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Friday, December 16, 2016

दैनिक समसामयिकी 16 December 2016(Friday)


1.जापान-रूस के बीच सुरक्षा वार्ता की उम्मीद
• जापान और रूस फिर से सुरक्षा वार्ता शुरू कर सकते हैं। जापान के प्रधानमंत्री शिंजो एबी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच शिखर वार्ता शुरू हो गई है। दोनों नेताओं की बातचीत बीच ही रूस के विदेश मंत्री ने गुरुवार को फिर से सुरक्षा वार्ता शुरू होने की संभावना व्यक्त की।
• दोनों देश क्षेत्रीय विवाद पर भी चर्चा कर सकते हैं। इस विवाद के कारण दोनों देशों ने द्वितीय विश्व युद्ध की औपचारिक समाप्ति से संबंधित शांति समझौते पर दस्तखत नहीं किया है। चीन का मुकाबला करने के लिए जापान, रूस के साथ बेहतर रिश्ते कायम करना चाहता है।

• जापान के प्रधानमंत्री शिंजो एबी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने एक हॉट स्प्रिंग रिसोर्ट में बातचीत शुरू की। दोनों देशों के शीर्ष नेताओं ने पश्चिमी प्रशांत महासागर में रूस द्वारा नियंत्रित टापू पर प्रगति की भी समीक्षा की।
• इस टापू पर जापान भी दावा करता रहा है। युद्ध के अंत में पूर्व सोवियत संघ के सैनिकों ने इस टापू पर कब्जा कर लिया था।
• रूस के विदेश मंत्री सरगेई लैवरोव ने कहा कि पुतिन ने दोनों देशों के विदेश और रक्षा मंत्रियों के बीच सुरक्षा वार्ता बहाल करने का प्रस्ताव रखा है। क्रीमिया पर 2014 में रूस के कब्जा करने के बाद से सुरक्षा वार्ता निलंबित है। क्रीमिया पर कब्जे से नाराज पश्चिम ने रूस पर प्रतिबंध भी लगा दिया था।
• शिखर वार्ता जारी रहने के बीच ही लैवरोव ने कहा, ‘प्रधानमंत्री ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। उनके रुख को देखते हुए हम फैसला लेने की उम्मीद करते हैं।’
• दोनों पक्ष मेडिकल टेक्नोलॉजी से लेकर ऊर्जा क्षेत्र तक में आर्थिक सहयोग समझौता कर सकते हैं। जापानी प्रधानमंत्री एबी ने क्षेत्रीय विवाद के समाधान का आग्रह किया है।

2. दक्षिण सागर में चीन ने द्वीपों पर तैनात किया मिसाइल सिस्टम
• चीन दक्षिण चीन सागर में अपनी पकड़ को मजबूत करता जा रहा है। सागर के मध्य तैयार सात कृत्रिम द्वीपों पर एंटी एयरक्राफ्ट गन, मिसाइल सिस्टम, एंटी मिसाइल सिस्टम तैनात किए हैं। अमेरिकी संस्था द एशिया मैरीटाइम ट्रांसपेरेंसी इनीशिएटिव ने सैटेलाइट तस्वीरों के अध्ययन के बाद यह बताया है।
• इससे पहले चीन के नेता कई बार कह चुके हैं कि इस समुद्री इलाके के सैन्यीकरण का उनका कोई इरादा नहीं है लेकिन यह इलाका उनका है। चीन ने दक्षिण चीन सागर पर पड़ोसी देशों- फिलीपींस, वियतनाम, मलेशिया, इंडोनेशिया आदि के दावे को नकारते हुए अंतरराष्ट्रीय न्यायाधिकरण का वह फैसला भी मानने से भी इन्कार कर दिया है जिसमें सागर पर फिलीपींस के दावे को सही माना गया है।
• अमेरिकी संस्था के अनुसार पिछले छह महीनों में चीन ने फियरी क्रॉस, मिसचीफ और सुबी रीफ्स में सैन्य उपकरणों की तैनाती को बढ़ाया है। इन द्वीपों पर चीन पहले ही हवाई पट्टी तैयार कर चुका है जिन पर लड़ाकू विमानों को उतारा और उड़ाया जा सकता है।
