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Thursday, December 01, 2016

दैनिक समसामयिकी 30 November 2016(Wednesday)

1.बिना र्चचा के ‘‘धन विधेयक’ लोकसभा में पारित
• लोकसभा ने मंगलवार को कराधान विधि दूसरा संशोधन विधेयक को विपक्षी सदस्यों के हंगामे के बीच बिना र्चचा के पारित कर दिया। इसमें सरकार के नोटबंदी के फैसले के बाद बैंक खातों में जमा धन पर कर संबंधी प्रावधान किए गए हैं।
• वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सोमवार को हंगामे के बीच ही कराधान विधि (दूसरा संशोधन) विधेयक, 2016 को पेश किया और मंगलवार को इसे र्चचा के बाद पारित करने के लिए सदन की कार्यसूची में रखा गया था। हालांकि विधेयक पर र्चचा से पहले नोटबंदी के मुद्दे पर कार्यस्थगन के प्रावधान के तहत र्चचा शुरू कराने की मांग पर विपक्ष का विरोध जारी रहा।

• सदन ने हंगामे में ही र्चचा के बगैर विधेयक को ध्वनिमत से पारित कर दिया। आयकर अधिनियम, 1961 और वित्त अधिनियम, 2016 का और संशोधन करने वाला यह विधेयक ‘‘धन विधेयक’ है।जेटली ने कहा कि सरकार सत्ता में आने के बाद से कालेधन पर कई कदम उठा चुकी है।
• उसी क्रम में गत आठ नवम्बर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 500 और 1000 रपए के नोटों को अमान्य करने की घोषणा की थी। उन्होंने कहा कि सरकार आयकर अधिनियम में संशोधन लाई है। इसमें प्रावधान है कि जो लोग अपना अघोषित धन बैंक में जमा कर उसकी जानकारी देते हैं तो उन्हें 50 प्रतिशत कर, जुर्माना और अधिभार अदा करना होगा।
• 25 प्रतिशत राशि उन्हें वापस मिल जाएगी और शेष 25 प्रतिशत राशि चार साल बाद मिलेगी, जो गरीब कल्याण कोष में जमा की जाएगी।

