई थी।
• यह बढ़ोतरी रूस से उत्पन्न खतरे और मध्य पूर्व में आतंकी संगठन आइएस के चलते हुई है। रिपोर्ट में भविष्यवाणी की गई है कि 2020 तक चीन पूरे पश्चिमी यूरोप जितना रक्षा पर खर्च करेगा।
• 2025 तक उसका रक्षा खर्च एशिया प्रशांत क्षेत्र के सभी देशों के कुल रक्षा खर्च से यादा हो जाएगा।
9. शहरों के मुकाबले गांवों में कर्जदार परिवारों की संख्या नौ फीसदी ज्यादा : रिपोर्ट
• शहरों के मुकाबले गावों में कर्जदार परिवारों की संख्या 9 फीसदी है। शहरों में जहां 22.4% परिवारों ने कर्ज ले रखा है। वहीं, गांवों में ऐसे परिवारों की संख्या 31.4 फीसदी है।
• यह जानकारी नेशनल सैंम्पल सर्वे (डेट और इन्वेस्टमेंट) नामक रिपोर्ट में सामने आई है। यह रिपोर्ट जनवरी से दिसंबर 2013 के दौरान देश के 4,529 गांवों और 3,507 शहरी इलाकों में 1,10,800 परिवारों से प्राप्त जानकारी आधार पर तैयार की गई है।
• इसके मुताबिक देशभर में प्रति परिवार कर्ज का औसत गांवों में 1,03,457 रुपए और शहरी इलाकों में 3,78,238 रुपए है। ग्रामीण और शहरी इलाकों में कर्ज का 90 फीसदी हिस्सा जमीन और मकान के लिए लिया गया है। ग्रामीण इलाकों में कारोबारी उद्देश्य के लिए कर्ज की हिस्सेदारी विभिन्न वर्गों के बीच 11 से 56 फीसदी है।
• रिपोर्ट के मुताबिक नॉन-इंस्टीट्यूशनल क्रेडिट एजेंसियों ने 19% ग्रामीण परिवारों को, जबकि इंस्टीट्यूशनल क्रेडिट एजेंसियों ने 17%परिवारों को कर्ज दिया है। शहरों में इंस्टीट्यूशनल एजेंसियां बड़ी भूमिका निभा रही हैं।
• इन्होंने शहरों में 15% परिवारों को कर्ज दे रखा है। जबकि नॉन-इंस्टीट्यूशनल एजेंसियों ने 10% परिवारों को कर्ज दिया है। ग्रामीण इलाकों में इंस्टीट्यूशनल एजेंसियों की कर्ज में हिस्सेदारी 56% और नॉन-इंस्टीट्यूशनल एजेंसियों की 44 % है।
• वहीं शहरों में इसका आंकड़ा क्रमश: 85 और 15 फीसदी है। ग्रामीण इलाकों में सहकारी समितियों और कमर्शियल बैंकों की कुल कर्ज में 50% की हिस्सेदारी है। इसमें सहकारी समितियों की हिस्सेदारी (24.8%) बैंकों (25.1%) से कुछ कम है।
• नॉन-इंस्टीट्यूशनल क्रेडिट एजेंसियों में 'साहूकारी कर्ज' (28.2%) सबसे महत्वपूर्ण हैं। वहीं शहरी इलाकों में सहकारी समितियों और कमर्शियल बैंकों की कुल कर्ज में 75 फीसदी की हिस्सेदारी है।
10. वेनेजुएला ने भी बंद की अपनी सबसे बड़ी मुद्रा
• प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भारत में पांच सौ और हजार रुपये के नोट बंद करने के एलान के लगभग एक माह बाद एक और देश ने अपने यहां नोटबंदी का फैसला किया है।
• वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने रविवार को देश की सबसे बड़ी मुद्रा यानी 100 बोलिवर के नोट को बंद करने के लिए आपात आदेश जारी कर दिया। उन्होंने यह आदेश उन ‘माफियाओं’ को नाकाम करने के लिए जारी किया है, जिन पर वह कोलंबिया में नकदी की जमाखोरी का आरोप लगाते रहे हैं।
• आर्थिक संकट और विश्व की सबसे अधिक महंगाई ङोल रहे वेनेजुएला की सरकार ने नए नोट और सिक्के जारी करने की तैयारी की है। इनकी कीमत इस समय उपलब्ध सबसे बड़ी राशि के नोट से लगभग 200 गुना यादा होगी।