• इसके अतिरिक्त गावेन, हगीज, जॉनसन और क्वार्टीरॉन रीफ्स पर सैन्य उपकरणों की तैनाती की गई है। सैटेलाइट से इन कृत्रिम द्वीपों की तस्वीरें नवंबर में ली गई हैं। संस्था के अनुसार फियरी क्रॉस, सुबी और मिसचीफ द्वीपों पर चीन अब बड़े सैन्य अड्डे बनाने की भी तैयारी कर रहा है।
• फिलीपींस ने इस रिपोर्ट पर चिंता जताई है। उसके विदेश मंत्रलय के प्रवक्ता वह रिपोर्ट की सत्यता का प्रतिशत जांच रहे हैं।
3. ब्रिटेन में ऐतिहासिक ‘थ्री पैरेंट बेबीज’ पहल को मंजूरी
• ब्रिटेन में बच्चों को गंभीर आनुवांशिक बीमारियों से बचाने की दिशा में ऐतिहासिक ‘थ्री पैरेंट बेबीज’ पहल को मंजूरी दे दी गई है। इसके तहत पहले शिशु का जन्म अगले साल होगा।
• इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन (आइवीएफ) तकनीक को उन्नत कर दो महिलाओं और एक पुरुष के सहयोग से ऐसा संभव हो सकेगा।
• ब्रिटिश ह्यूमन फर्टिलाइजेशन एंड इंब्रायोलॉजी अथॉरिटी (एचएफईए) ने थ्री पर्सन आइवीएफ तकनीक को अपनी मंजूरी दे दी है। न्यूकैशल के डॉक्टरों ने पहली बार इसको विकसित किया था।
• इसके जरिये पैदा होने वाले बचे में मां-बाप की जीन के अलावा एक अन्य महिला का डीएनए इस्तेमाल किया जाएगा। एचएफईए की अध्यक्ष शैली चेशिरे ने इस फैसले को ऐतिहासिक महत्व वाला बताया है। उन्होंने कहा कि व्यापक विचार विमर्श के बाद इसे मंजूरी दी गई है।
• प्रावधान के तहत थ्री पर्सन आइवीएफ तकनीक के इस्तेमाल से पहले प्रत्येक क्लीनिक और हर व्यक्ति को एचएफईए से पूर्व अनुमति लेनी होगी। क्लीनिक इसका लाइसेंस लेने के लिए आवेदन कर सकते हैं।
• ब्रिटेन में माइटोकांडिया में गड़बड़ी के चलते बड़ी संख्या में बचों के प्रभावित होने के मामले सामने आते हैं। इसके कारण डायबिटीज, बहरापन, दृष्टिहीनता और न्यूरोन से जुड़ी कई तरह की बीमारियां होती हैं। माइटोकांडिया लाल रक्त कोशिकाओं को छोड़कर प्रत्येक सेल्स में पाया जाता है। यह ऊर्जा का स्रोत है।
• इस तकनीक का विरोध करने वालों की भी बड़ी तादाद है। ह्यूमन जेनेटिक्स अलर्ट नामक संस्था से जुड़े डेविड किंग के मुताबिक इससे जेनेटिकली मॉडीफाइड बचे पैदा करने का प्रचलन बढ़ेगा। समर्थक इससे सहमत नहीं हैं।
• उनका कहना है कि तीसरी महिला से सिर्फ 0.1 फीसद डीएनए ही लिया जाएगा। ज्ञात हो कि इस माइटोकांडिया जनित बीमारियां बचों में मां के जरिये आती हैं।
4. फेडरल रिजर्व ने की ब्याज दरों में वृद्धि
• अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने प्रमुख ब्याज दर में 0.25 फीसद की वृद्धि की है। अमेरिकी अर्थव्यवस्था में मजबूती के संकेत के साथ एक साल में पहली बार नीतिगत ब्याज दर में वृद्धि की गई है।
• फेडरल रिजर्व सिस्टम बोर्ड की अध्यक्ष जेनेट एल येलेन ने बुधवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘फेडरल ओपेन मार्केट कमेटी ने फेडरल फंड रेट में 0.25 फीसद वृद्धि का फैसला किया।’
• एक दशक में यह दूसरा मौका है जब फेडरल रिजर्व ने ब्याज दर में वृद्धि की है। इससे पहले, दिसम्बर 2015 में वृद्धि की गई थी। उन्होंने कहा, ‘‘निर्णय करते समय मैं और मेरे सहयोगियों ने अधिकतम रोजगार तथा कीमत स्थिरता के दोहरे लक्ष्य की दिशा में अर्थव्यवस्था के बेहतर प्रदर्शन को माना।