2. सरकारी बैंकों के फंसे कर्ज सितंबर तिमाही में 80,000 करोड़ बढ़े
• सरकारी बैंकों के फंसे कर्ज यानी एनपीए जुलाई से सितंबर में 14.5% यानी 79,977 करोड़ रुपए बढ़े हैं। 30 सितंबर तक इसका आंकड़ा बढ़कर 6,30,323 करोड़ रुपए पर पहुंच गया है।
• यह 30 जून को खत्म हुई चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 5,50,346 करोड़ रुपए था। इसे रोकने के लिए सरकार इन्फ्रास्ट्रक्चर, पॉवर, रोड टेक्सटाइल, स्टील सेक्टर में जरूरी कदम उठा रही है।
• सबसे ज्यादा एनपीए इन्हीं सेक्टर में है। केंद्रीय राज्यी वित्त मंत्री संतोष कुमार गंगवार ने राज्युसभा में मंगलवार को एक लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।
• उन्होंने बताया कि सरकार इनसॉल्वेंासी एंड बैंकरप्सी कोड (आईबीसी) लागू कर और सारफेसी एक्ट में संशोधन के जरिए बैंकों के फंसे कर्ज की वसूली करवाने के प्रयास कर रही है। सारफेसी एक्ट का पूरा नाम सिक्यूरिटाइजेशन एंड रिकंस्ट्रक्शन ऑफ फाइनेंशियल एसेट्स एंड एनफोर्समेंट ऑफ सिक्यूरिटी एक्ट है।
• इसके अलावा रिजर्व बैंक भी कॉरपोरेट डेट रिस्ट्रक्चरिंग, जॉइंट लीडर्स फोरम, स्ट्रैटेजिक डेट रिस्ट्रक्चरिंग और सस्टेनेबल रिस्ट्रक्चरिंग जैसे उपाय कर एनपीए पर काबू पाने की कोशिश कर रहा है।
• एक अन्य जवाब में गंगवार ने बताया कि आयरन और स्टील सेक्टर को जून 2016 तक 2.80 लाख करोड़ रुपए का कर्ज दिया गया था। इसमें से 44.54% यानी 1.24 करोड़ रुपए के कर्ज की वसूली नहीं हो पा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार ने कॉरपोरेट सेक्टर के लिए कोई लोन माफी नहीं की है।
• उन्होंने बताया कि रिजर्व बैंक ने बैंकों को फंसे कर्ज को मुख्यालय स्तर पर राइट आॅफ करने (बट्टे खाते में डालने) की अनुमति दी है। जबकि शाखा के स्तर पर वसूली की प्रक्रिया जारी रहती है।
3. फिच ने आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान घटाया
• प्रमुख रेटिंग एजेंसी फिर रेटिंग्स ने नोटबंदी के मद्देनजर मौजूदा वित्त वर्ष में भारत की जीडीपी वृद्धि दर 6.9 फीसद रहने का नया अनुमान व्यक्त किया है जबकि पहले उसने 7.4 फीसद का अनुमान व्यक्त किया था।रेटिंग एजेंसी ने कहा है कि नोटबंदी के बाद आर्थिक गतिविधियों में ‘‘मामूली व्यवधान’ आएगा।
• एजेंसी ने एक रपट में कहा है कि भारत सरकार के नोटबंदी के फैसले से उपजे नकदी संकट का असर अक्टूबर-दिसम्बर तिमाही में आर्थिक गतिविधियों पर पड़ेगा।सरकार ने आठ नवम्बर को नोटबंदी की घोषणा की और 500 व 1000 रपए के मौजूदा नोटों को चलन से बाहर कर दिया।
• इस तरह से लगभग 86 फीसद मुद्रा एक साथ ही चलन से बाहर हो गई।एजेंसी ने एक रपट ‘‘नियंतण्र आर्थिक परिदृश्य नवम्बर’ में कहा है, ‘‘आरबीआई द्वारा बड़ी राशि के बैंक नोटों को चलने से बाहर करने के आश्र्चयजनक कदम के मद्देनजर आर्थिक गतिविधियों में अस्थाई व्यवधान को देखते हुए भारतीय वृद्धि दर अनुमान में कमी की गई है।’ इस अमेरिकी एजेंसी ने 2017-18 व 2018-19 के लिए भी अपने वृद्धि दर अनुमान को संशोधित कर क्रमश: 7.7 फीसद व आठ फीसद किया है।
• इसके अनुसार, ‘‘ढांचागत सुधार एजेंडे के क्रमिक कार्यान्वयन से उच्च वृद्धि में योगदान की उम्मीद है।’ खर्च करने योग्य आय व सरकारी कर्मचारियों के वेतन में लगभग 24 फीसद बढ़ोतरी से भी इसे बल मिलेगा। नोटबंदी के बारे में इसमें कहा गया है कि ग्राहकों के पास खरीदारी के लिए नकदी नहीं है, आपूत्तर्ि श्रृंखला के बाधित होने व किसानों को खाद बीज खरीदने में दिक्कतों के भी समाचार हैं।