• वेनेजुएला के 100 बोलिवर के एक नोट की कीमत इस समय भारतीय मुद्रा में करीब 6 रुपये 80 पैसे के बराबर है। एक नोट से मुश्किल से एक कैंडी खरीदी जा सकती है। किसी को एक हैमबर्गर खरीदने के लिए उसे 50 नोट चाहिए।
• राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने रविवार को अपने टीवी शो ‘कांटैक्ट विद मादुरो’ में कहा, ‘इस आपात आदेश के जरिये मैंने अगले 72 घंटे में 100 बोलिवर के नोट को चलन से बाहर करने का फैसला किया है।
• यह कदम इसलिए जरूरी है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय माफियाओं ने मुख्य तौर पर कोलंबियाई शहरों में और ब्राजील में 100 बोलिवर के अरबों नोट छिपा रखे हैं। मादुरो ने जमीनी, वायु और समुद्री रास्ते बंद करने का आदेश दिया है, ताकि देश से बाहर ले जाए गए नोटों को कोई वापस न ला सके।
11. वरदा‘‘ से दक्षिण में भारी तबाही
• तेज गति की हवाओं और भारी बारिश के साथ महानगर और उत्तरी तमिलनाडु के तटीय जिलों में सोमवार को भीषण चक्र वाती तूफान वरदा पहुंच गया। इसमें चार लोगों की मौत हो गई। तूफान के कारण सैकड़ों वृक्ष उखड़ गए। हवाई, रेल व सड़क यातायात बाधित हो गया।
• तूफान से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के विभिन्न तटीय इलाकों में एनडीआरएफ की 19 टीमों को तैनात किया गया है। वहीं बंगाल की खाड़ी के नजदीक रहने वाले 9,400 से ज्यादा लोगों को भारी बारिश के बीच राहत शिविरों में भेजा गया है। सेना के सात कॉलम को तैयार रखा गया है।
• प्रत्येक कॉलम में 70-80 जवान होते हैं। तिरुवल्लुर में एक कॉलम को तैनात रखने का आग्रह किया गया है। चेन्नई में तेज हवाओं और बारिश के बीच काफी कम संख्या में वाहन एक-दूसरे से टकराए। आंध्र के एसपीएस नेल्लोर जिले में वरदा के कारण भारी बारिश हो रही है।
• तमिलनाडु निवासी छह मछुआरों को ऊंचाई पर स्थित श्री हरिकोटा के नजदीक स्थित सागर से बचाया गया जबकि दस और लोगों की तलाश जारी है। नेल्लोर में पुलिस और सीआईएसएफ अपने काम में जुटे हैं।
• शक्तिशाली चक्र वाती तूफान वरदा के तमिलनाडु में बहुत अधिक प्रभाव को देखते हुए सरकार कलपक्कम परमाणु ऊर्जा संयंत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एहतियात बरत रही है।
• राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने एक बयान जारी कर कहा है, वरदा का सामना करने के लिए कलपक्कम परमाणु संयंत्र में सभी तरह के एहतियात बरते गए हैं।
• बंगाल की खाड़ी से उठा वरदा इस सीजन का तीसरा चक्रवाती तूफान है।
• ‘‘वरदा’ का मतलब अरबी या उर्दू में ‘‘गुलाब‘‘ होता है।
• नॉर्थ हिंद महासागर में चक्रवाती तूफानों का नामकरण आईएमडी करता है।
• जब हवा की स्पीड 63 किमी प्रति घंटा हो जाती है और यह कुछ देर बरकरार रहती है तो 3 मिनट के भीतर ये चक्रवाती तूफान का रूप ले लेती है।
Sorce of the News (With Regards):- compile by Dr Sanjan,Dainik Jagran(Rashtriya Sanskaran),Dainik Bhaskar(Rashtriya Sanskaran), Rashtriya Sahara(Rashtriya Sanskaran) Hindustan dainik(Delhi), Nai Duniya, Hindustan Times, The Hindu, BBC Portal, The Economic Times(Hindi& English)

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