• समिति ने ज्यादा से ज्यादा रोजगार सृजन तथा दो फीसद मुद्रास्फीति के हमारे लक्ष्य के संदर्भ में ठोस प्रगति को देखते हुए फेडरल फंड रेट में हल्की वृद्धि को उचित माना।’येलेन ने कहा कि वर्ष के मध्य से आर्थिक वृद्धि में तेजी आई है।
• उन्होंने कहा कि आय लाभ के साथ परिवार का खर्च लगातार धीरे-धीरे बढ़ रहा है। हालांकि ऊर्जा क्षेत्र में स्थिरीकरण के बावजूद व्यापार माहौल अभी नरम बना हुआ है।फेडरल रिजर्व की प्रमुख ने कहा, ‘‘कुल मिलाकर हम उम्मीद करते हैं कि अर्थव्यवस्था अगले कुछ साल में सामान्य रूप से वृद्धि करेगी।
• पिछले तीन महीने से रोजगार में औसतन करीब 180,000 प्रति महीने की वृद्धि हो रही है। मंदी के बाद करीब सात साल में 1.5 करोड़ से अधिक रोजगार सृजित हुए हैं। नवम्बर में बेरोजगारी दर घटकर 4.6 फीसद पर आ गई जो मंदी से पहले 2007 के बाद न्यूनतम स्तर है।’
5. सिन्धु जल संधि पर पाक से सीधे बात करेगा भारत
• सरकार ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत हमेशा ही सिंधु जल संधि, 1960 के मूल स्वरूप तथा भावना से जुड़ा रहा है। पाकिस्तान से भी यही अपेक्षा की जाती है कि वह इस संधि का पालन करे तथा सिंधु और एवं इसकी सहायक नदियों के पूर्ण विकास को बाधित नहीं करे।
• विदेश राज्यमंत्री वीके सिंह ने एक सवाल के जवाब में राज्यसभा में कहा कि वर्तमान में सिंधु जल संधि, 1960 में भारत तथा पाकिस्तान के बीच सिंधु नदी पण्राली के पानी को साझा करने तथा इस नदी के पानी का संपूर्ण तथा संतोषजनक उपयोग करने का आधार है।
• सिंधु नदी पर विश्व बैंक द्वारा दिए गए फैसले के बाद भारत ने न केवल संतोष जताया है बल्कि इस मामले को लेकर पाकिस्तान की आपत्तियों का द्विपक्षीय ढंग से निस्तारण करने के लिए सीधे पाकिस्तान से बातचीत करेगा। भारत और पाकिस्तान के बीच सीमा पर चल रहे युद्ध विराम के उलंघन के साथ-साथ सिंधु जल संधि भी एक बड़ा मसला बन गया है जिसे पाकिस्तान ने विश्व बैंक के समक्ष उठाया था।
• विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत का हमेशा से यह मानना रहा है कि सिंधु जल संधि के क्रियान्वयन खासकर तकनीकी सवालों और मतभेदों का समाधान भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय ढंग से होना चाहिए। स्वरूप ने कहा कि ऐसे कई उदाहरण हैं कि अनेक मसलों का समाधान स्थायी सिंधु आयोग के तहत द्विपक्षीय रूप से हुआ हैं।
• 1978 में सलाल पनबिजली परियोजना ऐसा ही एक उदाहरण है। इस संधि की अंतर्निहित पण्राली के तहत जब समाधान खोजे जाने की संभावना मौजूद है तो ऐसा कोई कारण नहीं है कि तकनीकी मानकों पर पाकिस्तान द्वारा उठाई गई आपत्तियों का समाधान दोनों ओर के पेशेवर तकनीकी विशेषज्ञ नहीं निकाल सकें।
• स्वरूप ने कहा कि भारत ने विश्व बैंक को सलाह दी थी कि वह समाधान के लिए परामर्श की दो समानांतर प्रक्रियाएं शुरू न होने दे और इस मसले पर अधिक विचार मंथन करे।
6. अंतरराष्ट्रीय आतंकी कभी घोषित नहीं हो पाएगा मसूद
• आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय मुहिम को भी चीन के कदम से बहुत झटका लगने वाला है। तमाम आतंकी घटनाओं को अंजाम देने वाले आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र का प्रतिबंध लगाने की भारतीय कोशिशों को चीन हमेशा के लिए नाकाम कर सकता है।