• इसमें कहा गया है,‘‘सबसे महत्वपूर्ण बात तो यह है कि नोटबंदी एक ही बार की जा सकती है। असंगठित क्षेत्रों में काम करने वाले अपनी संपत्ति को छुपाने के लिए नए नोट व अन्य विकल्पों का इस्तेमाल कर सकेंगे।
4. सीपीईसी में शामिल नहीं होगा रूस
• चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (सीपीईसी) में रूस शामिल नहीं होगा। इस संबंध में पाक के साथ गुपचुप बातचीत की मीडिया रिपोर्टो को उसने खारिज कर दिया है। रूसी विदेश मंत्रलय ने एक बयान जारी कर कहा है कि सीपीईसी में शामिल होने को लेकर उसकी पाक के साथ कोई चर्चा नहीं हुई है।
• बयान में कहा गया है,‘सीपीईसी में शामिल होने को लेकर पाक और रूस के बीच गुप्त वार्ता होने की खबरें पाकिस्तानी मीडिया में आई हैं।
• ये वास्तविकता से परे हैं। इसको लेकर रूस ने पाक से कभी कोई बातचीत नहीं की है। पाकिस्तान के साथ रूस के कारोबारी और आर्थिक सहयोग का अपना महत्व है और हम इसे मजबूती देने की कोशिशें कर रहे हैं।’
• गौरतलब है कि इस सप्ताह की शुरुआत में पाकिस्तानी मीडिया ने बताया था कि रूस को ग्वादर बंदरगाह के इस्तेमाल की इजाजत दी गई है। इसमें कहा गया था कि सीपीईसी में शामिल होने की इछा जताने के बाद रूस को यह इजाजत मिली है।
• पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने भी पिछले दिनों कहा था कि कई देश सीपीईसी में शामिल होना चाहते हैं। भारत की आपत्तियों के बावजूद गुलाम कश्मीर से गुजरने वाले इस गलियारे का निर्माण किया जा रहा है।
5. महा वजीरालोंगकर्ण थाईलैंड के नए राजा होंगे, विवादों में भी रहे
• थाईलैंड के युवराज महा वजीरालोंगकर्ण देश के नए नरेश होंगे। उनके नाम को कैबिनेट ने मंजूरी देकर संसद के पास भेजा है। जहां से उसे मंजूरी मिलना तय है। महा वजीरालोंगकर्ण को लंबे समय तक राजा नहीं बनाए जाने से कई तरह की अटकलें चल रही थीं।
• थाई नरेश भूमिबल अतुल्यतेज का 13 अक्टूबर को निधन हो गया था तब से यह सिंहासन रिक्त है। वजीरालोंगकर्ण थाई नरेश के एकमात्र पुत्र हैं और उन्हें 28 दिसंबर 1972 को देश का युवराज घोषित किया गया था। वे फिलहाल जर्मनी में हैं और बुधवार को उनके बैंकॉक लौटने की संभावना है।
उप प्रधानमंत्री प्रवित वोंगसुवान ने बताया कि उत्तराधिकार कानून के मुताबिक सीढ़ी-दर-सीढ़ी चल कर नए नरेश को नियुक्त किया जा रहा है।
• प्रधानमंत्री के सचिव कैबिनेट की विशेष बैठक के फैसले से संसद को अवगत कराएंगे। तब संसद के स्पीकर औपचारिक रूप से युवराज को सिंहासन संभालने के लिए आमंत्रित करेंगे। उन्होंने बताया कि संसद के स्पीकर एक या दो दिन में युवराज से मिलेंगे।
• थाईलैंड में नरेश को शासन पर नाममात्र के अधिकार हैं। लेकिन यह दुनिया के सबसे अमीर राजघरानों में से एक है। शासन कोई भी चलाए उसके लिए औपचारिक इजाजत राजा से ही ली जाती है। सेना भी तख्ता पलट करने के बाद राजा से शासन चलाने की इजाजत लेती है।
• भूमिबल अतुल्यतेज ने सिंहासन पर अपने सात दशक के कार्यकाल में यह सम्मान अर्जित किया है। राजा की आलोचना नहीं हो सकती और उनके प्रति असम्मान प्रकट नहीं किया जा सकता।
Sorce of the News (With Regards):- compile by Dr Sanjan,Dainik Jagran(Rashtriya Sanskaran),Dainik Bhaskar(Rashtriya Sanskaran), Rashtriya Sahara(Rashtriya Sanskaran) Hindustan dainik(Delhi), Nai Duniya, Hindustan Times, The Hindu, BBC Portal, The Economic Times(Hindi& English)

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