• पिछले एक वर्ष के भीतर चीन दो बार वीटो कर मसूद अजहर को प्रतिबंध से बचा चुका है और ऐसी उम्मीद है कि इस महीने के अंत तक चीन इस प्रस्ताव को हमेशा के लिए रद करने के लिए वीटो करेगा।
• भारत सरकार को भी इस बात का अंदेशा हो गया है और विदेश मंत्रलय लगभग मान चुका है कि अजहर पर नकेल कसने की उसकी लड़ाई कई वर्ष पीछे चली जाएगी।
• विदेश मंत्रलय के सूत्रों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है कि चीन मसूद के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव 1267 के तहत प्रतिबंध लगाने की कोशिशों को रद करवाएगा। इसके पहले वर्ष 2009 में भी चीन ने ऐसा ही किया था। तब चीन के साथ ब्रिटेन न भी तकनीकी आधार पर भारत के प्रस्ताव को हमेशा के लिए खारिज करवा दिया था।
• उसके बाद भारत को मसूद अजहर के खिलाफ प्रस्ताव लाने में छह वर्ष लग गये। पिछले एक वर्ष से भारत ने चीन के राष्ट्रपति व विदेश मंत्री से लेकर उसके राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार तक के स्तर पर अजहर पर प्रतिबंध लगाने की जरुरत पर समझाने की कोशिश की है।
• पीएम नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति शी चिनफिंग की द्विपक्षीय वार्ता में तीन बार इस बारे में वार्ता हो चुकी है। हालांकि इस दौरान चीन के रुख में कोई बदलाव नहीं आया। चीन के विदेश मंत्रलय ने सोमवार को कहा है कि वह इस मामले पर भारत के साथ बातचीत करता रहेगा लेकिन संयुक्त राष्ट्र के तहत प्रतिबंध लगाने को लेकर उसके मत में कोई बदलाव नहीं आया है।
• दरअसल, संयुक्त राष्ट्र के जिस नियम के तहत भारत मसूद पर प्रतिबंध लगाने की कोशिश कर रहा है उसके तहत एक बार प्रस्ताव के गिर जाने के तीन महीने बाद ही उस पर दोबारा वोटिंग हो सकती है। ऐसा दो बार हो चुका है। तीसरी बार प्रस्ताव को लेकर वीटो करने वाले देश के पास यह अधिकार होता है कि वह इसे हमेशा के लिए रद करवा दे।
7. न्यूट्रॉन सितारे लगातार छोड़ रहे गुरुत्व तरंगें
• ब्रह्माण्ड में तेजी से घूम रहे न्यूट्रॉन सितारों को लेकर चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। भारतीय वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि इनमें से बहुत से सितारे लगातार गुरुत्वीय तरंगें मुक्त कर रहे हैं। इन तरंगों की पहचान के लिए सावधानीपूर्वक अवलोकन की जरूरत है।
• मुंबई स्थित टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च के शोधकर्ता सुदीप भट्टाचार्य और अमेरिका के मैसायुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के दीप्तो चक्रवर्ती ने न्यूट्रॉन सितारों से जुड़ी यह खोज की है।
• उनका कहना है कि प्रायोगिक रूप से कुछ न्यूट्रॉन सितारों को अपनी धुरी पर बहुत तेजी से घूमना चाहिए। यह गति अब तक ज्ञात किसी भी न्यूट्रॉन सितारे की गति से कहीं ज्यादा यादा होनी चाहिए, जबकि ऐसा नहीं है। इनकी धीमी गति तभी संभव है जब इनसे लगातार गुरुत्वीय तरंगें उत्सर्जित होती रहें।
• क्या हैं न्यूट्रॉन सितारे : अत्यधिक घनत्व वाले बहुत छोटे सितारों को न्यूट्रॉन सितारा कहा जाता है। इनकी मुट्ठीभर मिट्टी का वजन धरती पर स्थित किसी बड़े पहाड़ के वजन के बराबर होता है।
• इन सितारों का आकार बमुश्किल किसी छोटे से शहर जितना होता है, लेकिन माना जाता है कि इनमें सूर्य से भी ज्यादा यादा पदार्थ समाहित है।
8. अगस्ता घोटाले की तह तक पहुंचने की तैयारी
• पूर्व वायुसेनाध्यक्ष एसपी त्यागी के साथ दो अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ ही जांच एजेंसियां अगस्तावेस्टलैंड हेलीकॉप्टर घोटाले की तह तक पहुंचने की तैयारी में जुट गई है। वैसे मामले की राजनीतिक संवेदनशीलता को देखते हुए एजेंसियां कुछ भी बोलने से बच रही हैं। लेकिन माना जा रहा है कि एजेंसियों ने उन कंपनियों की पहचान कर ली हैं, जिनके मार्फत घोटाले में दलाली रकम ‘परिवार’ को देने के लिए भारत लाया गया था।
• लोकसभा में संसदीय कार्यमंत्री अनंत कुमार के हेलीकॉप्टर घोटाले को लेकर कांग्रेस पर हमले को इसी से जोड़कर देखा जा रहा है।
• , अगस्ता घोटाले की जांच के सिलसिले में एजेंसियों को तीन भारतीय कंपनियों का पता चला था। इनमें 86 करोड़ रुपये दुबई, सिंगापुर और मारिशस की कंपनियों के मार्फत आए थे।
• इन विदेशी कंपनियों में घोटाले की रकम जाने के सुबूत पहले ही मिल चुके हैं। प्रवर्तन निदेशालय ने 20 जून को इन कंपनियों के मुंबई, दिल्ली और हैदराबाद में 10 ठिकानों पर छापा मारा था।
• छापे में इन कंपनियों के कंप्यूटर की हार्डडिस्क समेत अहम दस्तावेज बरामद किए गए। इसके साथ ही इन कंपनियों में विदेशी कंपनियों के 86 करोड़ रुपये के ट्रांस्फर किये गए शेयर को भी जब्त कर लिया गया था।
• वैसे इन तीन कंपनियों के खिलाफ आगे की जांच के बारे में एजेंसियां कुछ भी नहीं बोल रही हैं। अभी तक न तो इन कंपनियों का नाम बताया गया है और न ही इनके निदेशकों की जानकारी दी गई है। एजेंसियों की चुप्पी से इन कंपनियों से जुड़ी जांच की संवेदनशीलता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
• गौरतलब है कि इन तीन कंपनियों पर छापे से एक महीना पहले रक्षा मंत्री मनोहर र्पीकर ने दावा किया था कि अगस्तावेस्टलैंड घोटाले की जांच का अंजाम बोफोर्स की तरह नहीं होने दिया जाएगा। दरअसल घोटाले के मुख्य दलाल क्रिश्चियन मिशेल ने दलाली की रकम के बंटवारे का नोट बनाया था, जो अब एजेंसियों के पास है।
• इस नोट के अनुसार मिशेल के मार्फत कुल 42 मीलियन यूरो की दलाली बांटी गई थी। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा 16 मीलियन यूरो ‘परिवार’ को मिला था। मिशेल ने खुद के लिए 12 मीलियन यूरो रख लिया था।
• जून में जिन तीन कंपनियों पर छापा मारा गया था, उनमें 86 करोड़ रुपये की रकम आठ साल पहले के रेट के हिसाब से 16 मीलियन यूरो ही बनता है।
Sorce of the News (With Regards):- compile by Dr Sanjan,Dainik Jagran(Rashtriya Sanskaran),Dainik Bhaskar(Rashtriya Sanskaran), Rashtriya Sahara(Rashtriya Sanskaran) Hindustan dainik(Delhi), Nai Duniya, Hindustan Times, The Hindu, BBC Portal, The Economic Times(Hindi& English)

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